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Fatehabad News: नाबालिग की शादी की सूचना पर पहुंची टीम, किशोरी को किया रेस्क्यू; बरीपुरा गांव में बाल विवाह रोका गया

Child Helpline and police team rescuing a 16-year-old minor girl in Bari Pura village Fatehabad after receiving information about a child marriageChild Helpline team rescues a 16-year-old minor girl from a planned child marriage in Bari Pura village, Fatehabad.
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फतेहाबाद। थाना फतेहाबाद क्षेत्र के गांव बरीपुरा में नाबालिग किशोरी की शादी की सूचना पर चाइल्ड हेल्पलाइन टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए किशोरी को रेस्क्यू किया। सूचना की पुष्टि होने के बाद टीम ने मौके पर पहुंचकर किशोरी को अपने संरक्षण में लिया और आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई।

चाइल्ड हेल्पलाइन प्रभारी आगरा बृजेश गौतम ने जानकारी देते हुए बताया कि 1098 हेल्पलाइन नंबर पर सूचना प्राप्त हुई थी कि बरीपुरा गांव में एक नाबालिग किशोरी की शादी कराई जा रही है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रोबेशन अधिकारी एवं जिला बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी अतुल कुमार सोनी के निर्देशन में एक विशेष रेस्क्यू अभियान चलाया गया।

इस अभियान में महिला एवं बाल विकास विभाग उत्तर प्रदेश आगरा जिले की चाइल्ड हेल्पलाइन टीम के अधिकारी बृजेश कुमार गौतम, केस वर्कर नीलम, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट की टीम, थाना फतेहाबाद की प्रभारी हेमलता, उपनिरीक्षक मनोज नागर एवं कांस्टेबल हिमांशु शामिल रहे।

टीम थाना फतेहाबाद पुलिस के सहयोग से बरीपुरा गांव पहुंची, जहां जांच के दौरान सूचना सत्य पाई गई। बताया गया कि 16 वर्षीय किशोरी वर्षा पुत्री प्रेमशंकर की शादी एक मई को कराई जानी थी। दस्तावेजों और मौके पर की गई जांच के आधार पर यह स्पष्ट हुआ कि किशोरी अवयस्क है।

इसके बाद टीम ने तुरंत किशोरी को अपने संरक्षण में ले लिया और आवश्यक अभिलेखीय कार्रवाई पूरी की गई। मौके पर मौजूद पुलिस एवं प्रशासनिक टीम ने पूरी प्रक्रिया को विधिवत तरीके से संपन्न कराया। किशोरी को सुरक्षित रेस्क्यू करने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए आवश्यक कदम उठाए गए।

इसके उपरांत किशोरी को न्यायालय बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया। समिति ने मामले की सुनवाई के बाद निर्णय लेते हुए किशोरी को तत्काल प्रभाव से आशा ज्योति केंद्र में आश्रय प्रदान करने के आदेश दिए। यह व्यवस्था अगले आदेश तक लागू रहेगी।

अधिकारियों ने बताया कि बाल विवाह जैसी घटनाओं को रोकने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है और सूचना मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी स्थिति में नाबालिग की शादी कानूनन अपराध है और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।

स्थानीय स्तर पर इस कार्रवाई की सराहना की जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते प्रशासन की सक्रियता से एक बड़ी घटना टल गई। यदि यह कार्रवाई समय पर न होती, तो एक नाबालिग का भविष्य प्रभावित हो सकता था।

फिलहाल किशोरी सुरक्षित आश्रय में है और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बाल विवाह जैसी घटनाओं की सूचना तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1098 पर दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके और बच्चों के अधिकारों की रक्षा हो सके।

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फतेहाबाद। ब्लॉक फतेहाबाद क्षेत्र के गांव कान्हापुरा में गुरुवार रात उस समय अफरा-तफरी मच गई जब अचानक नहर टूट गई और उसका पानी तेजी से आसपास के खेतों में घुस गया। देखते ही देखते खेतों में खड़ी फसलें और पालेज जलमग्न हो गए। इस घटना में करीब 30 बीघा कृषि भूमि प्रभावित हुई है, जिससे किसानों को भारी नुकसान की आशंका जताई जा रही है।

ग्रामीणों के अनुसार नहर में अचानक दरार आने के बाद तेज बहाव के साथ पानी खेतों की ओर फैल गया। पानी का दबाव इतना तेज था कि कुछ ही समय में कई किसानों की फसलें पूरी तरह जलमग्न हो गईं। खेतों में खड़ी फसलें और पालेज पानी में डूब जाने से उनकी स्थिति खराब हो गई है।

इस घटना से गांव में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में किसान मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने तत्काल पानी रोकने के प्रयास किए, लेकिन तब तक काफी नुकसान हो चुका था। खेतों में पानी भरने से फसल पूरी तरह खराब होने की स्थिति में पहुंच गई है।

प्रभावित किसानों में लोकेन्द्र सिंह, गिर्राज सिंह, बिज्जो, करतर सिंह, निरंजन सिंह, सारूख, जयवीर सिंह, यदुवंश, मुरारी लाल, लक्ष्मण सिंह, हरेंद्र सिंह, जसवंत सहित कई अन्य किसान शामिल हैं। सभी किसानों ने बताया कि उनकी महीनों की मेहनत पर पानी फिर गया है और अब उन्हें भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ सकता है।

गांव के शाहरूख ने बताया कि नहर का पानी इतना तेज था कि वह गांव के निचले हिस्सों की ओर बढ़ते हुए कब्रिस्तान तक पहुंच गया। इससे घटना की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय पर पानी का बहाव नहीं रोका गया तो और भी अधिक नुकसान हो सकता था।

घटना के बाद किसानों में चिंता और नाराजगी दोनों देखने को मिली। उनका कहना है कि नहर की नियमित देखरेख न होने के कारण यह स्थिति बनी है। यदि समय-समय पर मरम्मत और निरीक्षण किया जाता तो शायद यह हादसा टल सकता था।

वहीं, प्रधान पुत्र नारायण हरी ने बताया कि जैसे ही घटना की जानकारी मिली, तुरंत संबंधित विभाग को सूचित कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि विभागीय स्तर पर स्थिति का आकलन किया जा रहा है और जल्द ही नहर की मरम्मत कराई जाएगी।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मौके पर पहुंचकर नुकसान का सर्वे कराया जाए और प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए। किसानों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं उनके लिए बड़ी आर्थिक समस्या पैदा करती हैं, क्योंकि पूरी फसल नष्ट होने से उनकी आजीविका प्रभावित होती है।

फिलहाल गांव में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और किसान अपनी बर्बाद फसलों को देखकर चिंतित हैं। प्रशासनिक टीम के पहुंचने का इंतजार किया जा रहा है, ताकि आगे की कार्रवाई की जा सके।

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