आगरा। आगरा में खटीक गर्जना सम्मेलन में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के सम्मान में चांदी का मुकुट पहनाया गया। राजनाथ ने मुकुट अपने पास रखने के बजाय समाज को वापस करते हुए कहा कि इसे किसी गरीब परिवार की बेटी की शादी में उसकी पायल बनवाने के काम लाया जाए। संबोधन में उन्होंने खटीक समाज के इतिहास, देश और धर्म के प्रति योगदान के साथ उत्तर प्रदेश के बदलते स्वरूप का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कभी माफिया और अपराध के लिए पहचाने जाने वाला प्रदेश अब विकास, औद्योगिक कॉरिडोर, मेट्रो और स्थानीय उत्पादों के लिए जाना जा रहा है। आगरा मेट्रो के विस्तार का काम तेजी से आगे बढ़ने की बात भी कही। उन्होंने जाति-धर्म के नाम पर समाज को बांटने से बचने, शिक्षा बढ़ाने और युवाओं को अवसर देने का आह्वान किया।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह रविवार को आगरा पहुंचे और खंदारी स्थित आरबीएस कॉलेज के राव कृष्णपाल सिंह सभागार में आयोजित खटीक गर्जना सम्मेलन में शामिल हुए। अखिल भारतीय खटीक समाज की ओर से आयोजित सम्मेलन में समाज के पदाधिकारियों ने उनका चांदी का मुकुट, तलवार और स्मृति चिह्न देकर स्वागत किया। सम्मान स्वीकार करने के बाद राजनाथ सिंह ने चांदी का मुकुट समाज को वापस कर दिया। उन्होंने कहा कि यह मुकुट उनके पास रहने के बजाय किसी जरूरतमंद के काम आना चाहिए। यदि किसी गरीब मां-बाप की बेटी शादी के बाद विदा हो रही हो और उसके पैरों में चांदी की पायल न हो तो इस मुकुट को तुड़वाकर उसके लिए पायल बनवा दी जाए।
राजनाथ सिंह का यह बयान सम्मेलन में खास तौर पर चर्चा में रहा। उन्होंने सम्मान की वस्तु को व्यक्तिगत तौर पर रखने के बजाय समाज की किसी गरीब बेटी की जरूरत से जोड़ दिया। कार्यक्रम में कारगिल शहीद की वीर नारी को भी सम्मानित किया गया।
खटीक समाज का इतिहास त्याग और राष्ट्रभक्ति से भरा
सम्मेलन को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि खटीक समाज का इतिहास त्याग, पराक्रम, सेवा और राष्ट्रभक्ति से भरा है। इसके बावजूद इतिहास में समाज के योगदान को वह स्थान नहीं मिला, जिसका वह हकदार है। अब जरूरत है कि इस इतिहास का पुनर्लेखन हो और समाज के वास्तविक योगदान को सामने लाया जाए।

उन्होंने संत दुर्बल नाथ की 165वीं जयंती का उल्लेख करते हुए कहा कि संत दुर्बल नाथ केवल खटीक समाज के संत नहीं, बल्कि पूरे भारतीय समाज के संत थे। उनके विचार और संदेश सभी के लिए प्रेरणादायी हैं। उन्होंने कहा कि देश और सनातन संस्कृति पर जब भी संकट आया, खटीक समाज के लोग आगे खड़े रहे।
राजनाथ ने वैदिक काल से लेकर स्वतंत्रता आंदोलन तक समाज की भूमिका का जिक्र किया। उन्होंने यज्ञ परंपरा, कठोपनिषद, कठ जाति, विदेशी आक्रमणों के प्रतिरोध, मुगल काल में संघर्ष, अंग्रेजों के खिलाफ आजादी की लड़ाई और राम मंदिर आंदोलन में समाज की भूमिका का उल्लेख किया। संत कन्नप्पा नयनार का उदाहरण देते हुए उन्होंने भक्ति और समर्पण की परंपरा का भी जिक्र किया।
उन्होंने कहा कि खटीक समाज की पहचान केवल किसी एक पेशे से नहीं है। उसकी पहचान वीरता, सेवा, समर्पण और परिश्रम से भी है। विभाजन के दौरान पाकिस्तान से भारत आए शरणार्थियों की मदद में भी समाज के लोगों की भूमिका रही।
‘खटीक वह, जो खौफ को भी डरा दे’
रक्षा मंत्री ने समाज के संघर्ष और साहस को रेखांकित करते हुए कहा कि समय चाहे जैसा रहा हो और चुनौती कितनी भी बड़ी रही हो, समाज ने देश और धर्म के स्वाभिमान की रक्षा से पीछे हटना स्वीकार नहीं किया। उन्होंने कहा कि खटीक वह है, जो खौफ को भी डरा दे, खतरे के समय सबसे आगे खड़ा रहे और खुद कठिनाई सहकर भी दूसरों की रक्षा करे।
उन्होंने 1946 के बंगाल के घटनाक्रम का भी उल्लेख किया। राजनाथ के मुताबिक, डायरेक्ट एक्शन डे के दौरान जब हिंदुओं को निशाना बनाया गया तो गोपाल पाठा के नेतृत्व में खटीक समाज के कई लोगों ने मोर्चा संभाला और उनकी रक्षा में भूमिका निभाई।
बोले- शिक्षा और सशक्तीकरण से आगे बढ़े समाज
