आगरा। अदालतों में लंबित मामलों को आपसी सहमति से सुलझाने के लिए शनिवार को आगरा में राष्ट्रीय लोक अदालत लगाई गई। जिला अदालत से लेकर तहसील और ब्लॉक स्तर तक चली लोक अदालत में कुल 6,76,335 मामले सुलझाए गए। अलग-अलग मामलों में 4 करोड़ 42 लाख 35 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। सड़क हादसों से जुड़े मामलों में 140 पीड़ित परिवारों को 30 करोड़ 10 लाख 95 हजार रुपये का मुआवजा मिला। लोक अदालत का उद्घाटन जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष संजय कुमार मलिक ने दीप जलाकर किया।

लोक अदालत में जिला अदालत की अलग-अलग अदालतों में मामलों को आपसी सहमति के आधार पर खत्म कराया गया। जिला अदालत में चार मामले सुलझे, जबकि अपर जिला अदालतों में 1,365 मामलों का फैसला हुआ। इन मामलों से जुड़ी कार्रवाई में 4 करोड़ 42 लाख 35 हजार रुपये की धनराशि लगाई गई। परिवार न्यायालय और अतिरिक्त परिवार न्यायालयों में भी 86 मामलों का समाधान कराया गया।
मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण में सड़क हादसों से जुड़े 140 मामलों का फैसला हुआ। हादसे में प्रभावित लोगों और उनके परिवारों को कुल 30 करोड़ 10 लाख 95 हजार रुपये की रकम मुआवजे के तौर पर दिलाई गई। इससे उन परिवारों को आर्थिक मदद मिली, जो दुर्घटनाओं के कारण परेशानी में थे।

मजिस्ट्रेट और सिविल जज की अदालतों समेत अन्य न्यायालयों में 13,222 मामलों का फैसला किया गया। उपभोक्ता फोरम की दोनों अदालतों में 37 मामलों को भी सुलझाया गया। वहीं वर्चुअल अदालत के माध्यम से यातायात से जुड़े 1,53,275 मोटर वाहन चालान निपटाए गए।
जिला अदालत के बाहर तहसील और ब्लॉक स्तर पर भी लोक अदालत का व्यापक असर दिखाई दिया। यहां पुलिस और यातायात चालान, ग्रीन गैस, वैवाहिक विवाद, भारत दूरसंचार निगम, टोरंट पावर, खंड विकास कार्यालय और फाइनेंस कंपनियों से जुड़े कुल 5,06,915 मामले सुलझाए गए। इनमें ऐसे मामले भी शामिल थे, जिनमें विवाद अदालत तक पहुंचने से पहले ही समझौते के जरिए खत्म कर दिए गए।
बैंकों और फाइनेंस कंपनियों के 1,341 मामलों में भी लोगों और संबंधित संस्थाओं के बीच समझौता कराया गया। इनमें भारतीय स्टेट बैंक, यूको बैंक, ग्रामीण बैंक ऑफ आर्यावर्त, पंजाब नेशनल बैंक, यूनियन बैंक, सिंडिकेट बैंक और अन्य फाइनेंस कंपनियों से जुड़े मामले शामिल रहे। इन समझौतों में कुल 11 करोड़ 97 लाख 74 हजार रुपये की रकम तय हुई।
लोक अदालत में अपने मामले सुलझाने के लिए बड़ी संख्या में लोग जिला अदालत और दूसरे केंद्रों पर पहुंचे। लोगों की सुविधा के लिए अदालत परिसर में जरूरी इंतजाम किए गए थे। सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस बल भी तैनात रहा। एक दिन में बड़ी संख्या में मामलों के खत्म होने से लोगों को लंबे समय तक चलने वाले विवादों से राहत मिली।
इस तरह आगरा में जिला मुख्यालय के साथ तहसील और ब्लॉक स्तर पर आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 6,76,335 मामलों का समाधान हुआ। इसमें अदालतों के मामलों के साथ वाहन चालान, बैंक, बिजली, गैस, दूरसंचार, वैवाहिक विवाद और अन्य सेवाओं से जुड़े मामले भी शामिल रहे।

