आगरा। एसआईआर के विरोध और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जिलाधिकारी को ज्ञापन देने जा रहे भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) और संयुक्त किसान मोर्चा के पदाधिकारियों को रोकने के दौरान शुक्रवार को हंगामा हो गया।
नाई की मंडी क्षेत्र में पुलिस और किसान कार्यकर्ताओं के बीच खींचतान की स्थिति बन गई। इसी दौरान सिटी मजिस्ट्रेट अमित कुमार धक्का लगने से जमीन पर गिर गए। घटनाक्रम में भाकियू के जिलाध्यक्ष राजवीर लवानिया के हाथ में भी चोट लगने की जानकारी सामने आई है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद मामला चर्चा में आ गया।https://todaynewstrack.com/2026/10/agra-up-farmers-protest-city-magistrate-video-viral/
जिलाधिकारी को ज्ञापन देने जा रहे थे किसान
भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) और संयुक्त किसान मोर्चा के पदाधिकारी एसआईआर यानी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के विरोध में अपनी मांगें प्रशासन तक पहुंचाना चाहते थे। उनकी मांगों में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा भी शामिल था। इसी सिलसिले में किसान जिलाधिकारी को ज्ञापन देने के लिए निकले थे।

किसान संगठनों के पदाधिकारी अपनी मांगों को लेकर जिला मुख्यालय पहुंचना चाहते थे। हालांकि, शुक्रवार को एमएलसी चुनाव के लिए मतदान होने के कारण पुलिस ने उन्हें थाना नाई की मंडी में बैठा लिया। इससे किसान कार्यकर्ताओं का कार्यक्रम प्रभावित हुआ। पदाधिकारियों को बताया गया कि जिलाधिकारी सुबह 11:30 बजे आएंगे और उनकी बात सुनी जाएगी।
दोपहर तक इंतजार, फिर कलेक्ट्रेट की ओर बढ़े कार्यकर्ता
किसान कार्यकर्ता थाने पर जिलाधिकारी के आने का इंतजार करते रहे। दोपहर 12 बजे तक जब कोई अधिकारी उनसे मिलने नहीं पहुंचा, तो कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट की ओर मार्च करने का फैसला किया। वे थाने से निकलकर जिला मुख्यालय की तरफ बढ़ने लगे।
पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच खींचतान होने लगी। किसान कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट जाने पर अड़े थे, जबकि पुलिस उन्हें आगे बढ़ने से रोक रही थी। देखते ही देखते मौके पर तनाव की स्थिति बन गई। कार्यकर्ताओं और पुलिसकर्मियों के बीच धक्कामुक्की होने लगी।
रोकने पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट, धक्का लगने से गिरे
मौके पर बढ़ते तनाव के बीच सिटी मजिस्ट्रेट अमित कुमार भी पहुंचे। उन्होंने किसान कार्यकर्ताओं से वहीं ज्ञापन सौंपने को कहा, ताकि उन्हें कलेक्ट्रेट तक जाने की जरूरत न पड़े। हालांकि, कार्यकर्ता अपनी मांगों को लेकर जिला मुख्यालय तक जाने पर अड़े रहे।
इसी दौरान कार्यकर्ता आगे बढ़ने लगे और उन्हें रोकने की कोशिश की गई। धक्कामुक्की के बीच सिटी मजिस्ट्रेट जमीन पर गिर गए। इस घटनाक्रम से मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों और किसान कार्यकर्ताओं के बीच अफरा-तफरी मच गई। कुछ भाकियू पदाधिकारियों के भी गिरकर चोटिल होने की जानकारी सामने आई है। जिलाध्यक्ष राजवीर लवानिया के हाथ में चोट लगने की बात भी रिपोर्ट में कही गई है।
घटनाक्रम के दौरान मौके पर मौजूद लोगों के बीच हलचल बनी रही। प्रशासनिक अधिकारी और किसान कार्यकर्ता आमने-सामने थे। जिस ज्ञापन को सौंपने के लिए किसान संगठन जिला मुख्यालय की ओर जा रहे थे, उसी को लेकर रास्ते में रोकने और आगे बढ़ने की जिद के बीच स्थिति बिगड़ गई।
