मथुरा। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर डीएम मथुरा और एसएसपी मथुरा ने ब्रज के चार महादेवों में प्रमुख तथा मथुरा के कोतवाल माने जाने वाले भूतेश्वर महादेव मंदिर में विधिवत अभिषेक और पूजा-अर्चना की। अधिकारियों ने भगवान भोलेनाथ से जिलेवासियों की सुख-समृद्धि, शांति और सुरक्षा की कामना की। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच प्रशासनिक अधिकारियों ने व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया और शांतिपूर्ण आयोजन के लिए सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। महाशिवरात्रि पर आस्था और प्रशासनिक सजगता का यह समन्वय देखने को मिला।
महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर कान्हा की नगरी मथुरा में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा है। पर्व को सकुशल संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा और प्रबंधन व्यवस्था लागू की है। जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने महावन स्थित चिंताहरण महादेव मंदिर पहुंचकर व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान मंदिर परिसर, बैरिकेडिंग व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी, पार्किंग स्थल और यातायात प्रबंधन की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है। साफ-सफाई, पेयजल, प्राथमिक चिकित्सा और भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं।
मध्य रात्रि से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गईं। बम भोले और हर हर महादेव के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। दूर-दराज से आए श्रद्धालु भगवान शिव का जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक और विशेष पूजा-अर्चना कर रहे हैं। बड़ी संख्या में कांवड़ यात्री भी पवित्र जल लेकर मंदिरों में पहुंचे और शिवलिंग पर अर्पित किया।
चिंताहरण महादेव मंदिर को लेकर विशेष धार्मिक मान्यता है। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि यहां शिवलिंग पर एक लोटा जल अर्पित करने से 1108 शिवलिंगों के पूजन का फल प्राप्त होता है। पौराणिक कथा के अनुसार, इसी स्थल पर मां यशोदा ने भगवान श्रीकृष्ण की कुशलता के लिए जल चढ़ाकर अपनी चिंताओं से मुक्ति पाई थी। यमुना तट के समीप स्थित यह प्राचीन मंदिर श्रद्धा का प्रमुख केंद्र माना जाता है।
शहर के प्रमुख शिवालयों में भी भीड़ का विशेष दबाव देखा गया। भूतेश्वर महादेव मंदिर, गलतेश्वर महादेव मंदिर, रंगेश्वर महादेव मंदिर और वृंदावन स्थित गोपेश्वर महादेव मंदिर में पिछले 24 घंटों से भक्तों की लंबी कतारें लगी हुई हैं। श्रद्धालु गंगा और यमुना से लाए जल से अभिषेक कर मनोकामना पूर्ण होने की प्रार्थना कर रहे हैं।
वृंदावन के गोपेश्वर महादेव मंदिर की विशेष मान्यता है। मान्यता है कि द्वापर युग में जब भगवान कृष्ण ने महारास रचा, तब भगवान शिव यहां प्रकट हुए और गोपी रूप धारण कर महारास में सम्मिलित हुए। इसी परंपरा के अनुसार यहां प्रतिदिन जलाभिषेक के बाद भगवान शिव का गोपी स्वरूप में 16 श्रृंगार किया जाता है, जिसे देखने के लिए दूर-दराज से श्रद्धालु पहुंचते हैं।
जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने कहा कि महाशिवरात्रि के दौरान प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया कि मंदिर परिसरों में स्थानीय पुलिस बल के साथ अतिरिक्त फोर्स भी तैनात की गई है। संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। सीसीटीवी कैमरों से लगातार मॉनिटरिंग हो रही है और यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष रूट प्लान लागू किया गया है। पुलिस और मजिस्ट्रेट की ड्यूटी भी लगाई गई है।
कान्हा की नगरी में महाशिवरात्रि का पर्व श्रद्धा, भक्ति और अनुशासन के साथ मनाया जा रहा है। राधे-राधे और बम-बम भोले के जयकारों के बीच पूरा शहर शिवमय नजर आ रहा है। प्रशासनिक सतर्कता और भक्तों के सहयोग से पर्व शांतिपूर्ण और व्यवस्थित रूप से संपन्न हो रहा है।
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