आगरा। बटेश्वर में लगने वाले ऐतिहासिक मेला श्री बटेश्वरनाथ में इस बार लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। कार्तिक पूर्णिमा पर 24 नवंबर को होने वाले मुख्य स्नान को देखते हुए यमुना घाटों से लेकर मेला क्षेत्र तक सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए घाटों पर गोताखोर, फ्लड पीएसी, स्टीमर और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा। नदी में बैरिकेडिंग के साथ गहरे पानी के संकेतक लगाए जाएंगे। पूरे मेला क्षेत्र की निगरानी सीसीटीवी कैमरों से होगी। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अतिरिक्त रोडवेज बसें, पार्किंग, पेयजल, चिकित्सा, एंबुलेंस, प्रकाश और शौचालय की व्यवस्था भी की जाएगी। मेला 11 से 28 नवंबर तक आयोजित होगा। रविवार को जिलाधिकारी मनीष बंसल ने कलेक्ट्रेट चैंबर में संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की और सभी व्यवस्थाएं समय से पूरी करने के निर्देश दिए।

भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जन्मस्थली बटेश्वर में जिला पंचायत की ओर से मेला श्री बटेश्वरनाथ का आयोजन किया जा रहा है। मेले में धार्मिक आयोजनों के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के पहुंचने की संभावना है। कार्तिक पूर्णिमा का मुख्य स्नान 24 नवंबर को होगा। इस दिन यमुना के विभिन्न घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की विशेष योजना तैयार की है।

बैठक में जिलाधिकारी ने एसडीएम बाह, एसीपी बाह, लोक निर्माण विभाग और जिला पंचायत के अधिकारियों को सभी संपर्क मार्गों का मौके पर निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मेला शुरू होने से पहले सभी सड़कें आवागमन के योग्य होनी चाहिए। परिक्रमा मार्ग, वीआईपी मार्ग, खांद चौराहा मार्ग, टीका मार्ग, ग्राम मई, शौरीपुर मंदिर और राजमाता मंदिर तक जाने वाले रास्तों की मरम्मत कराई जाएगी। जहां झाड़ियां हैं, उनकी कटाई और जरूरत के अनुसार मिट्टी डालकर रास्तों को ठीक किया जाएगा।

