आगरा। मंदिरों की स्वच्छता और सुंदरता बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। इसी संदेश के साथ सामाजिक संस्था इण्डिया राइजिंग ने दयालबाग स्थित नगला बूढ़ी चौराहे के पास आनंदी भैरव मंदिर में अपना 662वां स्वच्छता, सौंदर्यीकरण एवं जागरूकता अभियान चलाया।
नवरात्रि के आठवें दिन रविवार सुबह 7 से 9 बजे तक चले इस अभियान में मंदिर परिसर की सफाई की गई और माता रानी के दरबार तथा भगवान शिव मंदिर पर रंग-रोगन कर उन्हें नया रूप दिया गया। मंदिर में 21, 22 और 23 अक्टूबर को होने वाली श्रीमद्भागवत कथा को देखते हुए यह अभियान चलाया गया, ताकि श्रद्धालुओं को स्वच्छ और सुंदर परिसर मिल सके।
भागवत कथा में जुटेंगे श्रद्धालु, इसलिए संवारा मंदिर परिसर
आनंदी भैरव मंदिर में 21, 22 और 23 अक्टूबर को भव्य श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन होना है। इस तीन दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान में बड़ी संख्या में भक्तों और श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसी को ध्यान में रखते हुए इण्डिया राइजिंग ने मंदिर परिसर में स्वच्छता और सौंदर्यीकरण अभियान चलाने का निर्णय लिया।https://todaynewstrack.com/2026/10/agra-up-news-india-rising-cleans-beautifies-anandi-bhairav-temple-bhagwat-katha/
सफाई के साथ माता रानी के दरबार का सौंदर्यीकरण
नवरात्रि के पावन आठवें दिन रविवार सुबह माँ महागौरी की असीम अनुकंपा का स्मरण करते हुए संस्था के सदस्यों ने पूरे उत्साह के साथ अभियान की शुरुआत की। सुबह 7 से 9 बजे तक चले इस सेवा कार्य में मंदिर परिसर की गहन सफाई की गई। इसके साथ ही सौंदर्यीकरण के तहत माता रानी के दरबार और भगवान शिव मंदिर पर आकर्षक रंग-रोगन किया गया, जिससे मंदिर परिसर को नया और दिव्य रूप मिला।
धार्मिक आयोजन में स्वच्छता बनाए रखने की अपील
अभियान के दौरान संस्था के सदस्यों ने स्थानीय निवासियों और मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं से अपील की कि वे श्रीमद्भागवत कथा के तीनों दिन परिसर को स्वच्छ बनाए रखने में सहयोग करें। धार्मिक स्थलों की स्वच्छता बनाए रखने के लिए लोगों की भागीदारी जरूरी है। सामूहिक प्रयासों से मंदिर परिसर को साफ-सुथरा और सुंदर रखा जा सकता है।
इस सेवा कार्य में इण्डिया राइजिंग के पदाधिकारियों, कर्मठ कार्यकर्ताओं और स्थानीय क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों ने बढ़-चढ़कर श्रमदान किया। संस्था के इस अभियान का उद्देश्य मंदिर परिसर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के साथ लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना भी रहा।

