आगरा। दीपावली की खरीदारी के साथ बच्चों की प्रतिभा देखने और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद लेने का मौका मिला तो कमला नगर के सद्भावना पार्क में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। कहीं बच्चे रंगों के जरिए अपनी कल्पनाओं को कागज पर उतारते नजर आए तो कहीं रामायण से जुड़े सवालों के जवाब देकर अपनी जानकारी का परिचय दिया। महिलाओं ने वंदनवार और थाल-कलश सज्जा में अपनी कलात्मक प्रतिभा दिखाई। शाम को डांडिया और गरबा की प्रस्तुतियों ने मेले का माहौल उत्सवमय बना दिया। मौका था संस्कार भारती जिला आगरा, ब्रज प्रांत की ओर से आयोजित दीपावली आनंद मेले का। संत शिरोमणि गुरु रविदास की 650वीं जयंती को समर्पित इस आयोजन में सांस्कृतिक कार्यक्रमों, प्रतियोगिताओं और खरीदारी के साथ सामाजिक समरसता का संदेश भी दिया गया।
मेले का शुभारंभ मुरारी प्रसाद अग्रवाल ने दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पवन बंसल ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में अटल बिहारी गोयल, संजीव दौनेरिया, विष्णु गर्ग, एसके मिश्रा, भगवान अग्रवाल, एडवोकेट अमित जैन, रामकुमार अग्रवाल और संरक्षक राजबहादुर सिंह राज उपस्थित रहे। अतिथियों ने दीप प्रज्वलन के साथ आयोजन की शुरुआत की। इस दौरान बड़ी संख्या में शहरवासी, बच्चे, महिलाएं और संस्था से जुड़े लोग मौजूद रहे।
संस्था के अध्यक्ष राम अवतार यादव ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि संस्कार भारती कला और साहित्य के माध्यम से भारतीय संस्कृति और सनातन मूल्यों को समाज में स्थापित करने के लिए लगातार काम कर रही है। दीपावली आनंद मेला इसी प्रयास का हिस्सा है। इस तरह के आयोजनों से बच्चों, युवाओं और महिलाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलता है। साथ ही परिवारों को एक साथ सांस्कृतिक गतिविधियों में शामिल होने का मंच मिलता है।
मुख्य अतिथि मुरारी प्रसाद अग्रवाल ने कहा कि संत शिरोमणि गुरु रविदास की 650वीं जयंती को समर्पित यह आयोजन उनके विचारों और संदेश को समाज तक पहुंचाने का प्रयास है। गुरु रविदास ने समानता, मानवता और सामाजिक समरसता का संदेश दिया। उनके विचार आज भी समाज को आपसी सद्भाव और एकता के साथ रहने की प्रेरणा देते हैं। आयोजन के माध्यम से भारतीय संस्कृति और सामाजिक एकता को आगे बढ़ाने का प्रयास किया गया है।
मेले में बच्चों के लिए अलग-अलग आयु वर्ग में प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। रंग भरो प्रतियोगिता में छह से आठ वर्ष तक के बच्चों ने हिस्सा लिया। बच्चों ने रंगों के माध्यम से अपनी कल्पनाशीलता और रचनात्मकता दिखाई। उनकी बनाई रंगीन कलाकृतियों को देखने के लिए अभिभावकों और अन्य लोगों की भीड़ जुटी रही। बच्चों ने अपनी पसंद के रंगों से चित्रों को आकर्षक रूप दिया।
विविध वेश प्रतियोगिता में पांच से आठ वर्ष और आठ से 12 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों ने हिस्सा लिया। बच्चों ने अलग-अलग रूपों में मंच पर अपनी प्रस्तुतियां दीं। उनकी वेशभूषा और प्रस्तुति ने दर्शकों का ध्यान खींचा। वहीं 10 से 16 वर्ष तक के बच्चों के लिए रामायण आधारित सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें बच्चों से रामायण से जुड़े सवाल पूछे गए। प्रतिभागियों ने उत्साह के साथ जवाब दिए। इस प्रतियोगिता के माध्यम से बच्चों को भारतीय धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं से जोड़ने का प्रयास किया गया।
महिलाओं के लिए वंदनवार सज्जा और थाल-कलश सज्जा प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। इसमें महिलाओं ने अपनी कलात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। सजावटी सामग्री और रंगों के इस्तेमाल से तैयार वंदनवार और थाल-कलश आकर्षण का केंद्र रहे। प्रतिभागियों ने पारंपरिक सजावट को अपनी रचनात्मकता के साथ नया रूप दिया। सभी आयु वर्ग के लोगों के लिए शंख बजाओ प्रतियोगिता भी रखी गई। इसमें प्रतिभागियों ने उत्साह से भाग लिया।
मेले में विभिन्न विद्यालयों के बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। गीत-संगीत और नृत्य के कार्यक्रमों ने दर्शकों का मनोरंजन किया। डांडिया और गरबा की प्रस्तुतियां विशेष आकर्षण रहीं। पारंपरिक धुनों पर प्रतिभागियों ने सामूहिक नृत्य किया तो दर्शक भी उत्साह से उनका आनंद लेते नजर आए। कार्यक्रम स्थल पर देर तक उत्सव का माहौल बना रहा।
दीपावली की खरीदारी के लिए मेले में 50 से अधिक स्टॉल लगाए गए थे। इन पर सजावटी सामग्री, घरेलू उपयोग की वस्तुओं और अन्य उत्पादों की बिक्री हुई। लोगों ने अपनी जरूरत और पसंद के अनुसार खरीदारी की। दीपावली से जुड़ी सजावटी वस्तुओं को लेकर विशेष उत्साह दिखाई दिया। खरीदारी के साथ मेले में घूमने आए परिवारों ने प्रतियोगिताओं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आनंद लिया।
आयोजन में लकी ड्रॉ भी रखा गया था। इसके माध्यम से 100 आकर्षक पुरस्कार प्रदान किए गए। लकी ड्रॉ के दौरान लोगों में खासा उत्साह रहा। अपने नाम की घोषणा सुनने के लिए प्रतिभागी उत्सुक नजर आए। खरीदारी, प्रतियोगिताओं और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ लकी ड्रॉ ने भी लोगों को मेले से जोड़े रखा।
कार्यक्रम की व्यवस्थाओं में प्रांतीय कोषाध्यक्ष आशीष अग्रवाल, प्रखर अवस्थी, साधना राठौर, सीमा अग्रवाल, करतार चंद्र शास्त्री, महामंत्री यतेंद्र सोलंकी, राजेंद्र गोयल, भूप सिंह इंदौलिया, हेमंत अग्रवाल और डॉ. ममता बंसल ने सहयोग किया। मंचीय कार्यक्रम का संचालन राहुल शर्मा ने किया। अंत में संस्था के अध्यक्ष राम अवतार यादव ने अतिथियों, सहयोगियों, प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले प्रतिभागियों और मेले में पहुंचे सभी लोगों का आभार व्यक्त किया।