यातायात व्यवस्था सुचारू रखने के लिए पुलिस विभाग ट्रैफिक प्लान तैयार करेगा। वीआईपी मार्ग भी निर्धारित किया जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं और आम लोगों को आवागमन में परेशानी न हो। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को आपसी समन्वय से काम करने को कहा। विद्युत विभाग के अधिकारियों और मुख्य अग्निशमन अधिकारी को बिजली तथा अग्निशमन व्यवस्था का ऑडिट कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए।
मेले में श्रद्धालुओं और व्यापारियों के आवागमन के लिए रोडवेज की अतिरिक्त बसें चलाई जाएंगी। बसों के ठहराव के लिए खांद चौराहे के पास अस्थायी बस स्टैंड बनाया जाएगा। विद्युत विभाग की ओर से मेला क्षेत्र के लिए 250 किलोवाट का अस्थायी कनेक्शन और तीन ट्रांसफार्मर लगाए जाने की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में 125 किलोवाट के दो, 62 किलोवाट के एक, 15 किलोवाट के एक और पांच किलोवाट के एक जनरेटर की व्यवस्था रहेगी। जिलाधिकारी ने सभी कनेक्शनों, ट्रांसफार्मरों और बिजली के खंभों की पहले से जांच कराने को कहा। मेला क्षेत्र, मंदिरों और घाटों पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था भी की जाएगी।
यमुना घाटों पर स्नान के दौरान किसी तरह की अनहोनी रोकने के लिए गोताखोरों की तैनाती होगी। नदी में बैरिकेडिंग कराई जाएगी। श्रद्धालुओं को गहरे पानी से दूर रखने के लिए लाल झंडी और संकेतक लगाए जाएंगे। सुरक्षा के लिए रस्से और अस्थायी वाच टावर भी बनाए जाएंगे। फ्लड पीएसी और पीएसी की कंपनी के साथ स्टीमर से नदी क्षेत्र की निगरानी की जाएगी। गौरी घाट पर 12 स्थायी चेंजिंग रूम बनाए गए हैं, जबकि अन्य घाटों पर चार अस्थायी चेंजिंग रूम की व्यवस्था होगी। पुलिस की अस्थायी चौकियां बनाई जाएंगी और सीसीटीवी कैमरों से भीड़ पर नजर रखी जाएगी। जिलाधिकारी ने पिछले वर्ष की तुलना में सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए।
श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए मेला क्षेत्र में अस्थायी चिकित्सालय बनाया जाएगा। यहां चिकित्सक, एएनएम और प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी तैनात रहेंगे। एंबुलेंस, ऑक्सीजन, जरूरी दवाओं के साथ एंटी स्नेक वीनम इंजेक्शन भी उपलब्ध रहेंगे। चिकित्सा सुविधाएं 24 घंटे उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। पशुपालन विभाग की ओर से पशुओं के उपचार के लिए अस्थायी पशु चिकित्सालय बनाया जाएगा। पशुओं के लिए 14 पेयजल पोस्ट, 18 पानी की हौदियां और छह टैंकर उपलब्ध कराए जाएंगे। अग्निशमन विभाग फायर वाहन और कर्मचारियों की तैनाती करेगा।
मेले में भीड़ के दौरान बिछुड़ने वाले लोगों की मदद के लिए खोया-पाया केंद्र बनाया जाएगा। इसके साथ ही पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम और कंट्रोल रूम स्थापित होगा। प्रशासन की ओर से इन व्यवस्थाओं के जरिए श्रद्धालुओं तक जरूरी सूचनाएं पहुंचाई जाएंगी और किसी आपात स्थिति में संबंधित विभागों के बीच समन्वय किया जाएगा।
साफ-सफाई के लिए जिला पंचायत की ओर से 25-25 सफाईकर्मियों की दो शिफ्ट में तैनाती की जाएगी। कूड़ा एकत्र करने के लिए डस्टबिन और उसके निस्तारण के लिए ट्रैक्टर की व्यवस्था रहेगी। मेला क्षेत्र में 12 सीटों वाला एक सामुदायिक शौचालय, मंदिर परिसर में आठ स्थायी शौचालय और 100 अस्थायी शौचालय बनाए जाएंगे। नगर निगम की ओर से दो मोबाइल टॉयलेट भी उपलब्ध कराए जाएंगे। जिलाधिकारी ने नियमित सफाई और शौचालयों की स्वच्छता बनाए रखने के निर्देश दिए।
वाहनों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अलग-अलग स्थानों पर पार्किंग बनाई जाएगी। खांद चौराहे पर रोडवेज बसों, वीआईपी रोड पर वीआईपी वाहनों और पशु मेले के पास मुख्य पार्किंग की व्यवस्था होगी। बिजलीघर के पास साइकिल और मोटरसाइकिल स्टैंड बनाया जाएगा। कृषि, वन, श्रम सहित अन्य विभागों की ओर से सरकारी योजनाओं पर आधारित विकास प्रदर्शनियां भी लगाई जाएंगी। वाहनों से अड्डा बैरियर पर वसूली नहीं होगी। शुल्क केवल निर्धारित पार्किंग स्थलों पर नियमानुसार लिया जाएगा।
जिलाधिकारी मनीष बंसल ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि मेला शुरू होने से पहले तैयारियां पूरी कर लें। कार्तिक पूर्णिमा के स्नान के दौरान घाटों पर विशेष सतर्कता रखी जाए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है। यातायात, बिजली, पेयजल, चिकित्सा, सफाई और सुरक्षा व्यवस्था में किसी तरह की कमी नहीं रहनी चाहिए।
बैठक में सीडीओ अमित कुमार, एडीएम (ई) आजाद भगत सिंह, एडीएम (एफआर) संदीप वर्मा, सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव, एएमए मुकेश जैन, एसडीएम बाह विनोद चौधरी, एसीपी बाह जितेंद्र कुमार, डीसी मनरेगा रामायण यादव, डीडीओ भावना यादव, डीसी एनआरएलएम प्रेमचंद, डीपीआरओ मनीष कुमार और लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता राघवेंद्र वर्मा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
