आगरा। UGC रोलबैक, आरक्षण व्यवस्था में सुधार, SC/ST एक्ट में आवश्यक सुधार, उत्तर प्रदेश में सवर्ण आयोग के गठन और EWS व्यवस्था को सरल बनाने सहित विभिन्न मांगों को लेकर करणी सेना के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह से भेंट की। कोठी मीना बाजार, आगरा में प्रस्तावित सवर्ण महापंचायत के आह्वान के संदर्भ में हुई इस मुलाकात में प्रतिनिधिमंडल ने सवर्ण समाज से जुड़े मुद्दों को केंद्रीय मंत्री के सामने रखा। प्रतिनिधिमंडल के अनुसार गिरिराज सिंह ने उनकी बातों को गंभीरता से सुना और संबंधित विषयों पर उचित स्तर पर विचार एवं आवश्यक पहल का आश्वासन दिया। करणी सेना ने कहा कि इन मुद्दों को लेकर उसका संघर्ष लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहेगा।

प्रतिनिधिमंडल ने वार्ता के दौरान UGC रोलबैक की मांग को प्रमुखता से उठाया। इसके साथ ही SC/ST एक्ट में आवश्यक सुधार और कथित संभावित दुरुपयोग को रोकने के लिए प्रभावी प्रावधान किए जाने की मांग रखी गई। प्रतिनिधिमंडल ने आरक्षण व्यवस्था में सुधार, उत्तर प्रदेश में सवर्ण आयोग के गठन और EWS व्यवस्था को सरल एवं सुगम बनाने की आवश्यकता भी केंद्रीय मंत्री के समक्ष रखी।

करणी सेना के प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि सवर्ण समाज से जुड़े विषयों के समाधान के लिए प्रभावी संस्थागत व्यवस्था आवश्यक है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश में सवर्ण आयोग के गठन की मांग को भी वार्ता में प्रमुखता से रखा गया। प्रतिनिधिमंडल के अनुसार समाज से जुड़े विभिन्न विषयों के समाधान के लिए ऐसी व्यवस्था जरूरी है, जहां संबंधित मामलों को संस्थागत स्तर पर उठाया और उन पर विचार किया जा सके।

बैठक के दौरान सवर्ण समाज के हितों की अनदेखी नहीं होने देने और किसी भी प्रकार के शोषण की स्थिति से बचाव की मांग भी रखी गई। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि समाज से जुड़े मुद्दों पर सरकार के स्तर पर गंभीरता से विचार होना चाहिए। पदाधिकारियों ने UGC से जुड़े मुद्दे के साथ आरक्षण व्यवस्था, SC/ST एक्ट, EWS और सवर्ण आयोग से संबंधित मांगों को एक साथ केंद्रीय मंत्री के सामने रखा।
प्रतिनिधिमंडल के अनुसार केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने सभी विषयों को गंभीरता से सुना। उन्होंने संबंधित मुद्दों पर उचित स्तर पर विचार और आवश्यक पहल का आश्वासन दिया। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि वार्ता के दौरान सवर्ण समाज से जुड़े विषयों को लेकर सकारात्मक एवं गंभीर चर्चा हुई। मंत्री की ओर से समाज के हितों का ध्यान रखने का आश्वासन दिए जाने की बात भी प्रतिनिधिमंडल ने कही।
यह मुलाकात कोठी मीना बाजार, आगरा में प्रस्तावित विशाल सवर्ण महापंचायत के आह्वान के संदर्भ में हुई। करणी सेना की ओर से कहा गया कि महापंचायत और उससे जुड़े कार्यक्रमों के माध्यम से समाज से जुड़े विभिन्न मुद्दों को सामने रखा जा रहा है। UGC रोलबैक सहित अन्य मांगों को लेकर संगठन आगे की रणनीति पर भी विचार करेगा।
करणी सेना प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट किया कि UGC रोलबैक सहित समाजहित से जुड़े प्रमुख मुद्दों को लेकर उसका संघर्ष लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से निरंतर जारी रहेगा। संगठन की ओर से कहा गया कि आगे की रणनीति और आगामी कार्यक्रमों के संबंध में सवर्ण समाज के विभिन्न प्रतिनिधियों के साथ विचार-विमर्श किया जाएगा। इसके बाद आगे की दिशा तय की जाएगी।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि उनकी प्रमुख मांगों में UGC रोलबैक के साथ आरक्षण व्यवस्था में सुधार, SC/ST एक्ट में आवश्यक सुधार, कथित दुरुपयोग को रोकने के लिए प्रभावी प्रावधान, उत्तर प्रदेश में सवर्ण आयोग का गठन और EWS व्यवस्था को सरल बनाना शामिल है। संगठन का कहना है कि इन विषयों पर प्रभावी संस्थागत व्यवस्था और स्पष्ट प्रक्रिया की आवश्यकता है।
UGC नियमों को लेकर आगरा में इससे पहले भी प्रदर्शन और सत्याग्रह सामने आए हैं। सितंबर में UGC नियमों के विरोध में सवर्ण समाज और करणी सेना से जुड़े लोगों की ओर से प्रदर्शन किए गए थे। 20 सितंबर को UGC नियमों के विरोध में आगरा में प्रदर्शन के दौरान यमुना एक्सप्रेसवे पर यातायात प्रभावित होने की खबर भी सामने आई थी।
करणी सेना की ओर से हुई इस वार्ता में संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजीव चौहान, प्रदेश अध्यक्ष संजय चौहान, प्रदेश अध्यक्ष युवा मोर्चा नरेंद्र सिंह जसावत, जिलाध्यक्ष आगरा धर्मेंद्र परमार और युवा प्रदेश अध्यक्ष (प.ऊ.) करन सिंह तोमर सहित अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय मंत्री के सामने अपनी मांगों को विस्तार से रखा और कहा कि समाज से जुड़े इन विषयों पर आगे भी संवाद और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने का क्रम जारी रहेगा।
वार्ता के बाद संगठन की ओर से कहा गया कि केंद्रीय मंत्री के समक्ष सभी प्रमुख मांगें रखी गई हैं। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि UGC रोलबैक से लेकर आरक्षण सुधार, SC/ST एक्ट में सुधार, सवर्ण आयोग के गठन और EWS व्यवस्था को सरल बनाने तक के मुद्दों को लेकर आगे की रणनीति सवर्ण समाज के विभिन्न प्रतिनिधियों से चर्चा के बाद तय की जाएगी। संगठन ने शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से इन मांगों को आगे बढ़ाने की बात दोहराई।
