आगरा। बोदला स्थित आवास विकास कॉलोनी सेक्टर-1 के सतनाम साक्षी मंदिर में चल रहे गणेश उत्सव में गुरुवार को श्रद्धा और भक्ति का माहौल रहा। गणेश पंडाल में श्री मनकामेश्वर मंदिर के महंत योगेश पुरी का श्रद्धालुओं ने स्वागत किया। इसके बाद उन्होंने विधि-विधान से भगवान गणेश की महाआरती की। महाआरती के दौरान पंडाल गणपति बप्पा मोरया और हर-हर महादेव के जयघोष से गूंज उठा। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने आरती में शामिल होकर भगवान गणेश का आशीर्वाद लिया।
महाआरती के बाद आयोजन स्थल पर उज्जैन के बाबा महाकाल की भव्य झांकी सजाई गई। झांकी में बाबा महाकाल का आकर्षक श्रृंगार किया गया था। धार्मिक स्वरूप में सजी झांकी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रही। लोगों ने कतार में पहुंचकर बाबा महाकाल के दर्शन किए। इस दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही। गणेश उत्सव के साथ भगवान शिव की आराधना से जुड़े आयोजन ने धार्मिक वातावरण को और विशेष बना दिया। झांकी के दर्शन के लिए पहुंचे लोगों ने श्रद्धा के साथ पूजा-अर्चना की।
कार्यक्रम में बच्चों के लिए सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी आयोजित की गईं। बच्चों ने विभिन्न प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा दिखाई। उनकी प्रस्तुतियों को मौजूद लोगों ने सराहा। धार्मिक आयोजन के बीच सांस्कृतिक कार्यक्रम ने बच्चों को मंच देने के साथ उत्सव में परिवारों की सहभागिता भी बढ़ाई। मंदिर परिसर में गणेश उत्सव की सजावट, झांकी और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के कारण पूरे कार्यक्रम के दौरान उत्साह बना रहा।
महंत योगेश पुरी ने कहा कि भगवान गणेश विघ्नहर्ता और मंगलकारी देवता हैं। गणेश उत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज को एक साथ जोड़ने का अवसर भी है। उन्होंने कहा कि ऐसे पर्वों के माध्यम से लोगों में एकता, सद्भाव और संस्कारों को मजबूत करने की भावना विकसित होती है। उन्होंने बाबा महाकाल की झांकी का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके माध्यम से श्रद्धालुओं को भगवान शिव की आराधना के साथ सनातन संस्कृति और परंपराओं से जुड़ने का अवसर मिला है।
उन्होंने कहा कि धार्मिक पर्वों की सार्थकता समाज की सहभागिता से बढ़ती है। जब ऐसे आयोजनों में सेवा, संस्कार और सद्भाव की भावना शामिल होती है तो उनका प्रभाव केवल आयोजन स्थल तक सीमित नहीं रहता। धार्मिक कार्यक्रम नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से परिचित कराने का माध्यम भी बनते हैं। बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों को इसी कड़ी का हिस्सा माना गया। इससे उन्हें धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों में सक्रिय भागीदारी का अवसर मिलता है।
गणेश उत्सव के दौरान मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए धार्मिक कार्यक्रमों की व्यवस्था की गई। महाआरती में शामिल लोगों ने भगवान गणेश के जयकारे लगाए। बाबा महाकाल की झांकी के सामने भी श्रद्धालुओं ने श्रद्धा प्रकट की। गणेश उत्सव के पंडाल में एक ओर गणपति बप्पा मोरया के जयघोष सुनाई दिए तो दूसरी ओर हर-हर महादेव के उद्घोष से वातावरण भक्तिमय बना रहा। आयोजन में शामिल परिवारों और स्थानीय लोगों ने झांकी के दर्शन के साथ सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आनंद लिया।
आयोजन समिति और कॉलोनीवासियों की ओर से महंत योगेश पुरी का नागरिक अभिनंदन कर सम्मान किया गया। समिति के सदस्यों और स्थानीय लोगों ने उन्हें सम्मानित किया। इसके बाद श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद का वितरण किया गया। प्रसाद लेने के लिए लोगों की मौजूदगी बनी रही। गणेश उत्सव के कार्यक्रम में धार्मिक अनुष्ठान, महाकाल की झांकी, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और प्रसाद वितरण एक साथ आयोजित किए गए।
कार्यक्रम में गंगा अडवाणी, मनीष अग्रवाल, राजेश वर्मा, अतुल जैसवाल और अंकित जैन समेत अन्य लोग मौजूद रहे। आयोजन में स्थानीय लोगों की सहभागिता रही और श्रद्धालुओं ने गणेश उत्सव के धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लिया। मंदिर परिसर में भगवान गणेश की महाआरती और बाबा महाकाल की झांकी के दर्शन के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ।
