आगरा: डॉ. भीमराव आम्बेडकर विश्वविद्यालय, आगरा के सेठ पदम चंद जैन प्रबंध संस्थान में एमबीए पाठ्यक्रम के अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों के लिए मंगलवार को एक भव्य, भावपूर्ण और यादगार विदाई समारोह का आयोजन किया गया।

इस समारोह में रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, संगीत, नृत्य, सम्मान और भावनात्मक पलों का अद्भुत संगम देखने को मिला। पूरे कार्यक्रम के दौरान उत्साह, उमंग और अपनत्व का ऐसा वातावरण बना रहा जिसने विद्यार्थियों, शिक्षकों और उपस्थित सभी अतिथियों को भावुक भी किया और प्रेरित भी।
कार्यक्रम का शुभारंभ छात्रा गुंजन द्वारा प्रस्तुत गणेश वंदना से हुआ। उनकी प्रस्तुति ने पूरे सभागार को आध्यात्मिक ऊर्जा और सकारात्मक वातावरण से भर दिया। इसके बाद सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शानदार श्रृंखला आरंभ हुई, जिसमें जूनियर और सीनियर विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सभी का मन मोह लिया।
खुशी शर्मा ने ‘गल बन गई’, ‘फॉर्च्यूनर’ और ‘मोरनी बनके’ जैसे ऊर्जावान गीतों पर आकर्षक नृत्य प्रस्तुत किया। उनकी ऊर्जा, आत्मविश्वास और मंच संचालन ने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। वहीं ट्विंकल सिंह ने ‘लॉन्ग इलायची’, ‘डांस पे चांस’ और ‘देसी गर्ल’ जैसे लोकप्रिय गीतों पर शानदार प्रस्तुति देकर सभी की खूब तालियाँ बटोरीं। उनके प्रदर्शन ने कार्यक्रम में और अधिक उत्साह भर दिया।
शिवांगी ने ‘घूमर’, ‘चोगाड़ा थारा’, ‘रंगीला थारा ढोलना’ और ‘नगाड़े संग ढोल बाजे’ जैसे गीतों पर पारंपरिक अंदाज़ में मनमोहक प्रस्तुति दी। उनकी प्रस्तुति में भारतीय संस्कृति और लोकनृत्य की सुंदर झलक दिखाई दी, जिसे उपस्थित लोगों ने विशेष रूप से सराहा। अवनि और शिल्पी की जोड़ी ने ‘मैं थारी बावरी हो गई’, ‘दीवानगी दीवानगी’, ‘मौज मोजा’ और ‘बॉयफ्रेंड’ जैसे गीतों पर शानदार तालमेल के साथ नृत्य प्रस्तुत कर पूरे सभागार को रोमांचित कर दिया।
कार्यक्रम में संगीत का रंग भरते हुए खुशी दिवाकर ने अपनी मधुर आवाज़ में शानदार गायन प्रस्तुत किया। उनके सुरों ने माहौल को सुरमयी बना दिया और श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। सीनियर विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों में वैशाली तिवारी और अदिति श्रीवास्तव ने ‘आइथे आ’ और ‘दिल चोरी सड्डा हो गया’ जैसे गीतों पर प्रभावशाली नृत्य प्रस्तुत किया। उनकी प्रस्तुति ने दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया।
वहीं प्रियंशी, शिवानी, नुपुर और जैती के समूह ने ‘कोला वेरी’, ‘तुमसे मिलके दिल का हाल’, ‘लेट्स नाचो’ और ‘सोनी दे नखरे’ जैसे गीतों पर ऊर्जावान समूह नृत्य प्रस्तुत कर पूरे सभागार को उत्साह से भर दिया। समूह की समन्वित प्रस्तुति और जोशपूर्ण अंदाज़ ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया।
समारोह के दौरान केवल मनोरंजन ही नहीं, बल्कि भावनात्मक और प्रेरणादायक क्षण भी देखने को मिले। सीनियर विद्यार्थियों ने मंच पर आकर अपने कॉलेज जीवन के अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि एमबीए के दौरान उन्होंने न केवल शैक्षणिक ज्ञान प्राप्त किया, बल्कि जीवन को समझने, चुनौतियों का सामना करने और टीमवर्क की महत्ता को भी सीखा। उन्होंने जूनियर विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे अपने समय का सदुपयोग करें, निरंतर सीखते रहें और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहें।
सीनियर विद्यार्थियों ने अपने शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संस्थान ने उन्हें केवल डिग्री ही नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, अनुशासन और जीवन में आगे बढ़ने की दिशा भी दी है। इस दौरान कई छात्र-छात्राएं भावुक भी हो गए, क्योंकि कॉलेज जीवन की यादें, मित्रता और शिक्षकों का स्नेह उनके लिए हमेशा विशेष रहेगा।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को विभिन्न विशेष उपाधियों से सम्मानित भी किया गया। “मिस्टर फेयरवेल” का खिताब विश्वजीत सिकरवार को प्रदान किया गया, जबकि “मिस फेयरवेल” का सम्मान खुशबू बघेल को मिला। “मिस्टर ऑल राउंडर” के रूप में आर्यन गंगवार को चुना गया, जबकि “मिस ऑल राउंडर” का सम्मान शिवानी शर्मा को दिया गया। “मिस्टर पर्सनालिटी” का खिताब आशीष यादव को तथा “मिस पर्सनालिटी” का सम्मान प्रियांशी पाल को प्रदान किया गया।
इन उपाधियों की घोषणा के समय पूरे सभागार में उत्साह और तालियों की गूंज सुनाई दी। सम्मान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दे रही थी। यह सम्मान उनके व्यक्तित्व, प्रतिभा, नेतृत्व क्षमता और संस्थान में उनके योगदान का प्रतीक बना।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर समन्वयक डॉ. स्वाति माथुर ने सभी विद्यार्थियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि यह विदाई अंत नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत है। जीवन के हर पड़ाव पर सीखने की प्रक्रिया जारी रहती है और यही अनुभव विद्यार्थियों को सफलता की ओर ले जाते हैं।
निदेशक प्रोफेसर बृजेश रावत ने अपने संबोधन में कहा कि जीवन का यह नया सफर चुनौतियों और अवसरों से भरा होगा। विद्यार्थियों को निरंतर मेहनत, सकारात्मक सोच और दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि सपनों को साकार करने के लिए केवल प्रतिभा ही नहीं, बल्कि निरंतर प्रयास, अनुशासन और आत्मविश्वास भी आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपेक्षा जताई कि वे अपने ज्ञान और क्षमता का उपयोग समाज और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए करेंगे।
इस अवसर पर डॉ. वाई.के. शर्मा, डॉ. रुचिरा प्रसाद, डॉ. सीमा सिंह, डॉ. श्वेता चौधरी, श्वेता गुप्ता, लकी आर्य, दिनेश पचौरी और पूजा सहित संस्थान के अन्य गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया और उनके बेहतर भविष्य की कामना की।
पूरे समारोह में उत्साह, उमंग, अपनापन और भावनाओं का सुंदर संगम देखने को मिला। यह विदाई समारोह केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं था, बल्कि विद्यार्थियों के जीवन के एक महत्वपूर्ण अध्याय का भावनात्मक समापन और नए भविष्य की प्रेरणादायक शुरुआत भी था। यह आयोजन विद्यार्थियों को जीवन की नई उड़ान भरने, अपने सपनों को साकार करने और सफलता की ऊँचाइयों तक पहुँचने के लिए प्रेरित करता हुआ संपन्न हुआ।

