आगरा। उत्तर मध्य रेलवे के लिए वर्ष 2025 सेवा, सुरक्षा और संरक्षित रेल परिचालन के साथ-साथ उपलब्धियों से परिपूर्ण रहा। महाकुंभ-2025 जैसे विश्व के सबसे बड़े धार्मिक आयोजन के सफल, सुरक्षित और सुगम संचालन से लेकर आगरा मंडल में यात्री सुविधाओं के विस्तार, स्टेशन पुनर्विकास, नई रेल सेवाओं, ऊर्जा संरक्षण और अवसंरचना सुदृढ़ीकरण के क्षेत्र में उत्तर मध्य रेलवे ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कीं। नए वर्ष में आगरा और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को इन प्रयासों का प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
महाकुंभ-2025 में उत्तर मध्य रेलवे की केंद्रीय भूमिका
महाकुंभ-2025 के दौरान उत्तर मध्य रेलवे ने नोडल रेलवे के रूप में उत्तर रेलवे और उत्तर पूर्व रेलवे के साथ समन्वय स्थापित कर ऐतिहासिक भूमिका निभाई। यात्रियों की सुविधा और निर्बाध आवागमन सुनिश्चित करने के लिए 494.90 करोड़ रुपये की लागत से यात्री सुविधाओं एवं अवसंरचनात्मक विकास कार्य कराए गए। साथ ही सड़क यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए 438.72 करोड़ रुपये की लागत से रोड ओवर ब्रिज और रोड अंडर ब्रिज का निर्माण किया गया।
महाकुंभ के दौरान यात्री सुविधाओं से जुड़े कुल 79 कार्य पूरे किए गए। प्रयागराज जंक्शन सहित प्रमुख स्टेशनों पर यात्रियों की होल्डिंग क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि की गई। प्रयागराज जंक्शन पर 4,000 यात्रियों की क्षमता वाला नया यात्री परिसर विकसित किया गया, जिसमें शौचालय, खानपान स्टॉल, उद्घोषणा प्रणाली और पूछताछ डिस्प्ले जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं।
आगरा मंडल के यात्रियों को भी मिला लाभ
महाकुंभ के दौरान यात्रियों की सहायता के लिए शुरू की गई कुंभ रेलवे हेल्पलाइन (1800-4199-139) और कुंभ रेल सेवा मोबाइल ऐप पर 26,459 कॉल्स प्राप्त हुईं। भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा के लिए 764 नए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए, जिससे 9 प्रमुख स्टेशनों पर कुल कैमरों की संख्या 1,186 हो गई, जिनमें 116 एआई आधारित फेस रिकग्निशन सिस्टम कैमरे शामिल हैं। सुरक्षा के लिहाज से 13,000 से अधिक रेलवे कर्मचारी और लगभग 10,000 जीआरपी एवं अर्धसैनिक बल तैनात किए गए।
महाकुंभ अवधि में भारतीय रेल द्वारा कुल 17,312 ट्रेनें संचालित की गईं, जिनमें 7,500 विशेष गाड़ियां शामिल रहीं। इस दौरान 4 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने रेल सेवाओं के माध्यम से यात्रा की। उत्तर मध्य रेलवे द्वारा संचालित 3,789 महाकुंभ विशेष ट्रिप्स भी भीड़ नियंत्रण में प्रभावी रहीं, जिसका असर आगरा मंडल के सुचारु परिचालन पर भी दिखा।
अमृत भारत स्टेशन योजना से आगरा मंडल को नई पहचान
अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत उत्तर मध्य रेलवे क्षेत्र में करछना, गोविंदपुरी, ओरछा, पुखरायां, ईदगाह, फतेहाबाद, गोवर्धन, गोविंदगढ़ और मंडावर-महुवा रोड स्टेशनों का पुनर्विकास पूरा किया गया। आगरा मंडल के ईदगाह, फतेहाबाद और गोवर्धन स्टेशनों पर सर्कुलेटिंग एरिया, आधुनिक प्रवेश द्वार, प्रतीक्षालय, दिव्यांग-अनुकूल सुविधाएं, उन्नत साइनेज, स्वच्छ शौचालय, बेहतर प्रकाश व्यवस्था और यात्री सूचना प्रणाली विकसित की गई, जिससे यात्रियों को सुरक्षित और आधुनिक अनुभव मिल रहा है।
