आगरा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान से जुड़ने की अपील पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी सरकार के मंत्रियों और अधिकारियों से भी राष्ट्रहित में पेट्रोल, डीजल और अन्य ईंधन की बचत करने, प्राकृतिक संसाधनों के सीमित उपयोग और स्वदेशी अपनाने का संकल्प दोहराने की बात कही है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की इस पहल का स्वागत करते हुए बड़ा फैसला लिया है।

उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने सप्ताह में एक दिन पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही उन्होंने अपने साथ चलने वाली प्रोटोकॉल और गाड़ियों की फ्लीट को सीमित करते हुए सिर्फ एक गाड़ी का उपयोग करने की बात कही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरगामी सोच वैश्विक उथल-पुथल के बीच देश को मजबूती देने वाली है और राष्ट्रहित में ईंधन तथा प्राकृतिक संसाधनों का सदुपयोग बेहद जरूरी है।
योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि आज विश्वभर में युद्ध और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण विदेशी सामानों की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। ऐसे समय में स्वदेशी अपनाना और विदेशी वस्तुओं पर निर्भरता कम करना समय की जरूरत है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए स्वदेशी अपनाने और विदेशों से आयात होने वाले सामान के सीमित उपयोग का आह्वान किया है, जो निश्चित रूप से स्वागत योग्य कदम है।
उन्होंने कहा कि मैं पहले से ही राष्ट्र संपत्ति का सम्मान करते हुए राजकीय वाहन के सदुपयोग और प्राकृतिक संसाधनों के सीमित उपयोग का पक्षधर रहा हूं। सरकारी प्रोटोकॉल में भी मैं अपनी सुरक्षा संबंधी जरूरतों के साथ केवल एक वाहन का उपयोग करता रहा हूं। लेकिन अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आह्वान के बाद राष्ट्रहित में ईंधन और प्राकृतिक संसाधनों की बचत को लेकर और अधिक संकल्पित हूं।
उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कार्यकर्ताओं और आम लोगों से भी इस मुहिम से जुड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि सभी लोगों को ईंधन की खपत कम करने और राष्ट्रहित में स्वदेशी वस्तुओं को अपनाने की जरूरत है। यदि समाज के लोग छोटी-छोटी आदतों में बदलाव करें तो देश बड़े स्तर पर ईंधन और संसाधनों की बचत कर सकता है।
योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि आगामी दिनों में अधिकतर जरूरी मीटिंग और कार्यक्रम वर्चुअल माध्यम से संचालित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि वर्क फ्रॉम होम को भी प्राथमिकता दी जाएगी ताकि अनावश्यक यात्रा को कम किया जा सके और ईंधन की बचत हो। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर कार्यकर्ता और आमजन ई-वाहनों का उपयोग करें और सार्वजनिक परिवहन सेवाओं को अपनाएं।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो वह खुद भी मेट्रो और अन्य पब्लिक ट्रांसपोर्ट सेवाओं का उपयोग करने के लिए हमेशा तैयार हैं। उनका कहना था कि राष्ट्रहित में हर व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी और संसाधनों के संरक्षण को जीवनशैली का हिस्सा बनाना होगा।
योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यह पहल केवल एक सरकारी अभियान नहीं बल्कि भविष्य की जरूरत है। प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण, ईंधन की बचत और स्वदेशी को बढ़ावा देना आने वाली पीढ़ियों के लिए भी आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि यदि देश का हर नागरिक ईंधन बचाने, विदेशी वस्तुओं पर निर्भरता कम करने और स्वदेशी अपनाने का संकल्प ले तो भारत आर्थिक रूप से और अधिक मजबूत बन सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी सोच देश को आत्मनिर्भर भारत की दिशा में तेजी से आगे बढ़ा रही है।
उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि आज समय की मांग है कि लोग राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए अपनी जीवनशैली में बदलाव लाएं। उन्होंने कहा कि छोटी बचत भी बड़े परिणाम देती है और यही सोच देश को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाएगी।

