मुख्य आरोपी से लाइसेंसी राइफल और 15 कारतूस बरामद,
सात नामजद समेत चार-पांच अज्ञात के खिलाफ मुकदमा; पुलिस तीन टीमों से कर रही बाकी आरोपियों की तलाश
फतेहाबाद। निबोहरा थाना क्षेत्र के गांव गढ़ी धर्मजीत में खेत से मिट्टी उठाने को लेकर शुरू हुआ विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। रविवार शाम करीब पांच बजे दो पक्षों के बीच कहासुनी के बाद फायरिंग हो गई। गोली लगने से 18 वर्षीय बृजेश की मौके पर मौत हो गई, जबकि परिवार के चार लोग घायल हो गए। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बन गया।
पुलिस ने सोमवार को मुख्य आरोपी पुरुषोत्तम समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया। मुख्य आरोपी के कब्जे से लाइसेंसी राइफल और 15 कारतूस बरामद किए गए हैं। पुलिस ने सभी गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए तीन टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। घटना की जानकारी पर पुलिस कमिश्नर आगरा दीपक कुमार ने रात करीब 12:30 बजे गांव पहुंचकर घटनास्थल का जायजा लिया और परिजनों से मुलाकात की।

खेत की मिट्टी को लेकर शुरू हुआ विवाद
गांव गढ़ी धर्मजीत निवासी हरेंद्र पुत्र अजमेर सिंह ने निबोहरा थाने में तहरीर दी है। तहरीर के मुताबिक, उनके खेत पड़ोसी रमेशचंद पुत्र चंद्रभान के खेत से सटे हुए हैं। खेत और पशुओं के आने-जाने को लेकर दोनों पक्षों में पहले कहासुनी हुई थी। इसी विवाद के दौरान खेत से मिट्टी उठाने को लेकर मामला और बढ़ गया।
रविवार शाम करीब पांच बजे विवाद ने गंभीर रूप ले लिया। आरोप है कि रमेश पुत्र चंद्रभान, मल्ला देवी पत्नी रमेशचंद, पुरुषोत्तम उर्फ साधु पुत्र रमेशचंद, मिथिलेश पत्नी पुरुषोत्तम, साहब सिंह, प्रताप सिंह, सुखराम पुत्र नाथूराम और चार-पांच अज्ञात लोग हथियारों के साथ एकराय होकर घर पर पहुंचे।
तहरीर में आरोप लगाया गया है कि आरोपियों के हाथों में राइफल, पिस्टल और तमंचे थे। आरोप है कि मौके पर पहुंचने के बाद परिवार को जान से मारने की धमकी देते हुए फायरिंग शुरू कर दी गई।
सिर में गोली लगने से बृजेश की मौत
फायरिंग के दौरान पुरुषोत्तम पर आरोप है कि उसने अपने भाई भूपेंद्र की लाइसेंसी राइफल से गोली चलाई। गोली बृजेश पुत्री राजेंद्र के सिर में लगी। गंभीर रूप से घायल बृजेश की मौके पर ही मौत हो गई।

बृजेश की मौत से परिवार में चीख-पुकार मच गई। 18 वर्षीय बृजेश कक्षा 12 की छात्रा थी और चार भाई-बहनों में सबसे छोटी थी। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल बन गया। रविवार शाम हुई इस फायरिंग में कई राउंड गोलियां चलने की बात सामने आई है।
परिवार के चार लोग घायल
तहरीर के अनुसार, फायरिंग में अजमेर सिंह, उनके बेटे जितेंद्र और हरेंद्र समेत परिवार के अन्य लोग घायल हुए। पुलिस और ग्रामीणों की मदद से घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, अजमेर सिंह की पीठ और जितेंद्र के पेट में गोली लगी, जबकि हरेंद्र के कंधे में गोली लगी। आठ वर्षीय भावना को भी गोली छूकर निकल गई। घायलों का उपचार कराया जा रहा है।
घटना के बाद ग्रामीणों में अफरातफरी मच गई। गोलियों की आवाज सुनकर लोग अपने घरों में चले गए। हमलावरों के वहां से निकल जाने के बाद पुलिस को सूचना दी गई।
सात नामजद समेत चार-पांच अज्ञात पर मुकदमा
हरेंद्र की तहरीर पर पुलिस ने सात नामजद आरोपियों समेत चार-पांच अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या और अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। मुकदमे में रमेश पुत्र चंद्रभान, मल्ला देवी पत्नी रमेशचंद, पुरुषोत्तम उर्फ साधु पुत्र रमेशचंद, मिथिलेश पत्नी पुरुषोत्तम, साहब सिंह, प्रताप सिंह और सुखराम पुत्र नाथूराम को नामजद किया गया है।
