आगरा: डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा के गृह विज्ञान संस्थान में फैमिली रिसोर्स मैनेजमेंट विभाग द्वारा पिडिलाइट के सहयोग से “हुनर हाट: प्रदर्शनी एवं विक्रय” का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्घाटन विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. आशु रानी के संरक्षण एवं मार्गदर्शन में किया गया। प्रदर्शनी में छात्राओं द्वारा तैयार किए गए हस्तनिर्मित उत्पादों ने सभी का ध्यान आकर्षित किया और उन्हें आत्मनिर्भरता, रचनात्मकता एवं उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने का व्यावहारिक मंच प्रदान किया।

वेस्ट मटेरियल से बने सजावटी उत्पाद, आर्टवर्क, दीये, मोमबत्तियां, वर्ली-लीपन कला सहित अनेक वस्तुओं की प्रदर्शनी एवं बिक्री की गई, जिसमें शिक्षकों और आगंतुकों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर छात्राओं का उत्साहवर्धन किया।

आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा के गृह विज्ञान संस्थान में गुरुवार को फैमिली रिसोर्स मैनेजमेंट विभाग द्वारा पिडिलाइट के सहयोग से “हुनर हाट: प्रदर्शनी एवं विक्रय” का भव्य आयोजन किया गया। यह आयोजन कुलपति प्रो. आशु रानी के संरक्षण एवं मार्गदर्शन में संपन्न हुआ और इसका उद्घाटन भी उनके द्वारा किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को व्यावहारिक प्रशिक्षण के साथ आत्मनिर्भरता और उद्यमिता के अवसर प्रदान करना था।

इस प्रदर्शनी में छात्राओं द्वारा तैयार किए गए विभिन्न हस्तनिर्मित उत्पादों ने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। विशेष रूप से घर के वेस्ट मटेरियल का उपयोग कर बनाए गए नाइट लैंप, सजावटी मोमबत्तियाँ, मिट्टी के पॉट पर कलाकृतियाँ, हस्तचित्रित आर्टवर्क, लीपन आर्ट, वर्ली आर्ट, शिल्प सामग्री, बंधनवार, पूजा की थालियां, दीये, ड्राई फ्लावर अरेंजमेंट और आकर्षक फ्लावर बुके जैसे उत्पाद प्रमुख आकर्षण रहे। इन सभी वस्तुओं को न केवल प्रदर्शित किया गया बल्कि बिक्री के लिए भी उपलब्ध कराया गया, जिससे छात्राओं को वास्तविक बाजार अनुभव प्राप्त हुआ।

कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को विपणन, मूल्य निर्धारण और ग्राहकों से संवाद का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी मिला। पिडिलाइट के सहयोग से तैयार इन उत्पादों में गुणवत्ता और नवाचार का विशेष समावेश देखने को मिला, जिससे छात्राओं की रचनात्मक क्षमता और अधिक निखरकर सामने आई।

इस अवसर पर छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं आगंतुकों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की और प्रदर्शित उत्पादों की सराहना करते हुए खरीदारी भी की। कार्यक्रम में उपस्थित शिक्षकों ने भी छात्राओं के उत्पादों की खरीद कर उनका उत्साह बढ़ाया और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। विशेष रूप से डॉ. मोनिका अस्थाना, डॉ. रत्ना पांडेय, डॉ. सुरभि सिंह और पूजा सक्सेना सहित अन्य शिक्षक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. प्रीति यादव (संयोजक) एवं डॉ. कविता सिंह (सह-संयोजक) द्वारा किया गया, जबकि डीन प्रो. अर्चना सिंह का भी महत्वपूर्ण सहयोग रहा। पूरे आयोजन में छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और उनके द्वारा तैयार उत्पादों की सभी ने सराहना की।
यह आयोजन “करके सीखने” की अवधारणा को साकार करता हुआ दिखाई दिया, जिसमें छात्राओं को अपनी रचनात्मकता प्रदर्शित करने के साथ-साथ व्यावसायिक दुनिया की समझ विकसित करने का अवसर मिला। इससे उनमें आत्मनिर्भरता, उद्यमिता और नवाचार की भावना को मजबूती मिली।
कुलपति प्रो. आशु रानी ने प्रदर्शनी की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन छात्रों को अपने हुनर को पहचानने और उसे व्यवसाय में बदलने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि छात्राओं ने वेस्ट मटेरियल से बहुत कम समय में उपयोगी और आकर्षक सजावटी वस्तुएं तैयार कीं, जो उनकी प्रतिभा और मेहनत का प्रमाण हैं।
उन्होंने अपने संदेश में कहा कि डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय का यह प्रयास यह दर्शाता है कि शिक्षा केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कौशल और आत्मनिर्भरता के विकास का माध्यम भी है। “हुनर हाट” जैसे आयोजन छात्रों को अपने हुनर को पहचानने, उसे निखारने और उसे व्यवसाय में बदलने की प्रेरणा देते हैं, जो उन्हें आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक मजबूत कदम उठाने के लिए तैयार करते हैं।

