आगरा: आगरा मंडल में कर्मचारी कल्याण निधि कमेटी की ओर से दिव्यांग कर्मचारियों की सुविधा और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से डिजिटल घड़ी वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। मंडल रेल प्रबंधक गगन गोयल के मार्गदर्शन और वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी सनत जैन के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम में सात दिव्यांग कर्मचारियों को आधुनिक सुविधाओं से युक्त डिजिटल घड़ियां वितरित की गईं।

इन घड़ियों में बड़ी स्क्रीन, हाई कॉन्ट्रास्ट डिस्प्ले, वाइब्रेशन आधारित नेविगेशन, वॉइस कमांड, कॉल और नोटिफिकेशन सपोर्ट के साथ स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़े फीचर्स भी शामिल हैं। रेलवे प्रशासन ने इसे कर्मचारी हित में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए भविष्य में भी ऐसे कल्याणकारी कार्यक्रम जारी रखने की बात कही।
आगरा रेल मंडल में दिव्यांग कर्मचारियों के कल्याण और उनकी कार्यक्षमता को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए कर्मचारी कल्याण निधि कमेटी द्वारा डिजिटल घड़ी वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम मंडल रेल प्रबंधक गगन गोयल के मार्गदर्शन एवं वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी सनत जैन के निर्देशन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य दिव्यांग कर्मचारियों को तकनीकी सहायता उपलब्ध कराकर उनके दैनिक कार्यों को अधिक सहज, सुरक्षित और आत्मनिर्भर बनाना था।

कार्यक्रम के दौरान मंडल रेल प्रबंधक गगन गोयल ने सात दिव्यांग कर्मचारियों को डिजिटल घड़ियां वितरित कीं। इन घड़ियों को विशेष रूप से कर्मचारियों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए चुना गया है, ताकि वे अपने कार्यस्थल और दैनिक जीवन में अधिक सुविधा का अनुभव कर सकें।
रेलवे प्रशासन का मानना है कि तकनीक का सही उपयोग कर्मचारियों के जीवन को सरल और प्रभावी बना सकता है, विशेष रूप से उन कर्मचारियों के लिए जो शारीरिक चुनौतियों के बावजूद अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं।
गगन गोयल ने इस अवसर पर कहा कि रेलवे प्रशासन सदैव अपने कर्मचारियों के कल्याण, सुविधा और सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध रहा है। दिव्यांग कर्मचारियों के लिए इस प्रकार की पहल न केवल उन्हें कार्यस्थल पर सहायता प्रदान करती है, बल्कि उनके मनोबल को भी मजबूत बनाती है।
उन्होंने कहा कि कर्मचारियों का सम्मान और उनकी आवश्यकताओं का ध्यान रखना प्रशासन की प्राथमिकता है। ऐसे प्रयास संस्थान में सकारात्मक वातावरण बनाने के साथ-साथ कर्मचारियों में आत्मविश्वास भी बढ़ाते हैं।
वितरित की गई डिजिटल घड़ियों में कई उपयोगी और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। इनमें बड़ी और चमकदार स्क्रीन दी गई है, जिससे देखने में आसानी होती है। हाई कॉन्ट्रास्ट डिस्प्ले की सुविधा कम दृष्टि वाले कर्मचारियों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है।
इसके अलावा वाइब्रेशन आधारित नेविगेशन सुविधा कर्मचारियों को बिना किसी अतिरिक्त परेशानी के सूचनाएं प्राप्त करने में मदद करती है। वॉइस कमांड सपोर्ट के माध्यम से कर्मचारी घड़ी को आवाज के जरिए नियंत्रित कर सकते हैं, जिससे उनका उपयोग और भी सरल हो जाता है।
घड़ियों में कॉल और नोटिफिकेशन सपोर्ट भी उपलब्ध है, जिससे कर्मचारी महत्वपूर्ण सूचनाओं और संपर्कों से जुड़े रह सकते हैं। यह सुविधा कार्यस्थल पर त्वरित संवाद और आवश्यक सूचना प्राप्त करने में सहायक सिद्ध होगी। इसके साथ ही स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़े फीचर्स भी इन घड़ियों का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
डिजिटल घड़ियों में हृदय गति की निगरानी के लिए हार्ट रेट मॉनिटरिंग सिस्टम लगाया गया है, जिससे कर्मचारी अपने स्वास्थ्य की नियमित जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। इसके अलावा फॉल डिटेक्शन यानी गिरने की पहचान की सुविधा भी इसमें शामिल है। यह फीचर विशेष रूप से उन कर्मचारियों के लिए बेहद उपयोगी है, जिन्हें चलते-फिरते अतिरिक्त सुरक्षा की आवश्यकता होती है। किसी आकस्मिक स्थिति में यह सुविधा तुरंत सहायता की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
यह पूरा कार्यक्रम एसबीएफ कमेटी, आगरा मंडल द्वारा आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे कर्मचारी हित में एक प्रभावी और संवेदनशील कदम बताया। उनका कहना था कि इस प्रकार की योजनाएं कर्मचारियों के बीच विश्वास और सुरक्षा की भावना को मजबूत करती हैं तथा संस्थान के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करती हैं।
कार्यक्रम के दौरान मंडल रेल प्रबंधक गगन गोयल के साथ अपर मंडल रेल प्रबंधक गिरीश कुमार गुप्ता, मंडल के विभिन्न शाखा अधिकारी, यूनियन के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने दिव्यांग कर्मचारियों के लिए किए गए इस प्रयास को सराहनीय बताया और भविष्य में भी इसी प्रकार की योजनाओं के निरंतर संचालन की अपेक्षा जताई।
आगरा मंडल ने स्पष्ट किया कि कर्मचारियों के कल्याण के लिए इस प्रकार के कार्यक्रम आगे भी निरंतर आयोजित किए जाते रहेंगे। रेलवे प्रशासन का उद्देश्य केवल कार्य निष्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि कर्मचारियों को बेहतर कार्य वातावरण, सुरक्षा, सम्मान और सुविधा उपलब्ध कराना भी उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी है। दिव्यांग कर्मचारियों को डिजिटल घड़ियों का वितरण इसी सोच का एक सशक्त उदाहरण बनकर सामने आया है।

