आगरा। हवाई यात्रियों के लिए एक अक्तूबर से आगरा एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी बढ़ गई है। बेंगलुरु की उड़ान अब सप्ताह में पांच दिन के बजाय सातों दिन संचालित होगी, जबकि नवी मुंबई की उड़ान दो दिन के बजाय तीन दिन उपलब्ध रहेगी। यानी सप्ताह के किसी भी दिन बेंगलुरु जाने वाले यात्रियों को उड़ान का विकल्प मिलेगा, वहीं नवी मुंबई के लिए मंगलवार, बृहस्पतिवार और रविवार को सीधी उड़ान उपलब्ध होगी। नया बदलाव 25 अक्तूबर तक लागू रहेगा। इसके बाद विंटर शेड्यूल के साथ उड़ानों के समय और संचालन में फिर परिवर्तन हो सकता है। उपलब्ध फ्लाइट शेड्यूल में भी एक अक्तूबर से बेंगलुरु सेवा के रोजाना संचालन और नवी मुंबई सेवा के तीन दिन संचालन का उल्लेख है।

आगरा सिविल टर्मिनल एयरपोर्ट अथॉरिटी के डायरेक्टर विवेक कुमार शर्मा ने बताया कि बेंगलुरु की उड़ान 6ई 941 रोजाना दोपहर 3:10 बजे आगरा पहुंचेगी और वापसी में 6ई 942 आगरा से दोपहर 3:45 बजे बेंगलुरु के लिए रवाना होगी। पहले मंगलवार और बृहस्पतिवार को यह सेवा उपलब्ध नहीं थी, लेकिन नए शेड्यूल में इन दोनों दिनों को भी जोड़ दिया गया है। इससे बेंगलुरु जाने वाले यात्रियों को सप्ताह के सभी सात दिनों में हवाई सफर का विकल्प मिलेगा। एक अक्तूबर से लागू शेड्यूल में 6ई 942 की आगरा से बेंगलुरु उड़ान दोपहर 3:45 बजे निर्धारित है।
नवी मुंबई के लिए 6ई 5316 मंगलवार, बृहस्पतिवार और रविवार को दोपहर 1:55 बजे आगरा पहुंचेगी। वापसी में 6ई 5338 दोपहर 2:35 बजे आगरा से नवी मुंबई के लिए रवाना होगी। पहले यह सेवा सप्ताह में दो दिन संचालित हो रही थी। अब इसमें एक दिन की बढ़ोतरी की गई है। एक अक्तूबर से तीन दिन की कनेक्टिविटी शुरू होने से नवी मुंबई जाने वाले यात्रियों को सप्ताह में अतिरिक्त विकल्प मिलेगा। शेड्यूल संबंधी उपलब्ध आंकड़े भी नवी मुंबई-आगरा सेवा को मंगलवार, बृहस्पतिवार और रविवार संचालित होने की पुष्टि करते हैं।
बेंगलुरु और नवी मुंबई दोनों ही आगरा के कारोबार और पर्यटन क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी वाले शहर हैं। बेंगलुरु देश के प्रमुख आईटी और औद्योगिक केंद्रों में शामिल है। ऐसे में वहां रोजाना उड़ान उपलब्ध होने से आगरा के कारोबारी, कंपनियों के प्रतिनिधि, तकनीकी क्षेत्र से जुड़े लोग और दूसरे व्यावसायिक काम से जाने वाले यात्रियों के लिए यात्रा की योजना बनाना आसान होगा। पहले जिन दो दिनों में उड़ान उपलब्ध नहीं थी, उन दिनों यात्रा करने वाले लोगों को सड़क या दूसरे शहरों के एयरपोर्ट पर निर्भर रहना पड़ सकता था। अब सप्ताह के सातों दिन सीधी उड़ान होने से यह विकल्प बढ़ गया है।
नवी मुंबई की तीन दिन की उड़ान से भी कारोबारी यात्राओं को सुविधा मिलेगी। नवी मुंबई मुंबई महानगर क्षेत्र का महत्वपूर्ण व्यावसायिक और औद्योगिक क्षेत्र है। वहां सीधी उड़ान मिलने से आगरा के व्यापारियों और उद्यमियों को बैठकों, कारोबार से जुड़े काम और व्यावसायिक यात्राओं के लिए अतिरिक्त सुविधा मिलेगी। दूसरी ओर नवी मुंबई और आसपास के कारोबारी भी कम समय में आगरा पहुंच सकेंगे। इससे स्थानीय व्यापार, होटल, ट्रैवल, टैक्सी और अन्य सेवा क्षेत्रों में यात्रियों की आवाजाही बढ़ने की संभावना है।
