फतेहाबाद। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के किलोमीटर 37 के पास लुहारी क्षेत्र के जंगल में मंगलवार दोपहर अचानक भीषण आग लगने से कई बीघा क्षेत्र में खड़े छोटे पेड़-पौधे जलकर नष्ट हो गए। सूचना मिलते ही यूपीडा टीम, लुहारी चौकी पुलिस और फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची। करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। प्रारंभिक तौर पर आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। वन विभाग ने मामले की जांच कराने की बात कही है।

आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के किनारे स्थित लुहारी क्षेत्र के जंगल में मंगलवार दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब अचानक जंगल में भीषण आग भड़क उठी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और आसपास के बड़े हिस्से में फैल गई। आग की लपटों और उठते धुएं को दूर-दूर तक देखा गया, जिससे एक्सप्रेसवे से गुजर रहे वाहन चालकों में भी दहशत का माहौल बन गया। आग लगने की सूचना मिलते ही प्रशासनिक और राहत टीमें मौके पर पहुंच गईं।
जानकारी के अनुसार आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के किलोमीटर 37 के पास स्थित लुहारी के जंगल में दोपहर के समय अज्ञात कारणों से आग लग गई। तेज गर्मी और सूखी झाड़ियों के कारण आग तेजी से फैलने लगी। कुछ ही देर में जंगल के बड़े हिस्से को आग ने अपनी चपेट में ले लिया। स्थानीय लोगों और राहगीरों ने जंगल से उठते धुएं को देखकर घटना की जानकारी पुलिस और संबंधित विभागों को दी।
सूचना मिलते ही यूपीडा टीम तत्काल मौके पर पहुंची। इसके साथ ही लुहारी चौकी इंचार्ज देवेंद्र सिंह पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। आग की गंभीरता को देखते हुए फायर ब्रिगेड को भी बुलाया गया। फायर कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का कार्य शुरू किया, लेकिन तेज हवा और सूखी वनस्पतियों के कारण आग पर तुरंत नियंत्रण पाना आसान नहीं था।
करीब दो घंटे तक लगातार चले राहत और बचाव कार्य के बाद फायर ब्रिगेड की टीम आग पर काबू पाने में सफल रही। अधिकारियों के अनुसार इस आगजनी की घटना में लगभग पांच बीघा जंगल क्षेत्र में खड़े छोटे पेड़-पौधे जलकर पूरी तरह नष्ट हो गए। हालांकि किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है, लेकिन जंगल क्षेत्र को काफी नुकसान पहुंचा है।
घटना के दौरान एक्सप्रेसवे से गुजर रहे कई वाहन चालकों ने सड़क किनारे उठती आग की ऊंची लपटों और घने धुएं को देखा। कुछ समय के लिए क्षेत्र में दहशत जैसी स्थिति बन गई थी। स्थानीय ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए और आग बुझाने में सहयोग करते दिखाई दिए। लोगों का कहना था कि गर्मी के मौसम में सूखी घास और झाड़ियों के कारण छोटी सी चिंगारी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
वन विभाग ने भी घटना को गंभीरता से लिया है। वन क्षेत्राधिकारी फतेहाबाद विशाल राठौर ने बताया कि मामले की जांच के लिए विभागीय टीम को मौके पर भेजा जाएगा। जांच के बाद ही आग लगने के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। उन्होंने कहा कि फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि आग प्राकृतिक कारणों से लगी या फिर किसी मानवीय लापरवाही के चलते यह हादसा हुआ।
अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि गर्मी के मौसम में जंगल और सड़क किनारे जलती वस्तुएं, बीड़ी-सिगरेट या अन्य ज्वलनशील सामग्री न फेंकें, क्योंकि इससे बड़ी आग लग सकती है। प्रशासन का कहना है कि जंगल क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जा रही है ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सके।
घटना के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना रहा। स्थानीय लोगों ने समय रहते आग पर काबू पाने के लिए फायर ब्रिगेड और पुलिस टीम की सराहना की। यदि समय पर राहत कार्य शुरू नहीं होता तो आग और बड़े क्षेत्र में फैल सकती थी, जिससे नुकसान और अधिक बढ़ने की आशंका थी। फिलहाल प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और जांच रिपोर्ट आने का इंतजार किया जा रहा है।

