पुलिस मॉडर्न स्कूल में ‘उड़ान’ विज्ञान प्रदर्शनी में विद्यार्थियों ने दिखाई वैज्ञानिक प्रतिभा
एआई, स्मार्ट होम और बैंकिंग तकनीक पर आधारित प्रोजेक्ट किए प्रस्तुत
आगरा। पुलिस मॉडर्न स्कूल, आगरा में वार्षिक विज्ञान प्रदर्शनी ‘उड़ान’ में विद्यार्थियों ने विज्ञान, तकनीक, पर्यावरण संरक्षण, रोबोटिक्स और वित्तीय साक्षरता से जुड़े मॉडल प्रस्तुत किए। प्रदर्शनी में सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, वर्षा जल संचयन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), स्मार्ट होम सिस्टम और रोबोटिक आर्म्स पर आधारित प्रोजेक्ट आकर्षण का केंद्र रहे।
विद्यार्थियों ने पंखे से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सेंसर और अलार्म पर आधारित प्रणाली का मॉडल भी प्रदर्शित किया। मुख्य अतिथि सहायक पुलिस आयुक्त बजरंग प्रसाद ने विद्यार्थियों से उनके प्रोजेक्ट की कार्यप्रणाली समझी और उन्हें नई तकनीक सीखने के लिए प्रेरित किया।

प्रदर्शनी का उद्देश्य छात्र-छात्राओं में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना, तार्किक सोच को बढ़ावा देना और नई चीजें बनाने की क्षमता को प्रोत्साहित करना था। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि आईपीएस बजरंग प्रसाद, विद्यालय की प्रधानाचार्या रचना श्रीवास्तव और अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर किया।
प्रदर्शनी में विद्यार्थियों ने अपने प्रोजेक्ट के माध्यम से विज्ञान के सिद्धांतों को व्यावहारिक रूप में प्रस्तुत किया। अलग-अलग विषयों पर तैयार मॉडलों के जरिए उन्होंने यह समझाने का प्रयास किया कि वैज्ञानिक जानकारी का इस्तेमाल दैनिक जीवन की समस्याओं को समझने और उनके समाधान खोजने में किस तरह किया जा सकता है।

सौर ऊर्जा से लेकर स्मार्ट होम तक के मॉडल
पर्यावरण संरक्षण और हरित ऊर्जा से जुड़े प्रोजेक्ट में विद्यार्थियों ने सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, वर्षा जल संचयन और टिकाऊ विकास पर आधारित वर्किंग मॉडल प्रस्तुत किए। इन मॉडलों के माध्यम से ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोतों और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का महत्व समझाया गया।
विद्यार्थियों ने दिखाया कि ऊर्जा की जरूरतों को पूरा करने के साथ पर्यावरण संरक्षण पर भी ध्यान देना जरूरी है। वर्षा जल संचयन से जुड़े मॉडल में पानी को एकत्र करने और उसका उपयोग करने की व्यवस्था प्रदर्शित की गई।

आधुनिक तकनीक और रोबोटिक्स से संबंधित प्रोजेक्ट भी प्रदर्शनी का प्रमुख आकर्षण रहे। विद्यार्थियों ने एआई और सेंसर तकनीक पर आधारित ऑटोमैटिक स्ट्रीट लाइट, स्मार्ट होम सिस्टम और रोबोटिक आर्म्स के मॉडल तैयार किए। इन मॉडलों के जरिए स्वचालित प्रणालियों की कार्यप्रणाली समझाई गई।
सेंसर की मदद से जरूरत के अनुसार काम करने वाली तकनीक और घरों में विभिन्न सुविधाओं को स्वचालित बनाने की संभावनाओं को भी प्रदर्शित किया गया। रोबोटिक आर्म्स के माध्यम से मशीनों की सहायता से अलग-अलग काम करने की प्रक्रिया समझाई गई।
पंखे से होने वाली दुर्घटनाएं रोकने का मॉडल
प्रदर्शनी में विद्यार्थियों की ओर से तैयार किया गया एंटी-सुसाइड सीलिंग फैन सिस्टम भी चर्चा का विषय रहा। यह एक संवेदनशील विषय पर आधारित प्रोजेक्ट था, जिसका उद्देश्य पंखे से जुड़ी दुर्घटनाओं और आत्महत्या की घटनाओं को रोकने में मददगार तकनीक की संभावना दिखाना था।

