आगरा। सिकंदरा के भावना एस्टेट में कैफे के सामने कुत्तों को खाना खिलाने को लेकर विवाद में कैफे संचालक रवि चतुर्वेदी के साथ मारपीट करने और उनका सिर फोड़ने का आरोप लगा है। पीड़ित ने कुछ लोगों पर गाली-गलौज, जान से मारने की धमकी देने और कैफे में एक लाख रुपये से अधिक का नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि घटना की सीसीटीवी फुटेज भी उपलब्ध है।
मामले में सिकंदरा थाने में एफआईआर दर्ज नहीं होने पर कैस्पर्स होम, पीपल फॉर एनिमल्स (पीएफए) और एसपीसीए के सदस्यों के साथ पीड़ित ने डीसीपी कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करने और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। डीसीपी कार्यालय में एफआईआर दर्ज कराने का आश्वासन दिए जाने की बात कही गई है।https://www.livehindustan.com/uttar-pradesh/agra/story-animal-cruelty-incident-mother-daughter-assaulted-for-feeding-dogs-in-shahganj-201783091289699.html
रवि चतुर्वेदी पुत्र स्वर्गीय सतीश चंद्र चतुर्वेदी निवासी ए-314, राम रघु आनंदा फेज-2, आगरा ने अपने प्रार्थना पत्र में घटना का ब्योरा दिया है। उनके अनुसार, भावना एस्टेट स्थित उनकी सोसायटी के सामने टी-पॉइंट पर कैफे संचालित है। आरोप है कि कुछ लोग वहां पहुंचे और कुत्तों को खाना खिलाने की बात को लेकर उनके साथ मारपीट और गाली-गलौज की। पीड़ित का कहना है कि इस दौरान उनके सिर में चोट आई और कैफे की संपत्ति को भी नुकसान पहुंचाया गया।
थाने में एफआईआर दर्ज नहीं करने का आरोप
पीड़ित के मुताबिक, घटना के बाद वह शिकायत लेकर सिकंदरा थाने पहुंचे थे। उनका आरोप है कि वहां एफआईआर दर्ज करने के लिए जानलेवा हमले से संबंधित बात शिकायत में नहीं लिखने की शर्त रखी गई। इससे असंतुष्ट होकर उन्होंने उच्च अधिकारियों से शिकायत करने का निर्णय लिया। इसके बाद कैस्पर्स होम, पीएफए और एसपीसीए से जुड़े सदस्यों के साथ डीसीपी कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन के माध्यम से पीड़ित ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की। साथ ही अपनी और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने का अनुरोध भी किया। डीसीपी कार्यालय में एफआईआर दर्ज कराने का आश्वासन मिलने की बात शिकायतकर्ताओं ने कही है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में एफआईआर दर्ज होने की पुष्टि नहीं हुई है।
सीसीटीवी फुटेज होने का दावा
रवि चतुर्वेदी ने अपने प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया है कि मारपीट के दौरान कैफे की संपत्ति को भी नुकसान पहुंचाया गया। उन्होंने नुकसान का अनुमान एक लाख रुपये से अधिक बताया है। पीड़ित के अनुसार, घटना से संबंधित सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध है, जिसमें कथित घटना दिखाई देने का दावा किया गया है। उन्होंने पुलिस से फुटेज की जांच कर घटना की परिस्थितियों का पता लगाने और शिकायत में लगाए गए आरोपों के आधार पर उचित कार्रवाई करने की मांग की है।https://indianexpress.com/article/explained/explained-law/feeding-stray-dogs-how-law-balances-questions-of-compassion-public-order-10135690/
प्रार्थना पत्र में मोनू यादव, जीतू यादव उर्फ अन्ना और रामू यादव के नाम दर्ज किए गए हैं। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि घटना के बाद भी उन्हें परेशान किया जा रहा है और दोबारा मारपीट करने की धमकियां दी जा रही हैं। उन्होंने इसे अपने और परिवार की सुरक्षा से जुड़ा मामला बताते हुए पुलिस से आवश्यक कदम उठाने का अनुरोध किया है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं हुई है। आरोपियों का पक्ष भी सामने नहीं आया है।
संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की भी शिकायत
पीड़ित ने शिकायत में मारपीट के अलावा कैफे की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का आरोप भी लगाया है। उनके मुताबिक, नुकसान की कीमत एक लाख रुपये से अधिक है। उन्होंने पुलिस से मौके और उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज की जांच कर नुकसान का आकलन कराने की मांग की है। प्रार्थना पत्र में निजी संपत्ति में अनधिकृत प्रवेश, संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, जान से मारने के प्रयास, आपराधिक धमकी और अन्य संबंधित आरोपों के तहत कार्रवाई करने का अनुरोध किया गया है।
शिकायत में कुत्तों को नुकसान पहुंचाने से संबंधित आरोप का भी उल्लेख किया गया है। पीड़ित की मांग है कि पूरे घटनाक्रम की जांच कर यह स्पष्ट किया जाए कि विवाद किन परिस्थितियों में हुआ और किसकी क्या भूमिका रही। पुलिस जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविकता और घटना से जुड़े तथ्यों की पुष्टि हो सकेगी।
पशु प्रेमी संगठनों ने उठाई कार्रवाई की मांग
मामले को लेकर कैस्पर्स होम, पीपल फॉर एनिमल्स और एसपीसीए से जुड़े सदस्य पीड़ित के साथ डीसीपी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने ज्ञापन सौंपकर शिकायत पर कार्रवाई करने और पीड़ित को सुरक्षा देने की मांग की। सदस्यों का कहना था कि मामले की जांच कर शिकायत में लगाए गए आरोपों के आधार पर उचित कानूनी कदम उठाए जाने चाहिए।
ज्ञापन सौंपने के दौरान कैस्पर्स होम की संचालिका विनीता अरोरा, पीएफए से ऋचा गुप्ता, राम अवतार, एसपीसीए से विनोद गर्ग आचार्य, कैस्पर्स होम से सुरेखा पसरीचा और के. बग्गा मौजूद रहे। इनके अलावा पीड़ित रवि चतुर्वेदी, गीता चतुर्वेदी तथा हाथरस एसपीसीए से दिव्यांश शर्मा और अलीशा शर्मा भी उपस्थित रहे।https://timesofindia.indiatimes.com/blogs/voices/feeding-stray-dogs/
जांच और कार्रवाई की मांग
पीड़ित ने पुलिस से शिकायत में दर्ज सभी बिंदुओं की जांच करने, सीसीटीवी फुटेज देखने और संबंधित लोगों की भूमिका की पड़ताल करने का अनुरोध किया है। उन्होंने परिवार को सुरक्षा देने के साथ दोबारा किसी अप्रिय घटना से बचाव के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग भी की है।
फिलहाल मामला शिकायत और ज्ञापन के स्तर पर सामने आया है। डीसीपी कार्यालय में एफआईआर दर्ज कराने का आश्वासन मिलने की बात कही गई है, लेकिन मुकदमा दर्ज होने और पुलिस की ओर से आगे की कार्रवाई के बारे में पुष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है। मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
