बारह खंबा के कीचड़ भरे रास्ते पर फिसली स्कूटी, युवक की हड्डी टूटी; रुई की मंडी-शाहगंज फाटक पर भी घंटों फंसे वाहन, फ्लाइट और ट्रेन छूटने का डर
आगरा। ईदगाह-खेरिया रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) बंद होने से रविवार को शहर की यातायात व्यवस्था चरमरा गई। वैकल्पिक मार्ग बारह खंबा पर गड्ढों, कीचड़ और धूल के बीच वाहन रेंगते रहे। जगह-जगह जल निकासी की खराब व्यवस्था ने मुश्किलें और बढ़ा दीं। सुबह से ही सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। इसी मार्ग पर गड्ढे में स्कूटी फिसलने से धनौली निवासी दिनेश घायल हो गए।
उनके हाथ की हड्डी टूट गई। क्षेत्रीय लोगों के मुताबिक, इस रास्ते से अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों और एंबुलेंस को जाम में फंसने का खतरा बना रहता है। एयरपोर्ट और आगरा कैंट रेलवे स्टेशन जाने वाले यात्रियों को फ्लाइट और ट्रेन छूटने की चिंता सता रही है। उधर, रुई की मंडी-शाहगंज रेलवे फाटक पर ट्रेन गुजरने के दौरान यातायात रुकने से जाम और लंबा हो गया। आरपीएफ की तैनाती के बावजूद लोग बंद आरओबी की रोक पार कर पैदल निकलते रहे।

गड्ढे में फिसली स्कूटी
ईदगाह-खेरिया आरओबी बंद होने के बाद रेलवे की ओर से बारह खंबा डबल फाटक संख्या-75 से वैकल्पिक आवागमन की व्यवस्था सुझाई गई है। अर्जुन नगर तिराहे से होकर गुजरने वाले इस रास्ते की हालत पहले से खराब है। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे और कीचड़ होने के कारण दोपहिया वाहन चालकों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
रविवार को धनौली निवासी दिनेश अपनी बेटी के साथ शाहगंज बाजार से खरीदारी कर स्कूटी से घर लौट रहे थे। अर्जुन नगर मार्ग पर बारह खंबा फाटक के पास उनकी स्कूटी गड्ढे में फिसल गई। हादसे में दिनेश घायल हो गए और उनके हाथ की हड्डी टूट गई। साथ में चल रही उनकी बेटी को चोट नहीं आई।https://todaynewstrack.com/2026/10/agra-news-eidgah-kheria-rob-closure-traffic-jam-patients-air-rail-passengers-up-news/
मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने दिनेश को सड़क किनारे बैठाकर प्राथमिक उपचार दिया। बाद में परिजन घटनास्थल पर पहुंचे और उन्हें निजी अस्पताल ले गए। स्थानीय लोगों का कहना है कि वैकल्पिक मार्ग पर कीचड़, गड्ढों और जल निकासी की समस्या के कारण वाहन चालकों को रोजाना जोखिम उठाना पड़ रहा है। वाहनों का दबाव बढ़ने से सुरक्षित तरीके से निकलना भी मुश्किल हो गया है।

ईदगाह-खेरिया आरओबी के आसपास कई अस्पताल हैं। ऐसे में पुल बंद होने और वैकल्पिक रास्तों पर जाम लगने से मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने की चिंता बढ़ गई है। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि जाम में एंबुलेंस फंसने की स्थिति में गंभीर मरीजों को अस्पताल पहुंचने में देरी हो सकती है।
मरीजों और उनके तीमारदारों को अब अस्पताल जाने के लिए रास्ते और यातायात की स्थिति का ध्यान रखना पड़ रहा है। लोगों ने मांग की है कि वैकल्पिक मार्ग की हालत सुधारी जाए और यातायात का दबाव कम करने के लिए प्रभावी व्यवस्था की जाए, जिससे मरीजों और आपातकालीन सेवाओं को परेशानी न हो।

