आगरा: डॉ भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा की राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई ने पालीवाल पार्क परिसर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ग्राम्य विकास संस्थान में “नशा मुक्ति” विषय पर एक प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं और समाज को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना और उन्हें स्वस्थ तथा सकारात्मक जीवन शैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था।

कार्यक्रम का आयोजन विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. आशु रानी के कुशल मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में कुल सचिव अजय मिश्रा, छात्र अधिष्ठाता प्रो. भूपेंद्र स्वरुप शर्मा, एनएसएस कार्यक्रम समन्वयक डॉ. पूनम तिवारी, संस्थान के निदेशक डॉ. मनोज कुमार सिंह, सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रभारी पुरुषोत्तम मयूरा और कार्यक्रम अधिकारी डॉ. नीरज कुशवाहा की उपस्थिति रही। उन्होंने स्वयंसेवकों और दर्शकों के प्रति अपनी शुभकामनाएं व्यक्त की और इस पहल की सराहना की।

नुक्कड़ नाटक में एनएसएस के स्वयंसेवक—अमन सिकरवार, निखिल यादव, यश यादव, नीलम सिंह, शिवानी, कौशल्या, दामिनी, कुंतल, लक्ष्मी यादव, आशिक व्यास, निखिल कुमार, सनी, अनुराग, मयंक प्रताप सिंह, सुरभि आदि—ने उत्कृष्ट अभिनय प्रस्तुत किया। कलाकारों ने जीवंत और आकर्षक ढंग से यह संदेश दिया कि नशा केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य के लिए हानिकारक नहीं है, बल्कि यह परिवार की खुशियों, सामाजिक संरचना और युवाओं के भविष्य को भी प्रभावित करता है।

कार्यक्रम की प्रस्तुति इतनी प्रभावशाली रही कि उपस्थित दर्शक पूरी तरह से इससे जुड़ गए। कई युवाओं ने नशा छोड़ने और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया। इस दौरान यह स्पष्ट हुआ कि सामाजिक बुराइयों, विशेष रूप से नशे जैसी समस्या पर नियंत्रण पाने के लिए सामूहिक प्रयास और जागरूकता आवश्यक हैं।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित अधिकारियों और अतिथियों ने स्वयंसेवकों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के जनजागरूकता कार्यक्रम समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए बेहद आवश्यक हैं। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे सक्रिय रूप से जागरूकता फैलाएं और नशामुक्त भारत के निर्माण में योगदान दें।
इस आयोजन ने यह भी दिखाया कि युवा वर्ग की ऊर्जा और प्रतिबद्धता किसी भी सामाजिक बुराई के खिलाफ मजबूत हथियार साबित हो सकती है। नुक्कड़ नाटक के माध्यम से न केवल संदेश प्रभावी ढंग से पहुंचाया गया, बल्कि यह समाज में जागरूकता फैलाने का एक सशक्त माध्यम भी बना।
कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि नशा मुक्ति के लिए सरकार और विश्वविद्यालय द्वारा कई योजनाएं और हेल्पलाइन उपलब्ध हैं, जिन्हें अपनाकर युवा अपनी और समाज की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकते हैं। इस तरह के कार्यक्रम समाज में सकारात्मक सोच, अनुशासन और स्वस्थ जीवन शैली को बढ़ावा देने में सहायक होते हैं।
समापन सत्र में स्वयंसेवकों ने अपने अनुभव साझा किए और बताया कि इस तरह के कार्यक्रम से उन्हें समाज में बदलाव लाने की प्रेरणा मिलती है। उपस्थित दर्शकों ने भी अपने विचार व्यक्त किए और भविष्य में ऐसे प्रयासों में भाग लेने की इच्छा जताई।
डॉ भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम यह साबित करता है कि शिक्षा संस्थान केवल शिक्षा का प्रसार नहीं करते, बल्कि सामाजिक जागरूकता और स्वस्थ समाज निर्माण में भी महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। नशा मुक्ति पर यह पहल युवाओं को सही मार्गदर्शन देने, उनके स्वास्थ्य के प्रति सजग करने और समाज में जागरूकता फैलाने के लिए एक मजबूत कदम है।
इस प्रकार, एनएसएस द्वारा आयोजित यह नुक्कड़ नाटक न केवल सांस्कृतिक प्रस्तुति था, बल्कि समाज में जागरूकता और सकारात्मक बदलाव की दिशा में एक प्रभावी संदेश भी बन गया।

