आगरा। उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित प्रतिष्ठित ताज महोत्सव के मुख्य मंच पर गुरुवार को दोपहर 12:30 बजे संस्कार भारती के सौजन्य से आयोजित ‘नाद यज्ञ’ कार्यक्रम में भारतीय शास्त्रीय संगीत की दिव्य अनुगूंज सुनाई दी। वर्ष 1985 में स्थापित भारतीय संगीत शिक्षालय के नवीन रूप सुभारत संगीत निकेतन के सहयोग से डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा के ललित कला संस्थान के संगीत शिक्षार्थियों ने अपनी प्रभावशाली प्रस्तुति से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कुलपति प्रो. आशु रानी के मार्गदर्शन में विश्वविद्यालय निरंतर शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक उत्कृष्टता की दिशा में अग्रसर है। इसी प्रेरणास्पद वातावरण में पल्लवित विद्यार्थियों ने शिक्षक देवाशीष गांगुली के संगीत संयोजन में आदित्य सिंह, समृद्धि सिंह, कृष्णा चतुर्वेदी, रेनू कौशल, अमनदीप सिंह, दीपांशु माहौर, वैभव शर्मा, अरमां कुमारी, करीना गोयल और भानू प्रताप सिंह सहित अन्य कलाकारों ने ‘वन्दे मातरम्’ का संपूर्ण राष्ट्रगीत तथा अन्य भक्तिमय रचनाएँ प्रस्तुत कर देशभक्ति और आध्यात्मिकता का अनुपम संगम प्रस्तुत किया।
यह आयोजन न केवल सांस्कृतिक चेतना का उत्सव था, बल्कि विद्यार्थियों के लिए एक प्रेरणास्रोत भी बना। विश्वविद्यालय के बहुआयामी पाठ्यक्रम—कला, संगीत, रेडियो, विज्ञान, वाणिज्य, सामाजिक विज्ञान और अन्य विविध विषयों—के माध्यम से विद्यार्थियों को सर्वांगीण विकास के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं।
मुख्य मंच से मिली सराहना ने यह सिद्ध कर दिया कि यदि समर्पण, साधना और श्रेष्ठ मार्गदर्शन मिले तो छात्र राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का परचम लहरा सकते हैं। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय अपने विद्यार्थियों को न केवल ज्ञान, बल्कि संस्कार और सृजनशीलता का भी मंच प्रदान कर रहा है—यही इसकी वास्तविक पहचान है।
