आगरा: डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा के स्वामी विवेकानंद खंदारी परिसर स्थित दाऊ दयाल व्यावसायिक शिक्षा संस्थान में मंगलवार को भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की 123वीं जयंती पर विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी का विषय था आधुनिक भारत के निर्माण में चौधरी चरण सिंह के विचारों की प्रासंगिकता। कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति प्रो. आशु रानी ने की।
गोष्ठी में राजकीय महाविद्यालय छपरौली के प्राचार्य प्रो. प्रतीत कुमार, राष्ट्रीय लोकदल आगरा के जिलाध्यक्ष गोविन्द शर्मा और भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष प्रशान्त पौनियाँ मुख्य वक्ता थे।
कुलपति ने चौधरी चरण सिंह के जीवन, उनके किसानों के लिए किए गए योगदान और सहकारिता मंत्रालय व नाबार्ड की स्थापना में उनके भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने छात्रों से उनके बहुआयामी व्यक्तित्व और कार्यों से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में प्रो. प्रतीत कुमार ने चौधरी चरण सिंह के राजनीतिक जीवन, आगरा में शिक्षा, जातिवाद के विरोध में उनके विचार और जमींदारी उन्मूलन, भूमि सुधार, एग्रीकल्चरल प्रोड्यूस मार्केट बिल और ऋण राहत बिल में योगदान पर चर्चा की।
गोविन्द शर्मा ने उनके किसान समर्थक कानूनों और ईमानदारी के उदाहरण साझा किए। प्रशान्त पौनियाँ ने उनके लोकतांत्रिक मूल्य, नीतिगत दृढ़ता और प्रशासनिक प्रतिबद्धता को याद किया।
कार्यक्रम का संचालन एवं समन्वय प्रो. संतोष बिहारी शर्मा ने किया, जबकि मंच संचालन प्रो. बृजेश रावत ने संभाला। धन्यवाद ज्ञापन में प्रो. रावत ने चौधरी चरण सिंह की ईमानदारी और प्रशासनिक क्षमता के उदाहरण प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के अनेक शिक्षकगण, कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
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