फतेहाबाद। थाना फतेहाबाद क्षेत्र में गुरुवार की शाम अचानक आई तेज धूल भरी आंधी ने दो अलग-अलग गांवों में नुकसान पहुंचाया। आंधी के कारण रूपपुर गांव में पक्की दीवार गिरने से एक बकरी की मौत हो गई, जबकि गुर्जा खंडेर गांव में एक विशाल बरगद का पेड़ मकान पर गिर गया। दोनों घटनाओं में राहत की बात यह रही कि किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।

रूपपुर गांव में यह घटना उस समय हुई जब गांव निवासी ओपेंद्र पुत्र गिर्राज के घर के पास बनी एक पुरानी पक्की दीवार तेज हवा के दबाव को सहन नहीं कर सकी। अचानक आई तेज आंधी के चलते दीवार कमजोर पड़ गई और देखते ही देखते भरभराकर गिर पड़ी। दीवार गिरने की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के लोग घबरा गए और तुरंत मौके की ओर दौड़ पड़े।

जिस समय दीवार गिरी, उसके पास कुछ पशु बंधे हुए थे। अचानक हुए इस हादसे में पशु मलबे की चपेट में आ गए। ग्रामीणों ने बिना देर किए राहत कार्य शुरू किया और मलबा हटाने का प्रयास किया। बड़ी मशक्कत के बाद सभी पशुओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, लेकिन एक बकरी की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। इस घटना से पशुपालक परिवार को आर्थिक नुकसान भी हुआ है।

घटना के बाद गांव में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए और स्थिति का जायजा लिया। ग्रामीणों ने बताया कि दीवार पुरानी थी और लंबे समय से इसकी मरम्मत नहीं हुई थी, लेकिन तेज आंधी के कारण वह पूरी तरह गिर गई। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जर्जर दीवारों और कमजोर ढांचों की जांच कराई जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।
इसी थाना क्षेत्र के गुर्जा खंडेर गांव में भी तेज आंधी ने भारी नुकसान पहुंचाया। यहां बनवारी लाल के मकान के पास खड़ा एक विशालकाय पुराना बरगद का पेड़ तेज हवाओं के कारण जड़ से उखड़ गया और सीधे मकान पर आ गिरा। पेड़ गिरने की घटना इतनी अचानक हुई कि आसपास के लोग कुछ समझ ही नहीं पाए।
पेड़ गिरते ही मकान का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। दीवारों में दरारें आ गईं और छत को भी नुकसान पहुंचा है। घटना की आवाज सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तुरंत राहत कार्य शुरू किया गया। पेड़ काफी बड़ा और भारी होने के कारण उसे हटाने में काफी कठिनाई आ रही है।
गनीमत यह रही कि जिस समय यह घटना हुई, उस समय बनवारी लाल का परिवार घर के अंदर मौजूद था और सभी सदस्य सुरक्षित रहे। यदि परिवार के लोग बाहर होते, तो यह हादसा गंभीर रूप ले सकता था और जनहानि की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता था।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह बरगद का पेड़ काफी पुराना था और उसकी जड़ें कमजोर हो चुकी थीं, लेकिन तेज आंधी ने उसे पूरी तरह उखाड़ दिया। ग्रामीणों ने प्रशासन को सूचना दी है और पेड़ हटाने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
दोनों घटनाओं ने पूरे क्षेत्र में लोगों को सतर्क कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि तेज आंधी और मौसम के बदलाव के समय पुराने पेड़, कच्चे ढांचे और कमजोर दीवारें सबसे अधिक खतरा पैदा करती हैं। ऐसे में समय रहते उनकी जांच और मरम्मत जरूरी है।
फिलहाल दोनों ही घटनाओं में किसी की जान नहीं गई, लेकिन पशुहानि और संपत्ति का नुकसान जरूर हुआ है। ग्रामीण प्रशासन से राहत और उचित मुआवजे की मांग कर रहे हैं।

