दुर्घटना में छात्रा की मृत्यु, बस संचालन में गंभीर लापरवाही उजागर
जांच में सामने आई स्कूल में अनियमितताएं और सुरक्षा नियमों का उल्लंघन
आगरा (ब्यूरो)। एत्मादपुर के गांव भागुपूर स्थित आरबीएस पब्लिक स्कूल की बस से कक्षा एक की 9 वर्षीय छात्रा कु नैना की दर्दनाक मृत्यु के बाद जिला प्रशासन ने तत्काल जांच शुरू की और अब तक कई ठोस कदम उठाए जा चुके हैं।मामले में स्कूल की मान्यता निरस्त की संस्तुति की गई है। वहीं स्कूल संचालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
गुरूवार को डीआईओएस चंद्रशेखर, बीएसए जितेंद्र गोंड व एबीएसए खंदौली दोपहर में स्कूल पहुंचे, जहां ताला लटका हुआ था। स्कूल संचालक मौके से फरार है। स्कूल बस में उतरने के लिए सीढी नहीं थी और उसकी जगह लकड़ी की तख्ती का उपयोग किया जा रहा था। बस में झटके लगने के कारण छात्रा बस के नीचे दब गई और उसकी मृत्यु हो गई।
जांच में पाया गया कि आरबीएस स्कूल को कक्षा 6 से 10 तक की मान्यता प्राप्त थी, लेकिन नर्सरी से लेकर कक्षा 1 से 8 और 9 से 11 तक की कक्षाएं भी स्कूल में संचालित हो रही थीं। बेसिक और माध्यमिक दोनों कक्षाएं एक ही परिसर में चल रही थीं, जो नियमों के प्रतिकूल है। स्कूल में चारदीवारी नहीं थी और परिसर में सुरक्षा की कोई पर्याप्त व्यवस्था नहीं पाई गई।
जांच टीम ने यह भी पाया कि स्कूल परिसर में प्रबंधक और प्रधानाचार्य का आवास, पशु पालन, चारा मशीन और जैनसैट मशीन मौजूद थीं। विद्युत का ट्रांसफार्मर स्कूल परिसर में रखा हुआ था और विद्यालय में प्रयुक्त सामग्री टूटी-फूटी और असुरक्षित पाई गई। विद्युत के लटके हुए तार और खराब शौचालय व मूत्रालय भी नियमों के विपरीत पाए गए। स्कूल बंद होने के बावजूद कक्षाएं संचालित हो रही थीं, जो बोर्ड के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन है।
इन गंभीर अनियमितताओं के कारण जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी और खंड शिक्षा अधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर कक्षा 6 से 10 तक की मान्यता रद्द करने की सिफारिश की गई। इसके अलावा स्कूल प्रबंधक और बस चालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। संभागीय परिवहन अधिकारी आगरा को निर्देश दिए गए हैं कि प्रबंधक, प्रधानाचार्य, बस चालक और परिचालक के खिलाफ कानून के तहत कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
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स्कूली बस हादसे के बाद चार अधिकारी निलंबित, प्रवर्तन अधिकारी के खिलाफ निलंबन की सिफारिश
आगरा/ लखनऊ। उत्तर प्रदेश परिवहन आयुक्त श्रीमती किंजल सिंह ने परिवहन मंत्री के निर्देशों के अनुपालन में आगरा जिले में तैनात चार यात्री/मालकर अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। निलंबित अधिकारियों में नीलम, अमित वर्मा, शारदा मिश्रा और शिव कुमार मिश्रा शामिल हैं। साथ ही शासन ने आगरा के सहायक संभागीय प्रवर्तन अधिकारी के निलंबन की भी सिफारिश की है।
परिवहन आयुक्त ने बताया कि 11 मार्च को अपराह्न 2:30 बजे आरबीएस हायर सेकेंडरी स्कूल, अगवार रोड, भागूपुर (हवेली), एत्मादपुर, आगरा में एक स्कूली बस से कक्षा एक की बच्ची की दुखद मृत्यु हुई थी। मृतक बच्ची के पिता द्वारा प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। उप परिवहन आयुक्त आगरा द्वारा अधिकारियों के साथ किए गए भौतिक निरीक्षण में बस की तकनीकी दशा खराब पाई गई, जबकि जनपद आगरा में तैनात प्रवर्तन अधिकारियों द्वारा वाहन के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की गई।
परिवहन आयुक्त ने बताया कि विभाग ने 15 जनवरी से 21 जनवरी और 01 जुलाई से 15 जुलाई 2025 तक विशेष चेकिंग अभियान चलाने के निर्देश सभी परिवहन अधिकारियों को दिए थे। इसके अलावा समय-समय पर स्कूली वाहनों और अनधिकृत संचालित वाहनों के खिलाफ सघन प्रवर्तन कार्यवाही के निर्देश भी जारी किए जाते रहे।
इन सबके बावजूद संबंधित अधिकारियों द्वारा कार्यों और मुख्यालय के निर्देशों के प्रति घोर उदासीनता और शिथिलता बरती गई, जो उत्तर प्रदेश सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली-1956 के नियमों का उल्लंघन है। निलंबन अवधि के दौरान सभी अधिकारी परिवहन आयुक्त कार्यालय से संबद्ध रहेंगे। श्री संजय सिंह, उप परिवहन आयुक्त (यात्रीकर) को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है, जो जांच प्रक्रिया पूरी कर एक माह के अंदर जांच आख्या प्रस्तुत करेंगे।
