आगरा। ट्रेन में सफर के दौरान यात्रियों को अब खाने के ज्यादा विकल्प मिलेंगे, पसंद के व्यंजन चुनने की सुविधा होगी और प्रमुख स्टेशनों पर पैकेज्ड पेयजल के साथ आरओ पानी भी उपलब्ध रहेगा। उत्तर मध्य रेलवे ने खान-पान व्यवस्था में बदलाव करते हुए 99 राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय ब्रांडों के ब्रांडेड व पैक्ड खाद्य-पेय पदार्थों को सूची में शामिल किया है। यात्रियों के लिए 72 ए-ला-कार्टे व्यंजनों का मेनू पारदर्शी दरों के साथ तय किया गया है।
प्रयागराज, कानपुर सेंट्रल, झांसी, ग्वालियर और आगरा कैंट समेत 21 प्रमुख स्टेशनों पर रेल नीर की उपलब्धता अनिवार्य की गई है, जबकि इन स्टेशनों पर 137 वाटर वेंडिंग मशीनों से आरओ पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता जांचने के लिए वर्ष 2025-26 में बेस किचन, ट्रेनों और स्टालों की 1,309 बार जांच हुई और 1,826 खाद्य नमूने प्रयोगशालाओं में भेजे गए। जुलाई और अगस्त 2026 में विशेष अभियानों के दौरान अधिकारियों ने ट्रेनों, बेस किचन और वेंडिंग स्टालों की व्यवस्था भी परखी। इन प्रयासों के बीच रेल मदद पोर्टल पर अप्रैल से अगस्त 2026 के दौरान खान-पान से जुड़ी शिकायतें पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 36 प्रतिशत कम हुई हैं।

मनपसंद खाना चुनने के बढ़े विकल्प
रेलवे ने यात्रियों की पसंद को ध्यान में रखते हुए प्रोप्राइटरी आर्टिकल डिपो श्रेणी के खाद्य और पेय पदार्थों के लिए 99 राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय ब्रांडों को सूची में शामिल किया है। इनमें ब्रांडेड, पैक्ड और सीधे खाने-पीने के लिए तैयार उत्पाद शामिल हैं। इसका फायदा यह होगा कि यात्रियों को ट्रेन और स्टेशनों पर खान-पान के अधिक विकल्प उपलब्ध होंगे। इसके साथ 72 ए-ला-कार्टे व्यंजनों का मेनू तय किया गया है। इन व्यंजनों की दरें पारदर्शी रखी गई हैं, जिससे यात्री उपलब्ध भोजन और उसकी कीमत देखकर अपनी पसंद का व्यंजन चुन सकेंगे।
21 स्टेशनों पर रेल नीर की उपलब्धता
यात्रा के दौरान पेयजल की जरूरत को देखते हुए 21 प्रमुख स्टेशनों पर रेल नीर की उपलब्धता अनिवार्य की गई है। इनमें प्रयागराज, कानपुर सेंट्रल, झांसी, ग्वालियर और आगरा कैंट जैसे प्रमुख स्टेशन शामिल हैं। इससे यात्रियों को इन स्टेशनों पर पैकेज्ड पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। इसके अलावा 21 स्टेशनों पर 137 वाटर वेंडिंग मशीनें लगातार सेवा में हैं। इनके माध्यम से यात्रियों को शुद्ध आरओ पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे स्टेशन पर यात्रियों के लिए पीने के पानी का एक और विकल्प उपलब्ध रहेगा।

खाने की गुणवत्ता जांचने के लिए 1309 जांच
खान-पान के विकल्प बढ़ाने के साथ भोजन की गुणवत्ता और सुरक्षा पर भी निगरानी रखी गई है। वर्ष 2025-26 में रेल अधिकारियों ने बेस किचन, ट्रेनों और खान-पान स्टालों की 1,309 बार जांच की। भोजन की शुद्धता और गुणवत्ता परखने के लिए 1,826 खाद्य नमूने प्रयोगशालाओं में भेजे गए। जांच में जहां लापरवाही मिली, वहां संबंधित ठेकेदारों पर जुर्माना लगाया गया। इससे यात्रियों को मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता पर नजर बनाए रखने की व्यवस्था मजबूत हुई है।
ट्रेन में खाना परोसने से लेकर कर्मचारी का व्यवहार भी परखा
रेलवे बोर्ड के निर्देश पर जुलाई 2026 में सात दिन का विशेष अभियान चलाया गया। इस दौरान 16 प्रमुख ट्रेनों में भोजन के स्वाद, परोसने के तरीके और कर्मचारियों के व्यवहार को देखा गया। यानी खान-पान की व्यवस्था में केवल भोजन की उपलब्धता ही नहीं, बल्कि यात्रियों को दी जा रही पूरी सेवा को परखा गया।
अगस्त 2026 में 15 दिन का एक और व्यापक अभियान चलाया गया। इसमें मुख्यालय और मंडलों के उच्च अधिकारियों ने बेस किचन और वेंडिंग स्टालों पर पहुंचकर व्यवस्थाएं देखीं। साफ-सफाई, कर्मचारियों के दस्ताने और मास्क की अनिवार्यता तथा भोजन तैयार करने में इस्तेमाल होने वाली सामग्रियों की ताजगी की जांच की गई। इससे खान-पान केंद्रों पर स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा के मानकों को लागू करने पर निगरानी बढ़ी।
खान-पान की शिकायतों में 36 प्रतिशत कमी
व्यवस्था में किए गए बदलावों का असर रेल मदद पोर्टल पर दर्ज शिकायतों में भी दिखाई दिया। अप्रैल से अगस्त 2026 के बीच खान-पान से संबंधित शिकायतों में पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 36 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। रेलवे की ओर से खान-पान के विकल्प बढ़ाने, दरों को पारदर्शी रखने, पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने और भोजन की गुणवत्ता जांचने के साथ अधिकारियों के जरिए जमीनी स्तर पर व्यवस्थाओं को परखने की प्रक्रिया जारी है।
इस तरह ट्रेन यात्रियों के लिए खान-पान व्यवस्था में बदलाव का असर भोजन से लेकर पानी और गुणवत्ता जांच तक दिखाई दे रहा है। 99 ब्रांडों के पैक्ड खाद्य-पेय पदार्थ और 72 ए-ला-कार्टे व्यंजन यात्रियों को पसंद के अनुसार विकल्प देंगे। 21 प्रमुख स्टेशनों पर रेल नीर और 137 वाटर वेंडिंग मशीनें पेयजल की सुविधा बढ़ाएंगी। वहीं 1,309 जांच, 1,826 खाद्य नमूनों की प्रयोगशाला जांच और जुलाई-अगस्त के विशेष अभियानों के जरिए भोजन की गुणवत्ता, साफ-सफाई और सेवा व्यवस्था को परखा गया है। इसी अवधि में खान-पान से जुड़ी शिकायतों में 36 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई।
