आगरा। कमला नगर स्थित शालीमार एंक्लेव के श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर की वार्षिक जलयात्रा रविवार को श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में निकाली गई। श्रीजी के अभिषेक के लिए पवित्र जल लेने निकली जलयात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। सुबह नौ बजे मंदिर परिसर से जलयात्रा का शुभारंभ श्रावक श्रेष्ठी एवं पीएनसी के चेयरमैन प्रदीप जैन ने झंडी दिखाकर किया। जलयात्रा विभिन्न मार्गों से होती हुई मुकेश कुमार व मानस जैन रपरिया के निज निवास नंद्यावर्त पहुंची। यहां धार्मिक विधि-विधान के साथ पवित्र जल ग्रहण किया गया। इसके बाद जलयात्रा पुनः मंदिर परिसर की ओर रवाना हुई। मार्ग में श्रद्धालुओं ने अपने घरों के बाहर श्रीजी की आरती उतारकर श्रद्धा अर्पित की। मंदिर पहुंचने के बाद मंत्रोच्चार के साथ श्रीजी का अभिषेक किया गया। इसके बाद वात्सल्य मिलन एवं क्षमावाणी कार्यक्रम हुआ, जिसमें समाज के लोगों ने एक-दूसरे से क्षमा मांगकर मैत्री, सद्भाव और भाईचारे का संदेश दिया।

कमला नगर स्थित शालीमार एंक्लेव में आयोजित यह वार्षिक जलयात्रा धार्मिक आस्था और सामाजिक सद्भाव के संदेश के साथ निकाली गई। सुबह निर्धारित समय पर मंदिर परिसर में श्रद्धालु एकत्र हुए। इसके बाद जलयात्रा की शुरुआत की गई। झंडी दिखाकर जलयात्रा को रवाना करने के बाद श्रद्धालु श्रीजी के अभिषेक के लिए पवित्र जल लेने के उद्देश्य से आगे बढ़े।

जलयात्रा मुकेश कुमार व मानस जैन रपरिया के निज निवास नंद्यावर्त पहुंची। यहां धार्मिक परंपरा के अनुसार विधि-विधान पूरा किया गया और श्रीजी के अभिषेक के लिए पवित्र जल ग्रहण किया गया। धार्मिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद जलयात्रा आगे के लिए रवाना हुई। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं में भक्ति और उत्साह का वातावरण रहा।
जलयात्रा जिस मार्ग से गुजरी, वहां लोगों ने श्रद्धा के साथ उसका स्वागत किया। कई स्थानों पर श्रद्धालुओं ने अपने घरों के बाहर श्रीजी की आरती उतारी और अपनी श्रद्धा अर्पित की। इस दौरान जलयात्रा में शामिल लोगों के प्रति भी स्थानीय लोगों ने धार्मिक भाव के साथ सहभागिता दिखाई। आरती और श्रद्धा के इस क्रम के बीच जलयात्रा मुख्य ट्रस्टी अध्यक्ष मुकेश बिटुमिन के निवास से होते हुए मंदिर परिसर की ओर बढ़ी।
मंदिर परिसर पहुंचने के बाद जलयात्रा का धार्मिक क्रम श्रीजी के अभिषेक के साथ आगे बढ़ा। विधि-विधान और मंत्रोच्चार के बीच भगवान श्री पार्श्वनाथ का अभिषेक किया गया। श्रद्धालुओं ने भगवान श्री पार्श्वनाथ के समक्ष सुख-शांति, समृद्धि और समाज के कल्याण की मंगलकामना की। अभिषेक के दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धा का वातावरण बना रहा। श्रद्धालुओं ने धार्मिक भाव के साथ अभिषेक में सहभागिता की और समाज तथा परिवार के कल्याण की कामना की।
अभिषेक के बाद मंदिर परिसर में वात्सल्य मिलन एवं क्षमावाणी कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में समाज के लोगों ने आपस में मिलकर एक-दूसरे से क्षमा मांगी और क्षमा प्रदान की। क्षमावाणी के माध्यम से मैत्री, सद्भाव और भाईचारे का संदेश दिया गया। एक-दूसरे के प्रति मन में किसी प्रकार का द्वेष न रखने और आपसी संबंधों में सौहार्द बनाए रखने की भावना कार्यक्रम में प्रमुख रही।
जलयात्रा के धार्मिक आयोजन के साथ वात्सल्य मिलन और क्षमावाणी का यह क्रम सामाजिक जुड़ाव का भी माध्यम बना। समाज के लोगों ने एक-दूसरे से मुलाकात की और परस्पर क्षमा मांगते हुए आपसी संबंधों को और मजबूत बनाने का संदेश दिया। कार्यक्रम में धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकता और भाईचारे की भावना भी दिखाई दी।
आयोजन की व्यवस्थाओं में शालीमार युवा मंडल और महिला मंडल की सदस्यों ने संयुक्त रूप से जिम्मेदारी संभाली। दोनों मंडलों के सदस्यों ने जलयात्रा से लेकर मंदिर परिसर में आयोजित कार्यक्रम तक व्यवस्थाओं को संभाला। जलयात्रा के दौरान धार्मिक विधि-विधान और अभिषेक की प्रक्रिया के साथ श्रद्धालुओं की सहभागिता बनी रही।
जलयात्रा में मुख्य ट्रस्टी शैलेश कुमार, ट्रस्टी निर्मल मोटिया, राजेश बेनरा, पार्षद हरिओम बाबा, पारस जैन, संजय जैन, अनिल पेपर, अनिल अहिंसा, मनोज हाइडिल, शैलेंद्र जैन, अजय जैन, अनंत जैन, संजू गोधा, राजकुमार जैन, मनीष जैन, मंजुला जैन, विनीता जैन, उषा जैन, नलिनी जैन, रूपा जैन और कविता जैन सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
वार्षिक जलयात्रा में धार्मिक परंपरा, श्रीजी के अभिषेक और सामाजिक सद्भाव का संदेश एक साथ दिखाई दिया। पवित्र जल लेकर मंदिर पहुंचने के बाद अभिषेक की धार्मिक प्रक्रिया पूरी की गई, वहीं इसके बाद हुए वात्सल्य मिलन और क्षमावाणी कार्यक्रम ने आयोजन को सामाजिक जुड़ाव से जोड़ा। श्रद्धालुओं ने भगवान श्री पार्श्वनाथ के समक्ष मंगलकामनाएं कीं और समाज में मैत्री, सद्भाव तथा भाईचारे की भावना बनाए रखने का संदेश दिया।