वंदे भारत और अमृत भारत एक्सप्रेस से बढ़ी कनेक्टिविटी
वर्ष 2025 में उत्तर मध्य रेलवे क्षेत्र में खजुराहो–निजामुद्दीन और बनारस–खजुराहो वंदे भारत एक्सप्रेस के साथ-साथ राजेंद्र नगर टर्मिनल (पटना)–नई दिल्ली और गया–दिल्ली जंक्शन अमृत भारत एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों का शुभारंभ या ठहराव सुनिश्चित किया गया। इससे आगरा और आसपास के पर्यटन, व्यापार और धार्मिक स्थलों की कनेक्टिविटी और मजबूत हुई।
नई रेल सेवाएं, विस्तार और ठहराव
यात्रियों की सुविधा और बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए वर्ष 2025 में दो नई रेल सेवाएं शुरू की गईं, जिनमें ग्वालियर–एसएमवीटी बेंगलुरू साप्ताहिक एक्सप्रेस प्रमुख रही। झांसी–प्रयागराज एक्सप्रेस को ग्वालियर तक विस्तारित किया गया, जबकि ग्वालियर–भोपाल सुपरफास्ट एक्सप्रेस की फ्रीक्वेंसी पांच दिन से बढ़ाकर दैनिक की गई। इसके अलावा 20 गाड़ियों में स्थायी कोच वृद्धि की गई, जिससे जनरल, स्लीपर और वातानुकूलित श्रेणी के यात्रियों को राहत मिली।
प्रयागराज, झांसी और आगरा मंडलों में कुल 41 गाड़ियों को अस्थायी और प्रायोगिक ठहराव दिए गए। इन ठहरावों में आगरा मंडल के रामगढ़, अलीगढ़, फिरोजाबाद, हाथरस, फफूंद सहित कई स्टेशन शामिल रहे, जिससे स्थानीय यात्रियों और दैनिक आवागमन करने वालों को सीधा लाभ मिला।
रोजगार, ऊर्जा संरक्षण और रिकॉर्ड राजस्व
प्रधानमंत्री रोजगार मेला के तहत झांसी और आगरा मंडल में आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में चयनित 201 युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। ऊर्जा संरक्षण की दिशा में उत्तर मध्य रेलवे ने सौर ऊर्जा क्षमता बढ़ाकर 16.2 मेगावाट पीक कर ली। वर्ष 2025 में 3.74 मेगावाट पीक अतिरिक्त सोलर क्षमता जोड़ी गई और नवंबर 2025 तक 11.5 मिलियन यूनिट बिजली उत्पादन कर लगभग 5.48 करोड़ रुपये की बचत की गई।
जीरो स्क्रैप मिशन के तहत 11 दिसंबर 2025 तक स्क्रैप बिक्री से 200.17 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 5.27 प्रतिशत अधिक है।
अवसंरचना और सुरक्षा में बड़ा सुधार
वर्ष 2025 में उत्तर मध्य रेलवे द्वारा 238.06 किलोमीटर ऑटोमेटिक सिग्नलिंग, 19 स्टेशनों पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग, 1,656 ट्रैक सेक्शनों में डुअल डिटेक्शन की कमिशनिंग की गई। इसके साथ-साथ 72.819 किलोमीटर दोहरीकरण, तिहरीकरण और चौहरीकरण कार्य, 28.66 किलोमीटर आमान परिवर्तन, 16 रोड ओवर ब्रिज, 75 रोड अंडर ब्रिज और 28 फुट ओवर ब्रिज बनाए या विस्तारित किए गए। सुरक्षा के लिहाज से 55 मानवयुक्त समपार भी समाप्त किए गए।
सम्मान और सामाजिक दायित्व
उत्तर मध्य रेलवे को रेल मंत्री राजभाषा शील्ड और राजभाषा रजत पदक से सम्मानित किया गया। विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार समारोह-2024 में 81 रेल कर्मियों को उत्कृष्ट सेवा के लिए सम्मान मिला।
कुल मिलाकर, वर्ष 2025 उत्तर मध्य रेलवे और विशेष रूप से आगरा मंडल के लिए ऐतिहासिक उपलब्धियों का वर्ष रहा। नए साल में आगरा के यात्रियों को बेहतर स्टेशन सुविधाएं, सुरक्षित और तेज ट्रेनें, मजबूत कनेक्टिविटी और आधुनिक रेल सेवाएं मिलने की पूरी उम्मीद है। उत्तर मध्य रेलवे आने वाले वर्षों में भी सेवा, सुरक्षा और संरक्षित परिचालन के संकल्प के साथ यात्रियों के हित में निरंतर कार्य करता रहेगा।
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