मॉडल में सेंसर और अलार्म तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। इसमें असामान्य भार या दबाव पड़ने पर सेंसर के सक्रिय होने, अलार्म बजने और पंखे की गति को नियंत्रित करने की व्यवस्था प्रदर्शित की गई।
इस प्रोजेक्ट के माध्यम से विद्यार्थियों ने तकनीक के इस्तेमाल से सुरक्षा संबंधी समस्याओं का समाधान खोजने का प्रयास किया। मॉडल ने यह भी दिखाया कि विज्ञान प्रदर्शनी केवल पाठ्यक्रम से जुड़ी जानकारी प्रस्तुत करने का माध्यम नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को समाज से जुड़ी समस्याओं पर सोचने और उनके संभावित समाधान तैयार करने का अवसर भी देती है।
गणित और भौतिकी को प्रयोगों से समझाया
गणित और भौतिकी पर आधारित प्रोजेक्ट में विद्यार्थियों ने विभिन्न सिद्धांतों और नियमों को सरल तथा प्रयोगात्मक तरीके से प्रस्तुत किया। इन मॉडलों का उद्देश्य कठिन विषयों को उदाहरणों और प्रयोगों की मदद से आसानी से समझाना था।
विद्यार्थियों ने गणितीय अवधारणाओं और भौतिकी के नियमों को दैनिक जीवन से जोड़कर उनकी उपयोगिता प्रदर्शित की। इससे विज्ञान और गणित को केवल किताबों तक सीमित रखने के बजाय व्यावहारिक अनुभव से समझने का अवसर मिला।
प्रदर्शनी में कला दीर्घा और हस्तशिल्प के नमूनों ने भी लोगों का ध्यान आकर्षित किया। विद्यार्थियों ने हस्तनिर्मित चित्रकारियां, क्राफ्ट मॉडल और सांस्कृतिक कलाकृतियां प्रस्तुत कीं। इन कृतियों में उनकी रचनात्मकता और कलात्मक अभिरुचि दिखाई दी।

विज्ञान और तकनीक के प्रोजेक्ट के साथ कला एवं हस्तशिल्प को स्थान देकर विद्यार्थियों की अलग-अलग प्रतिभाओं को सामने लाने का प्रयास किया गया।
शेयर बाजार और बैंकिंग की कार्यप्रणाली दिखाई
कॉमर्स और वित्तीय साक्षरता से जुड़े विद्यार्थियों ने भी प्रदर्शनी में व्यावहारिक प्रोजेक्ट प्रस्तुत किए। इनमें स्टॉक मार्केट यानी शेयर बाजार, एड्स टू ट्रेड यानी व्यापार के सहायक साधन, एटीएम की कार्यप्रणाली और बैंकिंग तकनीकों पर आधारित मॉडल शामिल रहे।
विद्यार्थियों ने इन प्रोजेक्ट के माध्यम से व्यापार, वित्तीय लेनदेन और बैंकिंग व्यवस्था से जुड़ी प्रक्रियाओं को समझाने का प्रयास किया।
शेयर बाजार से संबंधित मॉडल के जरिए निवेश और बाजार की कार्यप्रणाली को प्रदर्शित किया गया, जबकि एटीएम और बैंकिंग तकनीक पर आधारित प्रोजेक्ट में वित्तीय सेवाओं के संचालन को व्यावहारिक रूप में समझाया गया। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ आर्थिक गतिविधियों और वित्तीय व्यवस्था की बुनियादी जानकारी से जोड़ने का प्रयास किया गया।
शिक्षकों के मार्गदर्शन में तैयार हुए प्रोजेक्ट
प्रदर्शनी में विद्यार्थियों की तैयारी और प्रोजेक्ट निर्माण में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। गौरव शाक्य, अनुपम प्रताप, रवि कुमार, नीतीश कुमार, अमन, भारती, रिचा, अनुज कुमार, आशीष पाठक, शिल्पी और शैली ने विद्यार्थियों को विषय चयन, मॉडल निर्माण और तकनीकी कार्यप्रणाली के संबंध में मार्गदर्शन दिया। http://New thinking, new experiments—students and science.
शिक्षकों की देखरेख में प्रदर्शनी की व्यवस्थाएं और आयोजन से जुड़ी तैयारियां पूरी की गईं। विद्यार्थियों को अपने प्रोजेक्ट की विशेषताओं को समझने और उन्हें दूसरों के सामने प्रस्तुत करने के लिए भी तैयार किया गया।
मुख्य अतिथि बजरंग प्रसाद ने प्रदर्शनी में लगाए गए मॉडलों का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने विद्यार्थियों से उनके प्रोजेक्ट के पीछे काम करने वाले वैज्ञानिक सिद्धांतों और तकनीकी प्रक्रियाओं के बारे में सवाल पूछे। विद्यार्थियों ने आत्मविश्वास और स्पष्टता के साथ सवालों के जवाब दिए और अपने मॉडल की कार्यप्रणाली समझाई।
मुख्य अतिथि ने विद्यार्थियों और शिक्षकों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने अपने संबोधन में विद्यार्थियों को नई तकनीक सीखने, जिज्ञासा बनाए रखने और नवाचार की दिशा में लगातार प्रयास करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के अंत में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया। प्रधानाचार्या रचना श्रीवास्तव ने मुख्य अतिथि और प्रोजेक्ट तैयार कराने में सहयोग देने वाले शिक्षकों का आभार व्यक्त किया। ‘उड़ान’ के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी वैज्ञानिक समझ, रचनात्मकता और व्यावहारिक कौशल प्रदर्शित करने का अवसर मिला।
