आगरा।मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 304 जोड़ों का विवाह संपन्न कराया गया। वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक रीति-रिवाजों के बीच नवदंपतियों ने दांपत्य जीवन की शुरुआत की। समारोह में कैबिनेट मंत्री बेबी रानी मौर्य ने नवदंपतियों को आशीर्वाद दिया। शासन की ओर से प्रत्येक जोड़े पर एक लाख रुपये खर्च करने का प्रावधान है। इसमें कन्या के खाते में 64 हजार रुपये भेजे जाएंगे, जबकि 21 हजार रुपये की विवाह उपहार सामग्री दी गई। आयोजन और व्यवस्थाओं पर प्रति जोड़ा 15 हजार रुपये खर्च किए गए।

उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत शुक्रवार को आगरा में सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन किया गया। इसमें कुल 304 जोड़ों का विवाह पूरे विधि-विधान, गरिमा और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न कराया गया। समारोह में प्रदेश सरकार की महिला कल्याण एवं बाल विकास पुष्टाहार विभाग की कैबिनेट मंत्री बेबी रानी मौर्य मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। उन्होंने नवदंपतियों को सुखद और मंगलमय वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद दिया। साथ ही शासन की ओर से निर्धारित विवाह उपहार सामग्री और विवाह प्रमाणपत्र भेंट किए।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विवाह की रस्में शुरू हुईं। सभी 304 जोड़ों का पाणिग्रहण संस्कार पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न कराया गया। समारोह में वर-वधू पक्ष के परिजन और अन्य अतिथि भी शामिल हुए। विवाह समारोह में एक साथ इतनी बड़ी संख्या में जोड़ों के विवाह संपन्न होने से आयोजन स्थल पर उत्साह और उल्लास का माहौल रहा।
समारोह को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री बेबी रानी मौर्य ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार समाज के सभी वर्गों के कल्याण और महिला सशक्तीकरण के लिए लगातार काम कर रही है। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना जरूरतमंद परिवारों के लिए आर्थिक सहायता का माध्यम बनने के साथ बेटियों को सम्मान के साथ नया जीवन शुरू करने का अवसर दे रही है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को अपनी बेटियों के विवाह के लिए कर्ज लेने या अपनी सामर्थ्य से अधिक खर्च करने की मजबूरी नहीं रहेगी।
उन्होंने कहा कि सामूहिक विवाह योजना केवल आर्थिक सहायता देने वाली योजना नहीं है, बल्कि समाज में लंबे समय से चली आ रही दहेज प्रथा और विवाह में होने वाली फिजूलखर्ची जैसी कुरीतियों के विरुद्ध भी एक महत्वपूर्ण कदम है। सामूहिक रूप से विवाह आयोजित होने से परिवारों पर आर्थिक बोझ कम होता है। जरूरतमंद परिवारों की बेटियों का विवाह सम्मानजनक और गरिमामय वातावरण में संपन्न कराया जा रहा है। इससे समाज में समानता, आपसी सहयोग और सामाजिक सद्भाव की भावना भी मजबूत हो रही है।
हर जोड़े पर एक लाख रुपये खर्च करने का प्रावधान
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत प्रत्येक जोड़े पर कुल एक लाख रुपये व्यय करने का प्रावधान है। इस धनराशि को तीन हिस्सों में निर्धारित किया गया है। इसमें सबसे बड़ी राशि 64 हजार रुपये कन्या के बैंक खाते में सीधे हस्तांतरित की जाएगी। यह धनराशि डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से भेजी जाएगी, जिससे लाभार्थी को सरकारी सहायता सीधे उसके खाते में मिल सके।
इसके अतिरिक्त प्रत्येक जोड़े को 21 हजार रुपये मूल्य की विवाह उपहार सामग्री उपलब्ध कराई गई। इसमें नवदंपतियों के लिए कपड़े, बर्तन, डिनर सेट, ट्रंक और गृहस्थी शुरू करने के लिए जरूरी अन्य सामान शामिल हैं। इस सामग्री का उद्देश्य नवविवाहित जोड़ों को नए जीवन की शुरुआत के लिए आवश्यक घरेलू वस्तुएं उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें विवाह के बाद गृहस्थी बसाने में मदद मिल सके।
योजना के तहत निर्धारित एक लाख रुपये में शेष 15 हजार रुपये प्रति जोड़ा विवाह समारोह के आयोजन और व्यवस्थाओं पर खर्च किए गए। इसमें टेंट, भोजन, पंडाल और कार्यक्रम से जुड़ी अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं शामिल हैं। इस तरह शासन की ओर से प्रत्येक जोड़े के विवाह के लिए आर्थिक सहायता, उपहार सामग्री और आयोजन की व्यवस्था को मिलाकर एक लाख रुपये का प्रावधान किया गया है।
बेटियों को आर्थिक अभाव के कारण विवाह से वंचित न रहना पड़े
मंत्री बेबी रानी मौर्य ने कहा कि सरकार की मंशा है कि कोई भी बेटी केवल आर्थिक अभाव के कारण विवाह से वंचित न रहे। गरीब और जरूरतमंद परिवारों को बेटियों के विवाह की चिंता से राहत देना इस योजना का प्रमुख उद्देश्य है। योजना के माध्यम से ऐसे परिवारों को सहायता मिल रही है, जो आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण अपनी बेटियों का विवाह सम्मानजनक तरीके से करने में कठिनाई महसूस करते हैं।
उन्होंने कहा कि सामूहिक विवाह योजना से समाज में सर्वधर्म समभाव और आपसी सौहार्द को बढ़ावा मिल रहा है। अलग-अलग परिवारों और सामाजिक पृष्ठभूमि से आने वाले लोग एक ही आयोजन में शामिल होकर सामाजिक एकता का उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं। बेटियों के प्रति सम्मान और उनके बेहतर भविष्य की भावना को भी इस योजना से बल मिल रहा है।
दहेज रहित वैवाहिक जीवन अपनाने की अपील
कैबिनेट मंत्री ने नवदंपतियों को नए जीवन की शुरुआत के लिए शुभकामनाएं देते हुए अपील की कि वे दहेज रहित, स्वस्थ और संस्कारयुक्त दांपत्य जीवन की मिसाल बनें। उन्होंने कहा कि विवाह आपसी विश्वास, सम्मान और सहयोग का रिश्ता है। इसे किसी तरह के आर्थिक लेन-देन या दिखावे से नहीं जोड़ना चाहिए। नवदंपतियों को परिवार और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए जीवन में आगे बढ़ना चाहिए।https://todaynewstrack.com/agra-304-couples-mass-wedding-yojana-household-gifts/
उन्होंने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के संकल्प को भी आगे बढ़ाने का आह्वान किया। कहा कि बेटियों को शिक्षा, सम्मान और आगे बढ़ने के समान अवसर उपलब्ध कराना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। बेटियां परिवार और समाज दोनों की ताकत हैं। उनके सम्मान और स्वावलंबन के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना चाहिए।
समारोह में जनप्रतिनिधियों के साथ जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी और समाज कल्याण विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। इसके अलावा बड़ी संख्या में वर-वधू पक्ष के परिजन और स्थानीय नागरिक भी कार्यक्रम में शामिल हुए। सभी 304 जोड़ों के विवाह संस्कार संपन्न होने के बाद नवदंपतियों को शुभकामनाएं दी गईं। कार्यक्रम का समापन सामूहिक भोज के साथ हुआ।