हवाई कनेक्टिविटी बढ़ने का असर केवल कारोबारी यात्राओं तक सीमित नहीं रहेगा। आगरा आने वाले पर्यटकों के लिए भी बेंगलुरु और मुंबई महानगर क्षेत्र से सीधी उड़ान महत्वपूर्ण है। ताजमहल देखने आने वाले यात्रियों के साथ फतेहपुर सीकरी, मथुरा-वृंदावन और आसपास के पर्यटन स्थलों की यात्रा करने वाले लोगों को भी इसका लाभ मिल सकता है। उड़ानों की उपलब्धता बढ़ने पर यात्रियों के पास अपनी यात्रा के दिन चुनने के अधिक विकल्प होंगे। इससे होटल, स्थानीय परिवहन, गाइड, ट्रैवल एजेंसी और पर्यटन से जुड़े अन्य कारोबार को भी यात्रियों की बढ़ी आवाजाही का लाभ मिलने की उम्मीद है।
आगरा एयरपोर्ट पर यात्रियों की संख्या में भी पिछले वित्तीय वर्ष में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 987 निर्धारित आगमन और 987 निर्धारित प्रस्थान वाली उड़ानों का संचालन हुआ। इन उड़ानों से कुल 2,54,650 यात्रियों ने सफर किया। इनमें 1,28,423 यात्री आगरा पहुंचे, जबकि 1,26,227 यात्री आगरा से रवाना हुए। इससे पहले वित्तीय वर्ष 2024-25 में 655 निर्धारित आगमन और 655 निर्धारित प्रस्थान वाली उड़ानों से कुल 1,65,233 यात्रियों ने यात्रा की थी। इनमें 82,257 यात्री आगरा पहुंचे और 82,976 यात्री यहां से रवाना हुए।
दोनों वित्तीय वर्षों के आंकड़ों की तुलना करें तो एक साल में एयरपोर्ट से यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या 89,417 बढ़ी। इसी अवधि में निर्धारित आगमन और प्रस्थान वाली उड़ानों की संख्या भी 655-655 से बढ़कर 987-987 हो गई। यानी उड़ानों के संचालन में वृद्धि के साथ यात्रियों की आवाजाही भी बढ़ी है। यही वजह है कि बेंगलुरु और नवी मुंबई जैसी महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी में फ्रीक्वेंसी बढ़ने से स्थानीय यात्रियों के साथ कारोबार और पर्यटन से जुड़े लोगों के लिए एयरपोर्ट की उपयोगिता और बढ़ सकती है।
माहवार आंकड़ों में भी एयरपोर्ट पर यात्रियों की लगातार आवाजाही दिखाई देती है। नवंबर में 13,034 यात्री आगरा पहुंचे और 12,932 यात्री यहां से रवाना हुए। दिसंबर में 12,486 यात्रियों का आगमन और 13,497 यात्रियों का प्रस्थान दर्ज हुआ। जनवरी में 12,116 यात्री आगरा पहुंचे और 12,431 यात्री रवाना हुए। फरवरी में 12,693 यात्री आगरा आए, जबकि 10,229 यात्री यहां से रवाना हुए। ये आंकड़े बताते हैं कि आगरा से हवाई यात्रा करने वालों में स्थानीय यात्रियों के साथ बाहर से आने वालों की भी बड़ी संख्या है।
विवेक कुमार शर्मा के अनुसार 25 अक्तूबर से विंटर शेड्यूल लागू होना है। इससे पहले उड़ानों के संचालन में फिर बदलाव संभव है। एयरपोर्ट से कुछ और उड़ानों के संचालन की संभावना भी जताई गई है। ऐसे में मौजूदा फ्रीक्वेंसी बढ़ने के साथ आने वाले शेड्यूल में कनेक्टिविटी के और विस्तार पर यात्रियों की नजर रहेगी। फिलहाल एक अक्तूबर से 25 अक्तूबर तक बेंगलुरु की उड़ान सातों दिन और नवी मुंबई की उड़ान तीन दिन संचालित होने से आगरा के यात्रियों के लिए हवाई सफर के विकल्प बढ़ गए हैं।