सुभाष पार्क के सामने सौंपा ज्ञापन
कलेक्ट्रेट जाने को लेकर बने गतिरोध के बाद आखिरकार किसान कार्यकर्ताओं ने सुभाष पार्क के सामने सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा। इस तरह अपनी मांगों को प्रशासन तक पहुंचाने के लिए निकले किसान संगठन का कार्यक्रम थाने से शुरू होकर सुभाष पार्क के सामने ज्ञापन सौंपने के साथ पूरा हुआ।
ज्ञापन में एसआईआर के विरोध और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग प्रमुख रही। किसान संगठन के पदाधिकारी इस मुद्दे पर जिलाधिकारी को ज्ञापन देना चाहते थे। प्रशासन की ओर से उन्हें थाने पर ही ज्ञापन देने को कहा गया था, लेकिन कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट जाने की मांग पर कायम रहे। इसी असहमति के बीच टकराव की स्थिति बनी।http://agra-up-bku-protest-city-magistrate-falls-video
वीडियो सामने आने के बाद घटनाक्रम चर्चा में
सिटी मजिस्ट्रेट के जमीन पर गिरने का वीडियो सामने आने के बाद घटना को लेकर चर्चा तेज हो गई। सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में किसान प्रदर्शन के दौरान हुए घटनाक्रम को लेकर लोगों का ध्यान गया है। वीडियो के सामने आने से प्रशासन और किसान कार्यकर्ताओं के बीच बने तनाव की तस्वीर भी चर्चा में आई।
नाई की मंडी क्षेत्र की एम रोड से जुड़े इस घटनाक्रम में किसान संगठन के प्रदर्शन, पुलिस की रोकने की कोशिश और सिटी मजिस्ट्रेट के गिरने की बात प्रमुखता से सामने आई है। घटना के बाद मौके पर काफी देर तक हलचल बनी रहने की जानकारी भी सामने आई है।
हालांकि, वीडियो के प्रसारित होने और घटना को लेकर चर्चा के बीच पूरे घटनाक्रम की जिम्मेदारी तय करने के लिए सभी परिस्थितियों को ध्यान में रखना जरूरी है। उपलब्ध रिपोर्ट में सिटी मजिस्ट्रेट के धक्का लगने से गिरने और भाकियू जिलाध्यक्ष के हाथ में चोट लगने की जानकारी है। थाना प्रभारी के भी गिरने की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध रिपोर्ट में नहीं है।
एसआईआर और चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग बनी प्रदर्शन का आधार
इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत एसआईआर के विरोध और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपने की कोशिश से हुई। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) और संयुक्त किसान मोर्चा के पदाधिकारी अपनी मांगों को जिलाधिकारी तक पहुंचाना चाहते थे। एमएलसी चुनाव के मतदान के कारण पुलिस ने उन्हें थाना नाई की मंडी में बैठाया था।
जिलाधिकारी के निर्धारित समय तक नहीं पहुंचने पर कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट की ओर बढ़ने का प्रयास किया। पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की और इसी दौरान सिटी मजिस्ट्रेट अमित कुमार मौके पर पहुंचे। ज्ञापन वहीं सौंपने की बात पर सहमति नहीं बन सकी और धक्कामुक्की के दौरान सिटी मजिस्ट्रेट जमीन पर गिर गए। बाद में सुभाष पार्क के सामने ज्ञापन सौंपा गया।
इस घटनाक्रम ने किसान संगठन के प्रदर्शन और प्रशासन की ओर से उसे नियंत्रित करने की कोशिश को चर्चा में ला दिया है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के कारण भी लोगों का ध्यान इस ओर गया है। घटना के संबंध में उपलब्ध तथ्यों के आधार पर इतना स्पष्ट है कि ज्ञापन देने को लेकर शुरू हुआ गतिरोध धक्कामुक्की तक पहुंचा और अंत में किसान कार्यकर्ताओं ने सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंप दिया।
