आगरा। वीरता, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति के प्रतीक महाराणा प्रताप की स्मृति को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से आगरा जनपद के शमशाबाद कस्बे में 14 जून को भव्य प्रतिमा अनावरण समारोह आयोजित किया जाएगा। तहसील फतेहाबाद के कस्बा शमशाबाद स्थित ए.पी. इंटर कॉलेज परिसर में होने वाले इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में भारत सरकार के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। कार्यक्रम को लेकर क्षेत्र में व्यापक तैयारियां की जा रही हैं और बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।
कार्यक्रम की जानकारी जिला पंचायत कार्यालय आगरा में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान दी गई। प्रेस वार्ता में जिला पंचायत अध्यक्ष मंजू भदौरिया, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रशांत पौनिया समेत कई भाजपा नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने कार्यक्रम की रूपरेखा साझा की। उन्होंने बताया कि शमशाबाद नगर के मुख्य द्वार पर महाराणा प्रताप की 15 फीट ऊंची और 12 फीट चौड़ी भव्य प्रतिमा स्थापित की गई है, जिसका अनावरण 14 जून को किया जाएगा। यह प्रतिमा क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान और गौरव का प्रतीक बनेगी।
आयोजकों के अनुसार समारोह को ऐतिहासिक स्वरूप देने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, युवाओं और आमजन के पहुंचने की संभावना है। आयोजकों का दावा है कि समारोह में लाखों लोगों की भागीदारी हो सकती है। कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा, यातायात, पार्किंग और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासनिक स्तर पर भी तैयारी शुरू कर दी गई है।
प्रेस वार्ता के दौरान भाजपा नेताओं ने कहा कि महाराणा प्रताप केवल मेवाड़ के शासक नहीं थे, बल्कि वे भारतीय संस्कृति, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति के अमर प्रतीक हैं। उन्होंने अपने जीवन में कभी भी आत्मसम्मान और मातृभूमि की रक्षा के सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। विपरीत परिस्थितियों में भी उन्होंने संघर्ष का मार्ग नहीं छोड़ा और अपने राज्य, संस्कृति और सम्मान की रक्षा के लिए कठिन से कठिन जीवन व्यतीत किया।
नेताओं ने कहा कि महाराणा प्रताप का जीवन त्याग, तपस्या, संघर्ष और अदम्य साहस की प्रेरणादायक गाथा है। उन्होंने जंगलों और पहाड़ों में रहकर भी अपने स्वाभिमान को सर्वोपरि रखा। घास की रोटियां खाकर जीवन यापन करने की कथा आज भी राष्ट्रप्रेम और आत्मसम्मान की मिसाल मानी जाती है। उनका पूरा जीवन यह संदेश देता है कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, यदि संकल्प मजबूत हो तो राष्ट्र और सम्मान की रक्षा के लिए हर संघर्ष किया जा सकता है।
प्रेस वार्ता में यह भी कहा गया कि शमशाबाद में स्थापित की जा रही यह प्रतिमा केवल एक स्मारक नहीं होगी, बल्कि यह नई पीढ़ी को प्रेरित करने का कार्य करेगी। प्रतिमा युवाओं को राष्ट्रभक्ति, वीरता, कर्तव्यनिष्ठा और संस्कृति की रक्षा के लिए प्रेरित करेगी। आयोजकों का मानना है कि आज की युवा पीढ़ी को महाराणा प्रताप के जीवन से सीख लेने की आवश्यकता है, क्योंकि उनका जीवन संघर्ष और आत्मसम्मान का सर्वोच्च उदाहरण है।
भाजपा नेताओं ने कहा कि वर्तमान समय में युवाओं को अपने इतिहास और महान विभूतियों के योगदान से परिचित कराना बेहद जरूरी है। महाराणा प्रताप का जीवन भारतीय इतिहास का ऐसा अध्याय है, जो हर पीढ़ी को संघर्ष, साहस और राष्ट्र के प्रति समर्पण की प्रेरणा देता है। यही कारण है कि शमशाबाद में उनकी भव्य प्रतिमा स्थापित कर लोगों को उनके आदर्शों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
