आगरा। विश्व पुस्तक दिवस के अवसर पर रविवार को विजय नगर कॉलोनी स्थित आगरा पब्लिक स्कूल ऑडिटोरियम,में ताज लिटरेचर क्लब द्वारा भव्य साहित्य महोत्सव का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में आगरा सहित कई शहरों से आए प्रतिष्ठित कवि, कवयित्री और साहित्यकारों ने भाग लेकर साहित्यिक वातावरण को जीवंत कर दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि हाथरस से आए आशु कवि अनिल बोहरे, अध्यक्ष महेश चंद्र शर्मा, संस्थापक राजकुमार शर्मा, भावना वरदान शर्मा तथा अन्य विशिष्ट अतिथियों ने संयुक्त रूप से मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं माल्यार्पण के साथ किया गया। इसके बाद स्वामी लीला शाह सरस्वती विद्या मंदिर के नन्हे बच्चों ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत कर कार्यक्रम में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार किया।
भावना वरदान शर्मा ने कहा कि विश्व पुस्तक दिवस का उद्देश्य लोगों में पुस्तकों के प्रति रुचि बढ़ाना और पढ़ने की आदत को प्रोत्साहित करना है। उन्होंने बताया कि इसी उद्देश्य के साथ ताज लिटरेचर क्लब द्वारा यह साहित्य महोत्सव आयोजित किया गया, जिसमें पुस्तक विमोचन, साहित्य चर्चा और पुस्तक प्रदर्शनी जैसे विविध कार्यक्रम शामिल किए गए।
इस अवसर पर डॉ. अरविंद कपूर की अंग्रेजी कविताओं के संग्रह “एजिस ऑफ़ क्रीसेंडो” का विमोचन किया गया। इस संग्रह में जीवन के विभिन्न अनुभवों, भावनाओं और परिस्थितियों को कविताओं के माध्यम से अभिव्यक्त किया गया है, जिसे उपस्थित साहित्य प्रेमियों ने सराहा।
कार्यक्रम की काव्य संध्या में आगरा के साथ-साथ हाथरस, अकोला, दिल्ली, फिरोजाबाद और मथुरा से आए कवियों ने भाग लिया। कवियों ने वीर, श्रृंगार, ओज और सामाजिक विषयों पर आधारित कविताओं का पाठ कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
काव्य गोष्ठी में अकोला से कवयित्री अंशु छोंकर, अमरीश नाथ सहित अनेक साहित्यकारों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। मंच से कविता पाठ करने वाले प्रमुख कवियों में मीना गुप्ता, राजीव निस्पृह, सुषमा सिंह, राजेंद्र मिलन, अशोक अश्रु, डॉ. शशी गुप्ता, ब्रज बिहारी लाल बिरजू, प्रभु दत्त उपाध्याय, अमिता त्रिपाठी, विजया तिवारी, कामेश मिश्रा, चारुमित्रा, रश्मि जैन, महक, शेषपाल सिंह, संजय गुप्त, अशोक गोयल, डॉ. ऊषा गिल और अशोक अग्रवाल प्रमुख रहे।
कवयित्री अंशु छोंकर ने अपनी ओजपूर्ण रचनाओं से श्रोताओं को प्रभावित किया। उन्होंने वीरांगनाओं के शौर्य और आज की नारी की शक्ति को दर्शाती कविताएं प्रस्तुत कीं, जिन्हें खूब सराहना मिली। वहीं आशु कवि अनिल बोहरे ने व्यंग्यात्मक और विचारशील अंदाज में कविता प्रस्तुत कर श्रोताओं को सोचने पर मजबूर किया।
कवयित्री मीना शर्मा ने अपनी भावनात्मक रचना से प्रेम और संवेदनाओं को सुंदर शब्दों में प्रस्तुत किया, जिससे वातावरण भावविभोर हो गया। कार्यक्रम का संचालन अनुपमा दीक्षित द्वारा कुशलतापूर्वक किया गया।
इस साहित्यिक आयोजन में कार्तिकेय, अर्चना कपूर, चतुर्भुज तिवारी, जगन प्रसाद तेहरिया, गिराज दीक्षित, आनंद राय, नीतू तेहरिया, हेमलता, शैलेंद्र शर्मा, सुमित भारद्वाज सहित अनेक साहित्य प्रेमी और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
अंत में पुस्तक प्रदर्शनी और साहित्य चर्चा का आयोजन किया गया, जिसमें साहित्यकारों ने पुस्तकों के महत्व, साहित्य की भूमिका और समाज में उसकी उपयोगिता पर विचार साझा किए। पूरा आयोजन साहित्यिक उत्साह, सांस्कृतिक सौहार्द और रचनात्मक अभिव्यक्ति का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर संपन्न हुआ।

