आगरा। उत्तर मध्य रेलवे के आगरा मंडल में उस समय हड़कंप मच गया, जब मंडल में तैनात असिस्टेंट ऑपरेटिंग मैनेजर (एओएम) अभिषेक सिंह कुशवाहा अपने कार्यालय के चेंबर में संदिग्ध परिस्थितियों में मिले। उन्हें गंभीर हालत में रेलवे अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे अधिकारियों के साथ आरपीएफ, जीआरपी और थाना सदर पुलिस मौके पर पहुंच गई। फॉरेंसिक टीम ने भी चेंबर से साक्ष्य जुटाए। वहां उल्टी पड़ी मिली और दो पाउच भी बरामद हुए हैं। आशंका जताई जा रही है कि इनमें कोई जहरीला पदार्थ हो सकता है। उधर, अभिषेक की पत्नी आस्था रानी और मां सुशीला ने सीनियर डीओएम पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि अभिषेक को काफी समय से परेशान किया जा रहा था और उन्हें धमकियां भी दी जा रही थीं। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
अभिषेक सिंह कुशवाहा पुत्र नागेंद्र सिंह कुशवाहा मूल रूप से गाजीपुर के रहने वाले थे। वह उत्तर मध्य रेलवे के आगरा मंडल में असिस्टेंट ऑपरेटिंग मैनेजर (एओएम) के पद पर तैनात थे। जुलाई महीने में उनका स्थानांतरण उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज मंडल से आगरा मंडल में हुआ था। वर्ष 2018 बैच के अभिषेक ने रेलवे में सीधे स्टेशन मास्टर (एसएम) के पद से अपनी सेवा शुरू की थी। प्रयागराज में तैनाती के बाद उन्हें आगरा मंडल भेजा गया था।
अभिषेक अपनी पत्नी आस्था रानी, मां सुशीला, चार महीने के बेटे रुद्राक्ष सिंह और दो साल की बेटी मानवी सिंह के साथ रेलवे ट्रांजिट हाउस में रह रहे थे। परिजनों के मुताबिक, अभिषेक घर पर अक्सर नौकरी को लेकर अपनी परेशानी बताते थे। वह कई बार कह चुके थे कि अब नौकरी करने का मन नहीं करता। नौकरी छोड़कर कहीं चले जाने की बात भी कहते थे। उनका कहना था कि जरूरत पड़ी तो नमक-रोटी खाकर गुजारा कर लेंगे या किसी निजी कंपनी में काम कर लेंगे, लेकिन इस तरह नौकरी नहीं करेंगे।

परिजनों के मुताबिक, रात के समय अभिषेक के घर फोन आया था। फोन करने वालों ने बताया कि उनका मोबाइल बंद जा रहा है और अधिकारी उनसे बात करना चाहते हैं। इसके बाद रात करीब 9:30 बजे पत्नी आस्था रानी को सूचना दी गई कि अभिषेक की हालत गंभीर है और उन्हें रेलवे अस्पताल ले जाया गया है। सूचना मिलते ही परिवार में अफरा-तफरी मच गई। परिजन अस्पताल पहुंचे, जहां अभिषेक की मौत की जानकारी मिली। घटना की सूचना पर रेलवे अधिकारियों के अलावा आरपीएफ, जीआरपी और थाना सदर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई।

अभिषेक की पत्नी आस्था रानी और मां सुशीला ने सीनियर डीओएम पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि अभिषेक को काफी समय से परेशान किया जा रहा था। उन्हें धमकियां भी दी जा रही थीं। परिवार के मुताबिक, अभिषेक घर लौटने के बाद कामकाज को लेकर अपनी परेशानी बताते थे। वह नौकरी छोड़ने और नमक-रोटी खाकर गुजारा करने तक की बात कह चुके थे। परिजनों ने पूरे मामले की जांच कराने और आरोपों की सच्चाई सामने लाने की मांग की है। हालांकि, इन आरोपों के संबंध में संबंधित अधिकारी का पक्ष सामने आना बाकी है।
परिजनों के मुताबिक, अभिषेक रविवार को अपने बच्चों के दाखिले की तैयारी कर रहे थे। इसके लिए उन्होंने परिवार के साथ फोटो भी खिंचवाई थी। परिवार के साथ भविष्य की योजनाओं में लगे अभिषेक की अचानक मौत से पत्नी और मां का रो-रोकर बुरा हाल है। चार महीने के बेटे और दो साल की बेटी के सिर से पिता का साया उठ गया है। अभिषेक अपने परिवार के इकलौते बेटे थे। परिजनों के मुताबिक, उनके खानदान में उनके अलावा कोई दूसरा लड़का नहीं था। ऐसे में उनकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
घटना के बाद चेंबर की जांच के दौरान फॉरेंसिक टीम को उल्टी पड़ी मिली। इसके अलावा दो पाउच भी बरामद हुए हैं। आशंका जताई जा रही है कि इनमें कोई जहरीला पदार्थ हो सकता है। हालांकि, पाउच में क्या था और अभिषेक की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसकी पुष्टि जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। थाना सदर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस चेंबर से मिले साक्ष्यों और परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों के आधार पर मामले की जांच कर रही है। अभिषेक की मौत के पीछे की वास्तविक वजह और परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों की सच्चाई जांच के बाद ही सामने आएगी।

