आगरा: अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस के अवसर पर श्रम विभाग के तत्वावधान में श्रमिक पंजीयन कैम्प, जागरूकता कार्यक्रम, गोष्ठी एवं हितलाभ वितरण तथा श्रमिक बंधुओं के सम्मान का भव्य आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम उ.प्र. मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (लार्सन एण्ड टुब्रो लिमिटेड) कार्यशाला, कुण्डोल, फतेहाबाद रोड, आगरा में जिलाधिकारी मनीष बंसल की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रमिकों ने भाग लिया और सरकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त की।

कार्यक्रम के दौरान निर्माण श्रमिकों के कल्याण हेतु संचालित उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत लाभार्थियों को लाभान्वित किया गया। इसमें स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा और वित्तीय सहायता से जुड़ी योजनाएं शामिल रहीं। इस अवसर पर तीन श्रमिकों की मृत्यु के उपरांत उनकी पत्नियों को 02-02 लाख रुपये की सहायता राशि के चैक प्रदान किए गए। इन परिजनों को मंच पर सम्मानित भी किया गया तथा संवेदना व्यक्त की गई।

इसके अतिरिक्त उत्तर प्रदेश सरकार की मातृत्व शिशु एवं बालिका मदद योजना के अंतर्गत भी लाभ वितरित किया गया। योजना के तहत बेटी के जन्म पर 08 लाभार्थियों को चैक प्रदान किए गए, वहीं बेटे के जन्म पर 07 लाभार्थियों को सहायता राशि दी गई। इसके साथ ही कन्या विवाह सहायता योजना के अंतर्गत 04 पात्र लाभार्थियों को उनकी बेटियों के विवाह हेतु आर्थिक सहायता प्रदान की गई। सभी लाभार्थियों को नियत धनराशि डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से उपलब्ध कराई गई। अन्य योजनाओं में भी पात्र श्रमिकों को लाभान्वित किया गया।

जिलाधिकारी मनीष बंसल ने गोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि श्रमिक और सेवा योजकों के बीच सौहार्दपूर्ण संबंध एवं सामंजस्य से ही औद्योगिक विकास संभव है। उन्होंने कहा कि श्रमिक किसी भी उद्योग की रीढ़ होते हैं और उनके बिना विकास की कल्पना नहीं की जा सकती। उन्होंने श्रमिकों से अपील की कि वे बदलती तकनीक के साथ अपने कौशल को निरंतर उन्नत करें ताकि वे भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रह सकें।

उन्होंने कहा कि आज का समय तकनीक आधारित है और ऐसे में कौशल विकास अत्यंत आवश्यक है। सरकार द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न कौशल विकास कार्यक्रमों का लाभ श्रमिकों और युवाओं को अवश्य उठाना चाहिए। पीएम कौशल विकास योजना के अंतर्गत प्रशिक्षण के साथ आर्थिक सहायता भी दी जा रही है, जिससे श्रमिक बेहतर रोजगार प्राप्त कर सकें।

जिलाधिकारी ने उद्योग प्रबंधन से जुड़े लोगों से भी आह्वान किया कि वे अपने प्रतिष्ठानों में कार्यरत श्रमिकों के कौशल विकास को बढ़ावा दें और उन्हें प्रशिक्षण के अवसर उपलब्ध कराएं। इससे न केवल श्रमिकों की दक्षता बढ़ेगी बल्कि उद्योगों के विकास को भी गति मिलेगी और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी प्रतिभा सिंह, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व शुभांगी शुक्ला, उप श्रमायुक्त सियाराम, उपायुक्त उद्योग शैलेन्द्र सिंह, सहायक श्रमायुक्त शगुन सहित बड़ी संख्या में श्रमिक, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
पूरा आयोजन श्रमिकों के सम्मान, जागरूकता और उनके सामाजिक-आर्थिक उत्थान को समर्पित रहा, जिसमें श्रमिकों में उत्साह और संतोष का माहौल देखने को मिला।
