✦ डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में गुजरात स्थापना दिवस की तैयारियां जोरों पर
✦ कुलपति प्रो. आशु रानी के मार्गदर्शन में होंगे विविध सांस्कृतिक, शैक्षिक व सामाजिक कार्यक्रम
✦ ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की भावना के तहत विद्यार्थियों को मिलेगा विविध अनुभव
आगरा। राज्यपाल सचिवालय उत्तर प्रदेश लखनऊ के निर्देशों के अनुपालन में डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में 1 मई 2026 को गुजरात स्थापना दिवस को उल्लासपूर्वक मनाने की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से विभिन्न विभागों को जिम्मेदारियां सौंपते हुए सांस्कृतिक, शैक्षिक और सामाजिक गतिविधियों की व्यापक रूपरेखा तैयार की गई है। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य विद्यार्थियों को गुजरात की सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना और राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत करना है।
विश्वविद्यालय परिसर में इस अवसर पर अनेक रंगारंग और ज्ञानवर्धक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सांस्कृतिक गतिविधियों के अंतर्गत गरबा, रास और पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत किए जाएंगे, जिनके माध्यम से गुजरात की समृद्ध लोक संस्कृति और परंपराओं को प्रदर्शित किया जाएगा। इन आयोजनों में विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी, जिससे वे विविध सांस्कृतिक धरोहरों को नजदीक से समझ सकें।
स्वास्थ्य और पर्यावरण जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए साइकिल रैली, दोपहिया वाहन रैली और पदयात्रा का आयोजन किया जाएगा। इन रैलियों के माध्यम से स्वच्छ पर्यावरण, स्वस्थ जीवनशैली और सामाजिक जागरूकता का संदेश दिया जाएगा। विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में जिम्मेदारी और अनुशासन की भावना को विकसित करते हैं।
शैक्षिक गतिविधियों के तहत विद्यार्थियों को विभिन्न संस्थानों, ऐतिहासिक स्थलों, सीमावर्ती क्षेत्रों, मंदिरों, जंगलों, डेयरी और गन्ना मिल जैसे स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा। इन भ्रमण कार्यक्रमों का उद्देश्य विद्यार्थियों को व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करना और उन्हें वास्तविक जीवन से जोड़ना है। इससे उनका शैक्षिक अनुभव और अधिक व्यापक और उपयोगी बनेगा।
सामाजिक सरोकारों के अंतर्गत गोद लिए गए गांवों में स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा। साथ ही एचपीवी वैक्सीनेशन कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे, जिससे स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा मिलेगा। टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के तहत टीबी पोषण पोटली का वितरण किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय के सामुदायिक रेडियो को सौंपी गई है। यह इकाई लंबे समय से जनस्वास्थ्य जागरूकता में सक्रिय भूमिका निभा रही है।
इसके अतिरिक्त कस्तूरबा गांधी विद्यालयों में स्वच्छता और टीकाकरण अभियान भी चलाया जाएगा, जिससे ग्रामीण एवं वंचित वर्ग तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित की जा सके।
कार्यक्रमों की श्रृंखला में पारंपरिक परिधानों का फैशन शो, बापू बाजार, फिल्म प्रदर्शन और खेल प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया जाएगा। इन गतिविधियों में विभिन्न विभागों के शिक्षक और छात्र उत्साहपूर्वक भाग लेंगे। इससे विद्यार्थियों में रचनात्मकता, आत्मविश्वास और टीम भावना को बढ़ावा मिलेगा।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी निदेशकों और विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए हैं कि सभी कार्यक्रम समयबद्ध, व्यवस्थित और अनुशासित तरीके से संपन्न कराए जाएं। साथ ही सभी गतिविधियों की विस्तृत रिपोर्ट, फोटोग्राफ और वीडियो अधिष्ठाता छात्र कल्याण को समय पर उपलब्ध कराए जाएं, ताकि राज्यपाल सचिवालय को समेकित रिपोर्ट भेजी जा सके।
कुलपति प्रो. आशु रानी ने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक विविधता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करते हैं। गुजरात स्थापना दिवस केवल एक राज्य का उत्सव नहीं है, बल्कि यह भारत की विविध संस्कृति और एकता का प्रतीक है। विद्यार्थियों को इसे सीखने और समाज के प्रति अपने दायित्वों को समझने के अवसर के रूप में लेना चाहिए।
विश्वविद्यालय के कुलसचिव ने कहा कि यह बहुआयामी आयोजन विद्यार्थियों को सांस्कृतिक और सामाजिक रूप से समृद्ध करेगा। इससे उनमें राष्ट्र निर्माण के प्रति सकारात्मक सोच विकसित होगी और वे सक्रिय सहभागिता के माध्यम से समाज में योगदान दे सकेंगे।
