आगरा में संभावित बाढ़ को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। जिलाधिकारी मनीष बंसल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बाढ़ स्टेयरिंग कमेटी की बैठक में सभी विभागों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए। बैठक में बाढ़ चौकियों को दुरुस्त करने, नालों की सफाई, मेडिकल व राहत सामग्री की उपलब्धता, गोताखोरों व नावों की व्यवस्था तथा SDRF-NDRF से समन्वय स्थापित करने जैसे अहम बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।
आगरा। जनपद में संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी मनीष बंसल की अध्यक्षता में बाढ़ स्टेयरिंग कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद के सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को बाढ़ प्रबंधन के लिए पूरी सतर्कता और समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी ने बैठक में स्पष्ट किया कि बाढ़ जैसी आपदा से प्रभावी तरीके से निपटने के लिए पहले से तैयारियां सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। उन्होंने सभी तहसीलों के उपजिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि अपने-अपने क्षेत्रों में स्थापित बाढ़ चौकियों की स्थिति का निरीक्षण करें और जहां भी कमी हो, उसे तत्काल दुरुस्त कराया जाए। साथ ही प्रत्येक बाढ़ चौकी पर कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाए और वहां आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।

जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिए कि सभी बाढ़ चौकियों पर कर्मचारियों के मोबाइल नंबर, संबंधित थाना प्रभारी (SHO) के संपर्क नंबर, गोताखोरों की सूची और नाव मालिकों की जानकारी प्रमुखता से प्रदर्शित की जाए, ताकि आपातकालीन स्थिति में तुरंत संपर्क स्थापित किया जा सके। उन्होंने नावों की उपलब्धता सुनिश्चित करने और उनकी सूची तैयार रखने के भी निर्देश दिए।

नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायतों को शहर व कस्बों के नालों की समय से साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि जलभराव की स्थिति को रोकने के लिए नालों का साफ रहना अत्यंत आवश्यक है। इसी के साथ सिंचाई विभाग को नहरों की सफाई कराने, सॉइल बैग की पर्याप्त व्यवस्था रखने और कंट्रोल रूम व वाटर स्टेशन पर कर्मचारियों की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

स्वास्थ्य विभाग को बाढ़ के दौरान संभावित बीमारियों को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक दवाओं और मेडिकल किट को पहले से तैयार रखने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को समय पर चिकित्सा सुविधा मिलना बेहद जरूरी है, इसलिए स्वास्थ्य विभाग किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरते।
पशुपालन विभाग को भी निर्देशित किया गया कि बाढ़ के दौरान पशुओं के लिए पर्याप्त मात्रा में भूसा उपलब्ध रखा जाए और उनके टीकाकरण की व्यवस्था पहले से सुनिश्चित की जाए। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को इस संबंध में विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया।
बैठक में आपदा विशेषज्ञ शिवम कुमार मिश्रा को निर्देश दिए गए कि बाढ़ से संबंधित सभी टेंडर समय से पूर्ण कराए जाएं। साथ ही जनपद में कंट्रोल रूम की स्थापना, गोताखोरों की विस्तृत सूची तैयार करने और SDRF एवं NDRF टीमों के साथ समन्वय स्थापित करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जा सके।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) शुभांगी शुक्ला, सिंचाई विभाग के अधिकारी, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डीके पाण्डेय, जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार, विभिन्न तहसीलों के उपजिलाधिकारी, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
जिलाधिकारी ने अंत में सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाढ़ प्रबंधन से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहें, जिससे जनपद में जन-धन की हानि को न्यूनतम किया जा सके।