एयरपोर्ट और कैंट स्टेशन जाने वालों को फ्लाइट-ट्रेन छूटने की चिंता
ईदगाह-खेरिया मार्ग से बड़ी संख्या में लोग एयरपोर्ट और आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पहुंचते हैं। आरओबी बंद होने के बाद रास्ते में जाम मिलने पर यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। क्षेत्रीय लोगों के मुताबिक, एयरपोर्ट जाने वाले कई यात्री जाम में फंसने की समस्या झेल चुके हैं। उन्हें फ्लाइट छूटने का डर रहता है और समय पर पहुंचने के लिए घर से काफी पहले निकलना पड़ रहा है। कुछ यात्रियों को करीब तीन घंटे पहले घर से निकलने की मजबूरी महसूस हो रही है।http://eidgah-kheria-rob-closure-traffic-jam-agra-up-news
आगरा कैंट से ट्रेन पकड़ने जाने वाले यात्रियों के सामने भी यही परेशानी है। रास्ते में जाम लगने पर ट्रेन छूटने की आशंका बनी रहती है। इसके अलावा नौकरी, कारोबार और दूसरे जरूरी कामों से निकलने वाले लोगों को भी गंतव्य तक पहुंचने में अधिक समय लग रहा है। लोगों का कहना है कि पुल बंद रहने की अवधि में वैकल्पिक रास्ते को सुचारु रखना जरूरी है, ताकि अस्पताल, एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन जाने वालों को अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े।
रुई की मंडी-शाहगंज फाटक बंद होते ही लगी वाहनों की कतार
ईदगाह-खेरिया आरओबी बंद होने से पहले ही शहर के कई मार्गों पर यातायात का दबाव बना हुआ है। रविवार को रुई की मंडी-शाहगंज रेलवे फाटक पर ट्रेन गुजरने के दौरान रास्ता बंद होने से जाम की स्थिति और गंभीर हो गई। फाटक के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। लोगों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ा।
बारह खंबा मार्ग पर वाहनों की बढ़ती संख्या और रेलवे फाटक बंद होने से यातायात प्रभावित हुआ। संकरी गलियों से निकलने की कोशिश में भी लोगों को परेशानी हुई। पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के जवान यातायात संभालने में जुटे रहे। इसके बावजूद लोगों को जाम से राहत नहीं मिली।
रोक के बावजूद आरओबी से पैदल निकल रहे लोग
आरओबी के बीच का हिस्सा खोदकर निर्माण कार्य शुरू किए जाने के कारण इस पर वाहनों की आवाजाही बंद है। इसके बावजूद लोग दूसरी ओर जाने के लिए पुल पर लगी रोक पार कर पैदल निकलते दिखाई दिए। आरपीएफ की तैनाती के बाद भी लोगों का आवागमन जारी रहा। बंद पुल से पैदल निकलना जोखिम भरा हो सकता है, लेकिन रास्ता लंबा होने और जाम की परेशानी के कारण लोग ऐसा कर रहे हैं।http://pul-band-raste-behaal-traffic-jam-eidgah-kheria-rob-agra-up-news
ईदगाह-खेरिया आरओबी से ख्वाजा की सराय, अर्जुन नगर, अवधपुरी, अजीत नगर, शिव नगर, कमाल खां, नरीपुरा, धनौली, मलपुरा, अकोला, खेरागढ़, जगनेर, कागारौल और तांतपुर सहित कई क्षेत्रों के लोग आवागमन करते हैं। इसी मार्ग से ईदगाह, नामनेर, माल रोड, ग्वालियर रोड, एमजी रोड, फतेहाबाद, शमशाबाद, रोहता, मधुनगर और राजपुर चुंगी की ओर भी पहुंचा जाता है।