कार्यक्रम को लेकर क्षेत्र में उत्साह का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने भी इस आयोजन को ऐतिहासिक बताया है। नगर के विभिन्न स्थानों पर कार्यक्रम के प्रचार-प्रसार के लिए तैयारियां की जा रही हैं। आयोजकों के अनुसार समारोह में आने वाले लोगों के स्वागत के लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी। कार्यक्रम स्थल को आकर्षक ढंग से सजाया जाएगा और सांस्कृतिक वातावरण तैयार किया जाएगा, जिससे लोग महाराणा प्रताप के गौरवशाली इतिहास और व्यक्तित्व से जुड़ाव महसूस कर सकें।
प्रेस वार्ता में जिला पंचायत अध्यक्ष मंजू भदौरिया ने कहा कि महाराणा प्रताप भारत की आन, बान और शान के प्रतीक हैं। उनका जीवन संघर्ष और स्वाभिमान की ऐसी मिसाल है, जो सदियों तक लोगों को प्रेरित करती रहेगी। वहीं भाजपा जिलाध्यक्ष प्रशांत पौनियाँ ने कहा कि यह कार्यक्रम केवल प्रतिमा अनावरण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह समाज को अपने इतिहास और संस्कृति के प्रति जागरूक करने का माध्यम भी बनेगा।
प्रेस वार्ता में विजय शिवहरे, भगवान सिंह कुशवाहा, रामसकल गुर्जर, प्रदीप भाटी, सहदेव शर्मा, मुकेश चाहर, नरेश शर्मा सहित कई जनप्रतिनिधि और भाजपा पदाधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने लोगों से अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की।
14 जून को शमशाबाद में होने वाला यह भव्य समारोह न केवल महाराणा प्रताप के सम्मान का प्रतीक बनेगा, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रभक्ति, साहस और स्वाभिमान के मार्ग पर चलने की प्रेरणा भी देगा। आयोजकों को उम्मीद है कि यह आयोजन क्षेत्र के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में दर्ज होगा।
आगरा किले के जहांगीर महल में गूंजी महाराजा सूरजमल की शौर्य गाथा
आगरा। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशानुसार भरतपुर नरेश महाराजा सूरजमल के विजय दिवस के अवसर पर आगरा किले के जहांगीर महल में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ महाराजा सूरजमल के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर उनके वंशज नेम सिंह फौजदार, विधायक जी.एस. धर्मेश, चौधरी उदयभान सिंह तथा अन्य अतिथियों ने श्रद्धांजलि अर्पित की।
मुख्य अतिथि केंद्रीय राज्य मंत्री एस.पी. सिंह बघेल ने कहा कि महाराजा सूरजमल का जीवन साहस, सुशासन और सामाजिक समरसता का प्रेरणास्रोत है। उनका योगदान आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रसेवा और समाजहित के लिए सदैव प्रेरित करता रहेगा।

विधायक जी.एस. धर्मेश ने कहा कि महाराजा सूरजमल का अद्वितीय शौर्य और राष्ट्रभक्ति सभी के लिए प्रेरणादायी है। पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित विजय दिवस कार्यक्रम में भारतीय संस्कृति, इतिहास और वीरता की गौरवशाली परंपराओं को जीवंत रूप से प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम में एस.पी. सिंह बघेल, नेम सिंह फौजदार, जी.एस. धर्मेश, राजकुमार गुप्ता, उदयभान सिंह, हेमेंद्र शर्मा, महेश शर्मा, रोहित कत्याल, पुरुषोत्तम फौजदार, विवेक धर्मेश, शिविर जैन, राजेंद्र सिंह चाहर, मोहन सिंह सोलंकी, सत्यपाल अत्री, दलवीर सिंह रावत, राजवीर भगोर, यादराम वर्मा, हरिओम चौधरी, विकास भारद्वाज, बजरंगी चौधरी, नंदी महाजन और कुंवर शैलराज सिंह सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

