आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा के स्वामी विवेकानंद परिसर, खंदारी स्थित स्कूल ऑफ लाइफ साइंसेज के अंतर्गत बायोटेक्नोलॉजी एवं माइक्रोबायोलॉजी विभाग द्वारा राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर एक भव्य और प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य विज्ञान, नवाचार और अनुसंधान के महत्व को रेखांकित करना तथा विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, तार्किक क्षमता और नवाचार की भावना का विकास करना था।

समारोह में बायोटेक्नोलॉजी और माइक्रोबायोलॉजी से संबंधित नवीनतम तकनीकों पर आधारित विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इन प्रतियोगिताओं में पोस्टर प्रेजेंटेशन, पीपीटी प्रस्तुतीकरण, वैज्ञानिक मॉडल प्रदर्शनी और विज्ञान क्विज़ प्रमुख रहीं। विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मकता, तार्किक क्षमता और वैज्ञानिक दक्षता का प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए उपस्थित सभी अतिथियों, फैकल्टी और संकाय सदस्यों को प्रेरित किया।

विज्ञान क्विज़ प्रतियोगिता में प्रथम स्थान ईशिका, मोनिका, तमन्ना, ज्योति, शिवानी एवं प्रियंका की टीम ने प्राप्त किया, जबकि द्वितीय स्थान प्रियंशु, हिमांशी, आशिका, मनु, पूजा, ऋतु एवं करीना की टीम ने हासिल किया। प्रतियोगिताओं का मूल्यांकन सेंट जॉन्स कॉलेज, आगरा के डॉ. रोहन डी’सूज़ा द्वारा किया गया, जिन्होंने प्रतिभागियों की प्रस्तुति और वैज्ञानिक ज्ञान की सराहना की और उन्हें निरंतर अध्ययन एवं शोध के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में विभाग की फैकल्टी सदस्याएं डॉ. रत्ना पांडेय, डॉ. नीलू सिन्हा, डॉ. निभा जादौन, आस्था तोमर एवं प्रिया उपस्थित रहीं। सभी अतिथियों ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए विज्ञान और अनुसंधान के क्षेत्र में सतत प्रयास करने तथा नवीन आविष्कारों की दिशा में अग्रसर रहने का संदेश दिया। उन्होंने विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, समस्या समाधान क्षमता और सहयोग की भावना विकसित करने का आह्वान किया।

इस भव्य आयोजन के मुख्य संरक्षक कुलपति प्रो. आशु रानी के मार्गदर्शन में प्रो. आर. के. अग्निहोत्री ने आयोजन का सफल संचालन किया। कार्यक्रम का समन्वयन डॉ. मोनिका अस्थाना और डॉ. सुरभि महाजन ने किया, जबकि आयोजन सचिव डॉ. प्रमोद कुमार एवं डॉ. अंकुर गुप्ता ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आयोजन समिति के सक्रिय सदस्यों में डॉ. शिवानी यादव, डॉ. जागृति त्यागी, डॉ. नंदिनी, ऋतु सिंह एवं मोनिका यादव का विशेष योगदान रहा, जिनके सहयोग से यह कार्यक्रम पूर्णतः सफल और यादगार रहा।

समारोह में विद्यार्थियों ने विज्ञान के विविध आयामों, जैसे पर्यावरण संरक्षण, ऊर्जा के स्रोत, नवीनतम तकनीक और शोध के महत्व पर आधारित मॉडल, चार्ट और पोस्टर प्रदर्शित किए। उन्होंने टीमवर्क, अनुशासन और रचनात्मकता का प्रभावशाली प्रदर्शन किया, जिससे पूरे विश्वविद्यालय परिसर में नवाचार और वैज्ञानिक चेतना का वातावरण बना।
कुल मिलाकर यह आयोजन न केवल छात्रों और शोधार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत साबित हुआ, बल्कि संकाय और विश्वविद्यालय के अन्य सदस्यों के लिए भी वैज्ञानिक चेतना और अनुसंधान के प्रति जागरूकता का संदेश लेकर आया। कार्यक्रम ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि विज्ञान केवल शैक्षणिक विषय नहीं है, बल्कि यह समाज के विकास और राष्ट्र निर्माण की सशक्त आधारशिला है। इस अवसर ने विद्यार्थियों में यह भावना स्थापित की कि वे अपने शोध और नवाचार से न केवल व्यक्तिगत सफलता प्राप्त करें, बल्कि समाज और देश की प्रगति में भी योगदान दें।
