आगरा। श्राद्ध पक्ष में भारत विकास परिषद अमृतम शाखा की ओर से श्री राम हनुमान मंदिर, रामलीला मैदान में पितरों को समर्पित सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया गया। संगीतमय सुंदरकांड पाठ और भजनों के दौरान श्रीराम और हनुमानजी के जयकारों से वातावरण राममय हो गया। शाखा अध्यक्ष कुलभूषण गुप्ता ‘राम भाई’ ने पाठ और भजनों की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में पितरों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए तर्पण-अर्पण किया गया तथा पूर्वजों के संस्कारों को जीवन में आत्मसात करने का संकल्प लिया गया। इस अवसर पर रामलीला महोत्सव में राजा दशरथ, रानी कौशल्या, राजा जनक और रानी सुनैना के स्वरूपों का सम्मान किया गया।
श्राद्ध पक्ष की पावन बेला में भारत विकास परिषद अमृतम शाखा की ओर से पितरों को समर्पित सुंदरकांड पाठ का आयोजन श्री राम हनुमान मंदिर, रामलीला मैदान में किया गया। श्रद्धा, भक्ति और संस्कारों से ओतप्रोत इस आयोजन में पितरों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए तर्पण-अर्पण किया गया। सुंदरकांड पाठ के दौरान श्रीराम और हनुमानजी के जयकारों से मंदिर परिसर का वातावरण भक्तिमय हो उठा।
कार्यक्रम में संगीतमय सुंदरकांड पाठ और भजनों की प्रस्तुति ने श्रद्धालुओं को भक्ति भाव से जोड़ दिया। शाखा अध्यक्ष कुलभूषण गुप्ता ‘राम भाई’ ने सुंदरकांड का पाठ किया और भजनों का गायन किया। उनकी मधुर प्रस्तुति के दौरान सुंदरकांड की चौपाइयों और भजनों की स्वर लहरियां गूंजती रहीं। श्रद्धालु पाठ के साथ भक्ति रस में डूबे नजर आए।
कार्यक्रम में “मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान, सागर में नैया डाल दी”, “राम नाम के हीरे-मोती मैं बिखराऊं गली-गली”, “देना हो तो दीजिए जनम-जनम का साथ” और “एक आस तुम्हारी है, विश्वास तुम्हारा है” जैसे भजनों की प्रस्तुति हुई। इन भजनों के दौरान श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए। सुंदरकांड की प्रत्येक चौपाई के साथ कार्यक्रम स्थल पर भक्ति का भाव बना रहा।
पितरों को समर्पित इस आयोजन में पूर्वजों के प्रति श्रद्धा व्यक्त की गई। श्रद्धालुओं ने अपने पितरों के प्रति कृतज्ञता का भाव रखते हुए उनके दिए संस्कारों को जीवन में आत्मसात करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में तर्पण और अर्पण की भावना के साथ सुंदरकांड पाठ को सामूहिक श्रद्धा के रूप में प्रस्तुत किया गया।
शाखा अध्यक्ष कुलभूषण गुप्ता ‘राम भाई’ ने कहा कि श्राद्ध पक्ष अपने पितरों को स्मरण करने, उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने और उनके दिए संस्कारों को आगे बढ़ाने का अवसर है। तर्पण और अर्पण की भावना के साथ किया गया सुंदरकांड पाठ सामूहिक श्रद्धा का प्रतीक है।
संरक्षक विजय अग्रवाल ने कहा कि प्रभु श्रीराम के जीवन और हनुमानजी की भक्ति से सेवा, समर्पण और कर्तव्य का संदेश मिलता है। सुंदरकांड पाठ के माध्यम से श्रद्धालुओं ने भक्ति के साथ इन भावों को आत्मसात करने का अवसर पाया।
कार्यक्रम के दौरान श्री रामलीला महोत्सव में विभिन्न प्रमुख स्वरूपों का सम्मान भी किया गया। राजा दशरथ के स्वरूप संजय सिंघल, रानी कौशल्या नीता सिंघल तथा राजा जनक के स्वरूप अशोक कुमार गोयल एवं रानी सुनैना लता गोयल का सम्मान किया गया।
कोषाध्यक्ष मयंक जैन ने कहा कि उत्तर प्रदेश की सबसे प्रसिद्ध रामलीला और जनकपुरी महोत्सव केवल आगरा के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। इस गौरवशाली आयोजन में मुख्य भूमिकाएं निभाने वाले स्वरूपों का सम्मान करना सभी के लिए सम्मान का विषय है।
कार्यक्रम में परिषद के संरक्षक उमेश बाबू अग्रवाल, आरएस गुप्ता, विजय अग्रवाल, नितेश अग्रवाल एवं श्रीनाथ गुप्ता का मार्गदर्शन रहा। कार्यक्रम के संयोजक राजेंद्र अग्रवाल एवं राधा अग्रवाल (खराली परिवार) रहे।
इस अवसर पर महंत गोपी गुरु, गतिविधि संयोजक पर्यावरण विकास सपना गोयल, गतिविधि संयोजक संस्कार गौरव संचित बिंदल, गतिविधि संयोजक संस्कार ज्योति मोहन एवं पारुल जिंदल, शाखा सचिव राजीव गोयल, कोषाध्यक्ष मयंक जैन, उपाध्यक्ष रेखा अग्रवाल, अलका गुप्ता, प्रीति गोयल, साक्षी जैन, राज अग्रवाल, मुकुल बंसल, अमित पाराशर, बृजमोहन रेपुरिया, गौरव बिंदल, संजीव अग्रवाल, विमल नयन, आशीष गुप्ता, अभिषेक गोयल, विनोद अग्रवाल आदि उपस्थित रहे।
