आगरा। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षाएं 18 फरवरी से शुरू होकर 12 मार्च 2026 तक चलेंगी।परीक्षा को नकलविहीन, शांतिपूर्ण और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक और सख्त इंतजाम किए हैं। जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी के निर्देश पर जिले के सभी परीक्षा केंद्रों पर प्रशासनिक निगरानी और अनुश्रवण की ठोस व्यवस्था लागू की गई है।
उन्होंने बताया कि सभी सेक्टर मजिस्ट्रेट अपने-अपने सेक्टर में स्थित परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा तिथियों में सुबह 8 बजकर 30 मिनट से 11 बजकर 45 मिनट तक और दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजकर 15 मिनट तक लगातार निगरानी रखें। परीक्षा केंद्रों पर असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जाएगी और अनुचित साधनों के प्रयोग को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभी संबंधित अधिकारी परीक्षा तिथियों में नियमित रूप से केंद्रों का भ्रमण, निरीक्षण और चेकिंग करेंगे तथा उत्पन्न होने वाली किसी भी समस्या का तत्काल समाधान सुनिश्चित करेंगे।
परीक्षाओं में नकल या अनुचित साधनों के प्रयोग की स्थिति सामने आने पर उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा अनुचित साधनों का निवारण अधिनियम 1998 के अंतर्गत कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि सेक्टर मजिस्ट्रेट अपने सेक्टर के सभी परीक्षा केंद्रों में नकल की रोकथाम के लिए पूरी तरह उत्तरदायी होंगे। साथ ही परीक्षा अवधि के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखना और परीक्षा केंद्रों पर अनावश्यक भीड़ एकत्रित न होने देना भी उनकी जिम्मेदारी होगी।
परीक्षा व्यवस्थाओं के सुचारु संचालन के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक आगरा के कार्यालय में परीक्षा नियंत्रण कक्ष की स्थापना की गई है। यह नियंत्रण कक्ष परीक्षा अवधि में प्रतिदिन सुबह 6 बजे से रात 9 बजे तक संचालित रहेगा। नियंत्रण कक्ष का दूरभाष नंबर 9997156949 जारी किया गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति, सूचना या शिकायत पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
जिलाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया है कि परीक्षा केंद्र परिसर के भीतर परीक्षार्थियों को किसी भी प्रकार की पाठ्य सामग्री, पेजर, मोबाइल फोन, कैलकुलेटर या अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाने की अनुमति नहीं होगी। विशेष रूप से गणित, विज्ञान और अंग्रेजी विषय की परीक्षाओं पर प्रभावी अनुश्रवण के निर्देश दिए गए हैं, क्योंकि इन विषयों में नकल की संभावना अधिक रहती है।
सभी सेक्टर मजिस्ट्रेटों को निर्देश दिए गए हैं कि वे निरीक्षण के दौरान प्रश्नपत्रों की गोपनीयता सुनिश्चित होने की जांच अवश्य करें। यदि प्रश्नपत्रों के पूर्व प्रकटन की कोई भी स्थिति सामने आती है, तो दोषी व्यक्तियों के खिलाफ त्वरित और कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की ओर से यह भी कहा गया है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी और कर्मचारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
स्टेटिक मजिस्ट्रेटों को विशेष रूप से निर्देशित किया गया है कि वे अपने आवंटित परीक्षा केंद्र पर नकलविहीन, शांतिपूर्ण और शुचितापूर्ण परीक्षा कराने के लिए व्यक्तिगत रूप से उत्तरदायी होंगे। स्ट्रॉन्ग रूम की चाबी परीक्षा केंद्र पर तैनात स्टेटिक मजिस्ट्रेट की अभिरक्षा में सुरक्षित रखी जाएगी। जिस स्ट्रॉन्ग रूम में डबल लॉक अलमारी रखी गई है, उसे खोलने और लॉक या सील करने की प्रक्रिया केंद्र व्यवस्थापक, बाह्य केंद्र व्यवस्थापक और स्टेटिक मजिस्ट्रेट की संयुक्त उपस्थिति में ही की जाएगी। इस पूरी प्रक्रिया का विवरण लॉग बुक या रजिस्टर में दर्ज करना अनिवार्य होगा।
यदि किसी कारणवश बाह्य केंद्र व्यवस्थापक अनुपस्थित रहता है, तो आपात स्थिति में स्टेटिक मजिस्ट्रेट के पास सुरक्षित रखी चाबी का उपयोग किया जा सकेगा। ऐसी स्थिति में पूरी जानकारी और विवरण तत्काल नियंत्रण कक्ष को उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। परीक्षा केंद्र पर बने स्ट्रॉन्ग रूम में प्रश्नपत्र जिला मुख्यालय द्वारा केंद्र व्यवस्थापक, बाह्य केंद्र व्यवस्थापक और स्टेटिक मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में ही उपलब्ध कराए जाएंगे। प्रश्नपत्र प्राप्त करने के बाद तीनों की मौजूदगी में उन्हें डबल लॉक अलमारी में सुरक्षित रखकर सील किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने सभी जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेटों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने जोन और सेक्टर के परीक्षा केंद्रों पर निरंतर भ्रमणशील रहें, नियमित निरीक्षण करें और अनुचित साधनों के प्रयोग की किसी भी संभावना को समय रहते रोकें। जिला प्रशासन का स्पष्ट उद्देश्य है कि वर्ष 2026 की बोर्ड परीक्षाएं पूरी तरह शांतिपूर्ण, नकलविहीन और निष्पक्ष वातावरण में संपन्न कराई जाएं, ताकि परीक्षार्थियों को पारदर्शी और सुरक्षित माहौल मिल सके।
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