आगरा। खंदारी स्थित राव कृष्णपाल सिंह ऑडिटोरियम में आयोजित ‘मां तुझे प्रणाम’ के वीरांगना सम्मान समारोह में देश की रक्षा और सेवा में प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। जिलाधिकारी मनीष बंसल और पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने 40 शहीद परिवारों की वीरांगनाओं और परिजनों को अंगवस्त्र व प्रशस्ति चिह्न देकर सम्मानित किया। शहीदों की वीरगाथाओं का स्मरण हुआ तो समारोह का माहौल भावुक हो उठा। जिलाधिकारी ने कहा कि शहीदों का बलिदान देश की अमूल्य धरोहर है और वीरांगनाओं व शहीद परिवारों का सम्मान राष्ट्र के गौरव का सम्मान है। उन्होंने जिला प्रशासन की ओर से शहीद परिवारों की हरसंभव सहायता का भरोसा भी दिया।

देश की रक्षा और सेवा में अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले अमर शहीदों की वीरगाथाओं और उनके परिवारों के त्याग को गुरुवार को आगरा ने नमन किया। खंदारी स्थित राव कृष्णपाल सिंह ऑडिटोरियम में आयोजित ‘मां तुझे प्रणाम’ कार्यक्रम के वीरांगना सम्मान समारोह में शहीदों की 40 वीरांगनाओं और उनके परिवारों को सम्मानित किया गया। शहीदों की वीरगाथाओं का स्मरण होते ही समारोह का वातावरण भावुक हो गया। मौजूद लोगों ने वीर शहीदों को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए उनके अदम्य साहस और बलिदान को याद किया।
समारोह का शुभारंभ जिलाधिकारी मनीष बंसल और पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इसके बाद देश की रक्षा एवं सेवा में प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीदों की पत्नियों, वीरांगनाओं और उनके परिवारीजनों को जिलाधिकारी और पुलिस आयुक्त ने अंगवस्त्र एवं प्रशस्ति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया। सम्मान प्राप्त करते समय कई वीरांगनाओं की आंखें नम हो गईं। समारोह में मौजूद लोगों ने भी भावुक क्षणों के बीच शहीदों के बलिदान को याद किया और उनके परिवारों के प्रति सम्मान प्रकट किया।

जिलाधिकारी मनीष बंसल ने कहा कि देश की रक्षा और सेवा के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों को नमन करना सभी के लिए गौरव का विषय है। सैनिक कठिन से कठिन परिस्थितियों में देश की सीमाओं और आंतरिक सुरक्षा की जिम्मेदारी पूरी निष्ठा और अदम्य साहस के साथ निभाते हैं। उनके शौर्य और बलिदान ने हमेशा देश का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि शहीदों का बलिदान देश की अमूल्य धरोहर है और वीरांगनाओं तथा शहीद परिवारों का सम्मान राष्ट्र के गौरव का सम्मान है।
उन्होंने कहा कि वीर केवल वे नहीं हैं, जिन्होंने देश की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्योछावर किए, बल्कि उनके परिवार भी उतने ही वीर हैं। एक जवान जब देश की रक्षा के लिए सीमा पर डटा रहता है तो उसके पीछे परिवार का विश्वास, सहयोग और त्याग उसकी ताकत बनता है। शहीद जवानों की माताओं, पत्नियों, बच्चों और पिता ने भी अनेक कठिनाइयों का सामना करते हुए देश के प्रति अपने कर्तव्य और गौरव को सर्वोच्च स्थान दिया है। ऐसे परिवारों का योगदान भी देश के लिए किसी बड़े बलिदान से कम नहीं है।