स्थानीय बाजार कमेटियों के अनुसार, क्षेत्र में करीब 400 दुकानें और 450 मोहल्ले हैं। आसपास के दो दर्जन से अधिक गांवों के लोग भी इसी मार्ग का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में आरओबी बंद होने का असर बड़ी आबादी के दैनिक आवागमन पर पड़ रहा है।
विधायक और अधिकारियों ने लिया था हालातों का जायजा
आरओबी बंद होने से लोगों को हो रही परेशानी के बीच शनिवार को क्षेत्रीय विधायक डॉ. जीएस धर्मेश ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। उनके साथ पुलिस प्रशासन और नगर निगम के अधिकारी भी मौजूद रहे। बैठक में यातायात व्यवस्था और वैकल्पिक मार्ग से जुड़ी समस्याओं को लेकर चर्चा की गई। अधिकारियों को व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए।http://eidgah-kheria-rob-closure-pothole-scooter-accident-agra-up-news
इसके बाद सहायक नगरायुक्त ने नगर निगम की टीम से सफाई अभियान चलवाया। कुछ स्थानों से अतिक्रमण भी हटवाया गया। हालांकि, वैकल्पिक मार्ग पर गड्ढों, कीचड़ और जल निकासी की समस्या को लेकर लोगों की परेशानी बनी हुई है। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि सफाई और अतिक्रमण हटाने के साथ सड़क की हालत सुधारना भी जरूरी है। पानी की निकासी ठीक नहीं होने से कीचड़ जमा होता है, जिससे दोपहिया वाहन फिसलने का खतरा बना रहता है।
पोस्टर लगाकर उठाई पुल का निर्माण जल्द पूरा कराने की मांग
आरओबी बंद होने से परेशान क्षेत्रीय लोगों ने निर्माण कार्य में देरी के विरोध में अलग-अलग स्थानों पर पोस्टर लगाए हैं। पोस्टरों पर ‘पुल बनाओ, उल्लू न बनाओ’ लिखकर निर्माण जल्द पूरा कराने की मांग की गई है। अर्जुन नगर तिराहा, बारह खंबा, सोनानगर, खेरिया मोड़ और अजीत नगर चौराहे पर लगाए गए पोस्टरों में लोगों ने पुल का निर्माण चुनाव से पहले पूरा कराने की मांग उठाई है।
पोस्टरों में दावा किया गया है कि आठ साल में चार बार उद्घाटन होने के बावजूद केवल चार पिलर ही बन पाए हैं। लोगों ने संबंधित कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने और दूसरी कंपनी लगाकर निर्माण जल्द पूरा कराने की मांग की है। उनका कहना है कि पुल बंद रहने से आसपास के इलाकों के लोगों को रोजाना परेशानी हो रही है। इसलिए निर्माण कार्य में तेजी लाई जानी चाहिए।

15 जनवरी 2027 तक पूरा होगा काम, खर्च होंगे 10 करोड़ रुपये
आगरा रेल मंडल के जनसंपर्क अधिकारी संजय कुमार गौतम ने बताया कि ईदगाह-खेरिया आरओबी की हालत काफी जर्जर हो गई थी। सुरक्षा को देखते हुए इसका निर्माण जरूरी हो गया था। पुल के बीच के हिस्से में सड़क खोदकर दो स्पैन बदले जाएंगे और उनका नए सिरे से निर्माण किया जाएगा। इस काम पर करीब 10 करोड़ रुपये खर्च होंगे।http:// agra-eidgah-kheria-rob-traffic-jam-scooter-slip-up-news
उन्होंने बताया कि निर्माण कार्य के लिए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन से 90 दिन की अनुमति मिल चुकी है। काम पूरा करने का लक्ष्य 15 जनवरी 2027 निर्धारित किया गया है। उन्होंने लोगों से अपील की कि आवागमन के लिए रेलवे की ओर से सुझाए गए बारह खंबा फाटक संख्या-75 वाले वैकल्पिक मार्ग का इस्तेमाल करें और यातायात व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें।