राजनाथ सिंह ने समाज की अगली पीढ़ी को शिक्षा से जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मेहनत और संघर्ष की परंपरा के साथ शिक्षा और सशक्तीकरण को जोड़ना जरूरी है। बच्चों को अच्छी शिक्षा मिले, महिलाओं और बेटियों को आगे बढ़ने के अवसर मिलें और युवाओं के लिए रोजगार तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के बेहतर अवसर उपलब्ध हों, इस दिशा में काम करना होगा।
उन्होंने बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर के मंत्र “शिक्षित बनो, संघर्ष करो और संगठित हो” को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि गरीबी किसी बच्चे की पढ़ाई रोकने का कारण नहीं बननी चाहिए। केंद्र सरकार गरीब और पिछड़े वर्गों के बच्चों के लिए छात्रवृत्ति, उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रही है।
बोले- पहले माफिया से होती थी जिलों की पहचान, अब उत्पादों से
उत्तर प्रदेश के विकास का जिक्र करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि डबल इंजन की सरकार में प्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने पुराने और मौजूदा हालात की तुलना करते हुए कहा कि एक समय उत्तर प्रदेश बदहाल सड़कों, असुरक्षा, अपराध और दंगों के कारण चर्चा में रहता था। अब गांव से लेकर बड़े शहरों तक सड़क संपर्क बेहतर हो रहा है और प्रदेश विकास तथा आधुनिक बुनियादी ढांचे के लिए पहचाना जा रहा है।
उन्होंने कहा कि पहले हर जिले में माफिया और नामी अपराधियों के नाम चर्चा में रहते थे। अब जिलों की पहचान वहां के उत्पादों से हो रही है। औद्योगिक कॉरिडोर तैयार हो रहे हैं और आधुनिक परिवहन व्यवस्था का विस्तार हो रहा है। ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट’ के जरिये स्थानीय उत्पादों को देश-दुनिया में पहचान दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।
राजनाथ सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार के विकास कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अब विश्वस्तरीय इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए जाना जा रहा है। इसी क्रम में उन्होंने आगरा का जिक्र करते हुए कहा कि आगरा मेट्रो के विस्तार का काम भी तेजी से आगे बढ़ रहा है।
बोले- जाति और धर्म के नाम पर बांटने से बचें
राजनाथ सिंह ने समाज में एकता बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि राजनीतिक हित साधने के लिए कुछ लोग कभी जाति तो कभी धर्म के नाम पर लोगों को भड़काने की कोशिश करते हैं। इससे समाज में दरार पैदा होती है। उन्होंने लोगों से किसी के बहकावे में नहीं आने और समाज को बंटने नहीं देने का संकल्प लेने को कहा।
उन्होंने कहा कि समाज में प्रेम, सहयोग और एक-दूसरे के सुख-दुख में साथ खड़े होने की भावना मजबूत होनी चाहिए। इसी संदर्भ में उन्होंने कहा, “टूटने से बिखरेंगे, जुड़ने से निखरेंगे।”
उन्होंने सामाजिक समरसता को शांति और विकास से जोड़ते हुए कहा कि समाज में शांति होगी तो समृद्धि आएगी और समृद्धि से विकास की गति तेज होगी। उन्होंने विकसित भारत के निर्माण में सभी से योगदान देने की अपील की।
खेरिया एयरपोर्ट पर हुआ स्वागत
राजनाथ सिंह विशेष विमान से दोपहर में खेरिया एयरपोर्ट पहुंचे। वहां केंद्रीय राज्यमंत्री एसपी सिंह बघेल, प्रदेश सरकार के मंत्री, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। इसके बाद वह आरबीएस कॉलेज पहुंचे। सभागार में खटीक समाज के पदाधिकारियों ने उनका स्वागत किया। दीप प्रज्ज्वलित कर सम्मेलन का शुभारंभ किया गया।
सम्मेलन में आगरा के अलावा फिरोजाबाद, मैनपुरी, हाथरस, अलीगढ़ और मथुरा सहित आसपास के जिलों से भी समाज के लोग पहुंचे। कार्यक्रम में सामाजिक एकजुटता और समाज की भूमिका पर वक्ताओं ने अपने विचार रखे।
रक्षा मंत्री के संबोधन में खटीक समाज के इतिहास और सामाजिक योगदान के साथ उत्तर प्रदेश के बदलते स्वरूप का मुद्दा भी प्रमुख रहा। लेकिन उनके सम्मान में मिले चांदी के मुकुट को समाज को लौटाकर उसे किसी गरीब बेटी की पायल के लिए इस्तेमाल करने की अपील ने कार्यक्रम को अलग संदेश दिया। सम्मान की वस्तु को जरूरतमंद परिवार की मदद से जोड़ने का उनका यह सुझाव सम्मेलन में मौजूद लोगों के बीच चर्चा का प्रमुख विषय रहा।

