आगरा। ताजमहल उत्सव के अंतर्गत टाटा ग्राउंड स्थित पुष्प प्रदर्शनी मंच पर संस्कार भारती आगरा जिला द्वारा आयोजित शिल्प कला महोत्सव, महारास एवं ‘नवरंगी भारत’ की प्रस्तुतियों ने कला और अध्यात्म का अद्भुत संगम प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का शुभारंभ संस्कार भारती के उत्तर, पश्चिम एवं उत्तर-पश्चिम क्षेत्रों के त्रय क्षेत्रीय संगठन मंत्री विजय कुमार, ब्रज प्रांत के कोषाध्यक्ष आशीष अग्रवाल तथा वरिष्ठ साहित्यकार राजबहादुर सिंह ‘राज’ ने दीप प्रज्वलन कर किया।

महोत्सव का आरंभ भारत की विलुप्त होती प्राचीन लोक संगीत कला ‘ख्यालगोई गायन’ से हुआ, जिसने उपस्थित दर्शकों को लोक परंपरा की समृद्ध धारा से जोड़ दिया। इसके उपरांत 120 कलाकारों ने विविध शिल्प कलाकृतियों का निर्माण कर प्राचीन लघु भारत का सजीव अहसास कराया। मिट्टी, रंगों और पारंपरिक शिल्प माध्यमों से सृजित इन कलाओं में सनातन संस्कृति की झलक स्पष्ट दिखाई दी।

श्यामवीर सिंह के संयोजन और शिवांगी यादव के निर्देशन में ब्रज पब्लिक स्कूल के दल ने ‘नवरंगी भारत’ की प्रस्तुति दी, जिसमें देश की विविध संस्कृतियों, लोक वेशभूषाओं और परंपराओं के दर्शन कराए गए। वहीं उमा सोलंकी के संयोजन एवं ममता चौधरी के निर्देशन में प्रताप पब्लिक स्कूल के दल ने राधा-कृष्ण एवं गोपियों के दिव्य महारास का प्रभावशाली मंचन किया। इस प्रस्तुति ने आत्मा और परमात्मा के विलय की आध्यात्मिक अनुभूति को जीवंत कर दर्शकों को भक्ति रस में सराबोर कर दिया।

डॉ साधना सिंह, डॉ बिंदु अवस्थी और डॉ ममता बंसल के नेतृत्व में कलाकारों ने सनातन संस्कृति के लोक जीवन में घुली-मिली कलाकृतियों का निर्माण कर वातावरण को दिव्यता से भर दिया। वरिष्ठ चित्रकार डॉ सरोज भार्गव ने अपने संबोधन में कहा कि कला हमारे जीवन को संवारती है और समाज को सांस्कृतिक चेतना प्रदान करती है।
जिला महामंत्री यतेन्द्र सोलंकी ने धन्यवाद ज्ञापन किया। अखिल भारतीय कोषाध्यक्ष सुभाष अग्रवाल ने सभी कलाकारों को प्रमाण पत्र एवं ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित किया। संजय बघेल के नेतृत्व में लोक गायकों की टोली ने होली के गीत एवं भजन प्रस्तुत कर मंच को होली की रंगत से सराबोर कर दिया।
कार्यक्रम में उपाध्यक्ष रक्षपाल सिंह परमार, प्रांतीय संरक्षक श्रीकृष्ण मिश्रा, डॉ सविता प्रसाद, पुष्पा, नेहा अग्रवाल, डॉ विनीता, राजकुमारी, रेखा, राजकुमार चाहर, पवन उपाध्याय, सुहानी यादव तथा जिला कोषाध्यक्ष राजेन्द्र गोयल की विशेष उपस्थिति रही। संस्कार भारती आगरा द्वारा आयोजित यह महोत्सव ताजमहल उत्सव के मंच पर भारतीय कला, संस्कृति और अध्यात्म की अनुपम छटा बिखेरता नजर आया।

