आगरा(ब्यूरो)। ब्रज मंडल में यमुना नदी की दयनीय स्थिति को देखते हुए रिवर कनेक्ट अभियान ने आज महामहिम भारत के राष्ट्रपति को एक विस्तृत ज्ञापन प्रेषित किया। ज्ञापन में मथुरा, वृंदावन, आगरा और संपूर्ण ब्रज क्षेत्र में यमुना के तत्काल पुनरुद्धार और पारिस्थितिक-सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण हेतु निर्णायक कदम उठाने की मांग की गई है।
ज्ञापन में बताया गया कि ब्रज मंडल श्री कृष्ण और राधा की पवित्र लीला भूमि – जहां आस्था उतनी ही गहराई से बहती है जितनी यमुना बहती है, वहां यमुना केवल जलस्रोत नहीं बल्कि एक जीवंत सभ्यता की जीवनरेखा है। यह नदी सदियों पुरानी आध्यात्मिक परंपराओं, मंदिरों के अनुष्ठानों और दुनिया भर के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था को संजोए हुए है।
अभियान ने बताया कि वर्तमान में यमुना नदी अत्यधिक प्रदूषित हो चुकी है। इसका प्राकृतिक प्रवाह बाधित है और कई स्थानों पर नदी स्थिर, विषैली जलधारा में तब्दील हो गई है। दिल्ली से लेकर मथुरा-वृंदावन-आगरा तक अनुपचारित सीवेज, औद्योगिक कचरा, फोम और जहरीले प्रदूषक नदी में पहुँच रहे हैं। जहरीला फोम नदी की सतह पर छा गया है, अमोनिया स्तर 27.4 mg/L तक पहुँच चुका है, जबकि BOD 70 mg/L पर पहुँच गया है (जीवन के लिए 3 mg/L से कम होना चाहिए) और फेकल कोलीफॉर्म स्तर सुरक्षित सीमा से कई गुना अधिक है। इसके कारण पारंपरिक मंदिर सेवाएं और धार्मिक अनुष्ठान बाधित हो रहे हैं, श्रद्धालु प्रदूषित जल में स्नान करने को विवश हैं, जिससे गंभीर स्वास्थ्य जोखिम, जलजनित रोग और पर्यावरणीय असंतुलन उत्पन्न हो रहा है।
ज्ञापन में महामहिम की आगामी तीन दिवसीय ब्रज यात्रा के अवसर पर यमुना के जीर्णोद्धार हेतु तत्काल कार्रवाई का अनुरोध किया गया। अभियान ने संबंधित मंत्रालयों – जल शक्ति, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन, तथा आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय – से अपेक्षा जताई कि वे ब्रज क्षेत्र में यमुना की सफाई और पुनरुद्धार हेतु समयबद्ध, व्यापक योजना लागू करें। साथ ही नदी में अबाधित पर्यावरणीय प्रवाह सुनिश्चित करें, आगरा में यमुना बैराज निर्माण की स्वीकृति में तेजी लाएँ, यमुना बेसिन की नदियों और जल चैनलों की गाद सफाई एवं पुनरुद्धार करें तथा ब्रज के वन, वेटलैंड्स, कुंड और पारंपरिक जल निकायों की रक्षा एवं पुनरुद्धार सुनिश्चित करें।
ज्ञापन में कहा गया कि यमुना ब्रज की आत्मा है। इसका ह्रास केवल पर्यावरणीय संकट नहीं, बल्कि सभ्यतागत संकट है। अभियान ने महामहिम की करुणामयी नेतृत्व क्षमता पर भरोसा जताते हुए आशा व्यक्त की कि उनकी यात्रा यमुना के निष्कलंक और प्रवाहमान गौरव की पुनः प्राप्ति हेतु स्थायी और निर्णायक प्रयास की शुरुआत साबित होगी।
ज्ञापन पर बृज खंडेलवाल, डॉ. देवाशीष भट्टाचार्य, गोस्वामी नंदन श्रोत्रिय, पंडित जुगल किशोर, अभिनव, चतुर्भुज तिवारी, राहुल, दीपक राजपूत, पद्मिनी अय्यर, मुकेश चौधरी, ज्योति, विशाल झा, शाश्वत गौतम, राज कुमार माहेश्वरी, निधि पाठक और दिनेश शर्मा सहित रिवर कनेक्ट अभियान के प्रमुख सदस्य उपस्थित थे।