पुलिस ने तहरीर में लगाए गए आरोपों के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। घटनास्थल से साक्ष्य भी जुटाए गए हैं। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार फॉरेंसिक टीम ने मौके से खोखे एकत्र किए थे।
मुख्य आरोपी समेत चार गिरफ्तार
पुलिस ने सोमवार को मुखबिर की सूचना पर थाना क्षेत्र के गांव बीजला मौजा चमरौली के पास से मुख्य आरोपी पुरुषोत्तम, उसके पिता रमेश सिंह, पत्नी मिथिलेश और मां मल्ला देवी को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी पुरुषोत्तम के कब्जे से एक लाइसेंसी राइफल और 15 कारतूस बरामद हुए हैं। गिरफ्तारी के बाद चारों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
यह कार्रवाई रविवार शाम हुई घटना के बाद पुलिस की ओर से की गई आगे की कार्रवाई है। शुरुआती रिपोर्टों में दो आरोपियों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई थी, लेकिन सोमवार की ताजा जानकारी के अनुसार पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।
रात में पहुंचे पुलिस कमिश्नर
घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस कमिश्नर आगरा दीपक कुमार रात करीब 12:30 बजे गांव गढ़ी धर्मजीत पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का जायजा लिया और परिवार के लोगों से मुलाकात की।
पुलिस कमिश्नर ने परिजनों से घटना की जानकारी ली और आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई का भरोसा दिया। इससे पहले डीसीपी पूर्वी अभिषेक अग्रवाल समेत पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच चुके थे। फॉरेंसिक और डॉग स्क्वायड टीम ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए थे।
गांव में पुलिस तैनात
फायरिंग की घटना के बाद गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस की मौजूदगी में स्थिति पर नजर रखी जा रही है। अधिकारी ग्रामीणों से भी जानकारी जुटा रहे हैं।
पुलिस के अनुसार घटना खेत से मिट्टी उठाने को लेकर दो पक्षों के बीच हुए विवाद के बाद हुई। उपलब्ध ताजा रिपोर्टों में भी यही सामने आया है कि खेत की मेड़ और मिट्टी को लेकर कहासुनी के बाद लाइसेंसी हथियारों से फायरिंग की गई।
बाकी आरोपियों की तलाश
डीसीपी पूर्वी अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। मुख्य आरोपी पुरुषोत्तम के कब्जे से लाइसेंसी राइफल और 15 कारतूस बरामद किए गए हैं। सभी गिरफ्तार आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।
उन्होंने बताया कि बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए तीन पुलिस टीमें लगातार संभावित स्थानों पर दबिश दे रही हैं। पुलिस सभी नामजद और अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है।
पुलिस की ओर से आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की तैयारी भी की जा रही है। हालांकि इस संबंध में आगे की कार्रवाई जांच और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर होगी।
करीब एक साल से चल रहा था खेत का विवाद
घटना के बाद सामने आई जानकारी के मुताबिक, दोनों पक्षों के बीच खेत को लेकर पहले भी विवाद हो चुका था। ग्रामीणों के अनुसार करीब एक साल पहले भी दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ था और दोनों ओर से प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। करीब पांच महीने पहले गांव के लोगों ने दोनों पक्षों के बीच समझौता भी कराया था। इसके बावजूद रविवार को मिट्टी उठाने को लेकर विवाद फिर भड़क गया और फायरिंग तक पहुंच गया।
एक छोटी सी बात से शुरू हुआ विवाद कुछ ही देर में जानलेवा संघर्ष में बदल गया। परिवार की 18 वर्षीय बेटी की गोली लगने से मौत हो गई और चार लोग घायल हो गए। अब पुलिस के सामने बाकी आरोपियों को गिरफ्तार करने के साथ घटना में इस्तेमाल हथियारों और फायरिंग की पूरी परिस्थितियों की जांच की जिम्मेदारी है।

