आगरा। छलेसर रोड स्थित श्री वरद वल्लभा महागणपति मंदिर में चल रहे 12 दिवसीय पंचम गणेश महोत्सव के चतुर्थ दिवस गुरुवार को पीतांबर में सजे महागणपति के भक्तों ने दिव्य दर्शन किए। पीली धोती और पीला मुकुट धारण किए भगवान का स्वरूप स्वर्ण मुकुट, कुंडल और विभिन्न स्वर्णाभूषणों से सुसज्जित रहा। लाल गुलाब की माला और मस्तक पर वैष्णव तिलक से सजे महागणपति फूल बंगले में विराजमान रहे। श्रद्धालुओं ने दर्शन कर पूजा-अर्चना की और सुख-समृद्धि व मंगलकामना की। खास बात यह रही कि महोत्सव के चतुर्थ दिवस दो नन्हे भक्त मायरा और इवान ने गणपति महाराज का हवन किया। उनके साथ रोहित रल्लन और सार्थक गुप्ता ने भी परिवार सहित वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवन में आहुति अर्पित की।
महोत्सव के दौरान नन्हे भक्तों और परिवारों की हवन-पूजन में सहभागिता से मंदिर परिसर का माहौल भक्तिमय बना रहा। विधि-विधान से संपन्न हवन में श्रद्धालुओं ने गणपति से परिवार में सुख, शांति, समृद्धि और मंगल की कामना की। महोत्सव के प्रत्येक दिन भगवान महागणपति का अलग-अलग स्वरूप में श्रृंगार कर भक्तों को दर्शन कराए जा रहे हैं। चतुर्थ दिवस का पीतांबर स्वरूप विशेष रूप से आकर्षण का केंद्र रहा। फूल बंगले में सजे भगवान के मनोहारी स्वरूप को देखने के लिए श्रद्धालु पहुंचे और पूजा-अर्चना की।
मंदिर के मुख्य पुजारी लखन दीक्षित और प्रबंधक नितिन शर्मा ने बताया कि महोत्सव के दौरान प्रतिदिन सुबह 7:30 बजे नित्य अभिषेक सेवा की जा रही है। इसके बाद भगवान का वस्त्र श्रृंगार और फल सेवा होती है। अलग-अलग भोग सेवाओं के साथ भोग आरती, दोपहर का भोग और शाम का भोग भी अर्पित किया जाता है। उन्होंने बताया कि महोत्सव में प्रतिदिन सुबह और शाम महागणपति हवन का आयोजन हो रहा है, जिसमें श्रद्धालु सहभागिता कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि धार्मिक अनुष्ठानों का क्रम दिनभर चलता है। शाम छह बजे सहस्रनाम अर्चना की जाती है। इसके बाद सात बजे महाआरती होती है और रात नौ बजे शयन आरती के साथ दिन के धार्मिक कार्यक्रमों का समापन होता है। इन सेवाओं में श्रद्धालुओं की सहभागिता लगातार बनी हुई है।
मंदिर के संस्थापक हरिमोहन गर्ग ने बताया कि पंचम गणेश महोत्सव के प्रत्येक दिवस भगवान महागणपति का अलग-अलग स्वरूप में श्रृंगार कर भक्तों को दर्शन कराए जा रहे हैं। इसी क्रम में गुरुवार को पीतांबर धारण किए महागणपति का स्वरूप सजाया गया। पीली पोशाक, मुकुट, स्वर्णाभूषण, लाल गुलाब की माला और वैष्णव तिलक से सजे भगवान का स्वरूप भक्तों को विशेष रूप से मनोहारी लगा। उन्होंने कहा कि महोत्सव में नन्हे भक्तों और उनके परिवारों की हवन-पूजन में भागीदारी आयोजन के आध्यात्मिक उत्साह को और बढ़ा रही है।
मंदिर में चल रहे 12 दिवसीय गणेश महोत्सव के दौरान प्रतिदिन पूजा, अभिषेक, श्रृंगार, हवन, आरती और भोग सेवा का क्रम जारी है। अलग-अलग दिनों में भगवान के अलग स्वरूपों के दर्शन श्रद्धालुओं को कराए जा रहे हैं। चतुर्थ दिवस फूल बंगले में विराजमान महागणपति के पीतांबर स्वरूप ने भक्तों का मन मोह लिया। नन्हे भक्तों द्वारा हवन में आहुति देने से आयोजन में परिवारों की भागीदारी भी दिखाई दी और मंदिर परिसर में श्रद्धा के साथ उत्साह का वातावरण बना रहा।