जिलाधिकारी ने कहा कि सम्मानित वीरांगनाओं और शहीद परिवारों का संघर्ष केवल अपने प्रियजन को खोने तक सीमित नहीं रहा। शहादत के बाद के जीवन में भी उन्हें अनेक कठिनाइयों और चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने साहस और धैर्य के साथ हर परिस्थिति का सामना किया। अपने जीवन के सबसे कठिन दौर में भी उन्होंने राष्ट्र के प्रति सम्मान और अपने परिवार की जिम्मेदारियों को प्राथमिकता दी। उनका त्याग, संघर्ष और राष्ट्र के प्रति समर्पण देश के लिए महान योगदान है।
उन्होंने कहा कि शहीद परिवारों का सम्मान करना समाज और प्रशासन की सामूहिक जिम्मेदारी है। ऐसे परिवारों के प्रति सम्मान केवल किसी समारोह तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उनके साथ हर परिस्थिति में खड़ा रहना जरूरी है। जिला प्रशासन सदैव शहीद परिवारों के साथ खड़ा है। उनकी किसी भी समस्या के समाधान के लिए हरसंभव सहयोग किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वीरांगनाओं की सेवा और सहायता करना प्रशासन के लिए सम्मान की बात है।
समारोह में शहीदों की वीरगाथाओं का उल्लेख हुआ तो वातावरण में देशभक्ति और भावनाओं का गहरा असर दिखाई दिया। शहीदों के अदम्य साहस, कर्तव्यनिष्ठा और देश के लिए दिए गए सर्वोच्च बलिदान को याद किया गया। उपस्थित लोगों ने शहीद परिवारों के त्याग को भी नमन किया। वक्ताओं ने कहा कि देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले जवानों के साथ उनके परिवार भी राष्ट्रसेवा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जवान के देश के लिए समर्पित होने के पीछे परिवार का त्याग, धैर्य और सहयोग रहता है।

वीरांगना सम्मान समारोह में शहीद परिवारों को सम्मानित किए जाने का उद्देश्य उनके योगदान और त्याग को समाज के सामने रखना भी रहा। सम्मान समारोह के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले जवानों को देश कभी नहीं भूल सकता। उनके परिवारों के प्रति समाज और प्रशासन की जिम्मेदारी भी बनी रहती है। शहीद परिवारों को मिले सम्मान के दौरान सभागार में मौजूद लोगों ने सम्मान के साथ उनका उत्साहवर्धन किया।
‘मां तुझे प्रणाम’ कार्यक्रम का आयोजन समाचार पत्र अमर उजाला के तत्वावधान में किया गया। कार्यक्रम में शहीद परिवारों, जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, सैन्य पृष्ठभूमि से जुड़े लोगों और गणमान्यजनों की मौजूदगी रही। समारोह में अंबरीश पाल सिंह, स्क्वाड्रन लीडर एके सिंह, रंजना बंसल, डॉ. आयुषी बंसल, कर्नल आरएस सोढ़ी और कंवलजीत बख्शी सहित शहीदों के परिवारीजन एवं गणमान्यजन मौजूद रहे।

समारोह में सम्मानित वीरांगनाओं और शहीद परिवारों के चेहरों पर सम्मान और भावनाओं का मिश्रित असर दिखाई दिया। उनके लिए यह अवसर अपने दिवंगत परिजनों की स्मृतियों को फिर से जीवंत करने वाला भी था। एक ओर अपनों को खोने का दर्द था तो दूसरी ओर देश के लिए उनके बलिदान पर गर्व का भाव भी दिखाई दिया। शहीदों की वीरगाथाओं के स्मरण के दौरान सभागार में मौजूद लोग भावुक नजर आए और सभी ने अमर शहीदों को श्रद्धापूर्वक नमन किया।
जिलाधिकारी ने अपने संबोधन के अंत में सभी वीर शहीदों को शत-शत नमन करते हुए शहीद परिवारों के प्रति गहरी श्रद्धा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले जवानों के बलिदान को हमेशा याद रखा जाना चाहिए। उनके परिवारों का सम्मान करना पूरे राष्ट्र के गौरव का विषय है। उन्होंने एक बार फिर भरोसा दिलाया कि जिला प्रशासन शहीद परिवारों की समस्याओं के समाधान और उनकी सहायता के लिए हरसंभव प्रयास करेगा।

वीरांगना सम्मान समारोह ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि देश की रक्षा में बलिदान देने वाले जवानों की शहादत केवल उनके परिवार की नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र की विरासत है। उनके परिवारों का त्याग भी राष्ट्रसेवा का हिस्सा है। आगरा में आयोजित इस समारोह में 40 शहीद परिवारों की वीरांगनाओं को सम्मान देकर उनके साहस, संघर्ष और समर्पण को नमन किया गया। समारोह के दौरान शहीदों को श्रद्धांजलि और वीरांगनाओं को सम्मान ने पूरे माहौल को देशभक्ति और भावनाओं से भर दिया।
