आगरा। गढ़ी ईश्वरा, दिगनेर से शमशाबाद तक 8 किलोमीटर की श्रीराम बारात 15 और 16 अक्टूबर को निकलेगी। 51 से अधिक झांकियों से सजी बारात में मध्य प्रदेश, केरल और झारखंड की झांकियां भी शामिल होंगी। गांव-गांव ग्रामीण पुष्पवर्षा कर बारात का स्वागत करेंगे, जबकि बच्चे द्वादश ज्योतिर्लिंग की पालकी लेकर साथ चलेंगे। शमशाबाद पहुंचने पर महाराणा प्रताप की प्रतिमा के पास स्वागत होगा और बारात शिव वाटिका में रात्रि विश्राम करेगी। 16 अक्टूबर को यहां शालिग्राम-तुलसी विवाह के साथ भगवान श्रीराम, भोलेनाथ और श्रीनाथजी के दर्शन की व्यवस्था रहेगी। आयोजन को लेकर मार्ग, स्वागत, झांकियों, सुरक्षा, रात्रि विश्राम और धार्मिक कार्यक्रमों की तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
श्री मनःकामेश्वर मठ मंदिर की ओर से आयोजित श्री मनःकामेश्वर रामलीला महोत्सव एवं श्रीराम बारात को लेकर आर्य पोली हाउस, धमैना रोड, शमशाबाद में बैठक हुई। 11 से 21 अक्टूबर तक होने वाले रामलीला महोत्सव और 15 एवं 16 अक्टूबर को निकलने वाली श्रीराम बारात की तैयारियों पर बैठक में चर्चा की गई। इसमें बारात के मार्ग, गांवों में होने वाले स्वागत, झांकियों, सुरक्षा व्यवस्था, रात्रि विश्राम और धार्मिक आयोजनों की तैयारियों को लेकर जानकारी ली गई। बैठक की अध्यक्षता मठ प्रशासक हरिहर पुरी, महंत योगेश पुरी और डॉ. राजेंद्र शर्मा ने की।
मठ प्रशासक हरिहर पुरी ने बताया कि गढ़ी ईश्वरा, दिगनेर से निकलने वाली श्रीराम बारात करीब 8 किलोमीटर की यात्रा पूरी कर शमशाबाद पहुंचेगी। बारात में 51 से अधिक झांकियां शामिल की जाएंगी। मध्य प्रदेश, केरल और झारखंड से आने वाली झांकियां आयोजन में अलग-अलग क्षेत्रों की धार्मिक और सांस्कृतिक झलक प्रस्तुत करेंगी। ग्रामीण बच्चे द्वादश ज्योतिर्लिंग की पालकी लेकर बारात के साथ चलेंगे।
बारात को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में भी उत्साह है। जिन गांवों से बारात गुजरेगी, वहां स्थानीय लोग अपने स्तर से स्वागत की तैयारियां कर रहे हैं। आयोजन से जुड़े लोगों के अनुसार विभिन्न वर्गों के लोग मिलकर बारात की व्यवस्थाओं में सहयोग कर रहे हैं। आयोजकों ने इसे क्षेत्र में आपसी सहयोग और सामाजिक सद्भाव का उदाहरण बताया।
श्री जनकपुरी महोत्सव के व्यवस्थापक आशीष आर्य ने बताया कि 15 और 16 अक्टूबर को होने वाली बारात के लिए मार्ग और कार्यक्रमों का रोडमैप तैयार किया गया है। बारात के रास्ते में पड़ने वाले गांवों में ग्रामीण और क्षेत्र की जनता पुष्पवर्षा कर भगवान श्रीराम की बारात का स्वागत करेंगे। शमशाबाद पहुंचने पर महाराणा प्रताप की प्रतिमा के पास स्थानीय जनता की ओर से बारात का स्वागत किया जाएगा। इसके बाद बारात शिव वाटिका पहुंचेगी, जहां रात्रि विश्राम की व्यवस्था रहेगी। अगले दिन होने वाले धार्मिक कार्यक्रम भी यहीं आयोजित किए जाएंगे।
16 अक्टूबर को सुबह 11 बजे शिव वाटिका में शालिग्राम-तुलसी विवाह का आयोजन होगा। कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं के लिए भगवान श्रीराम, भोलेनाथ और श्रीनाथजी के दर्शन की व्यवस्था रहेगी। धार्मिक झांकियों के माध्यम से आयोजन स्थल पर श्रद्धालुओं को विभिन्न धार्मिक प्रसंगों से परिचित कराया जाएगा।
बैठक के बाद महंत योगेश पुरी ने मठ के सहयोगियों और आयोजन से जुड़े लोगों के साथ शिव वाटिका पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने कार्यक्रम स्थल पर होने वाले धार्मिक आयोजनों, श्रद्धालुओं की सुविधा, स्वागत व्यवस्था, झांकियों और अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी ली। श्रीनाथजी और बाबा मनःकामेश्वर की झांकी स्वरूप दर्शन व्यवस्था को लेकर भी चर्चा की गई। आयोजन स्थल पर आने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा न हो, इसके लिए व्यवस्थाओं को व्यवस्थित करने पर भी विचार किया गया।
महंत योगेश पुरी ने कहा कि भगवान श्रीराम आस्था के साथ मर्यादा और संस्कृति के भी प्रतीक हैं। श्रीराम बारात के माध्यम से गांव-गांव तक प्रभु श्रीराम के आदर्श, प्रेम, सेवा और सामाजिक समरसता का संदेश पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के अलग-अलग वर्गों के लोग आयोजन की तैयारियों में सहयोग कर रहे हैं। यह लोगों की धार्मिक आस्था और आपसी भाईचारे को दर्शाता है। उन्होंने आयोजन से जुड़े लोगों से सेवा भाव के साथ व्यवस्थाएं पूरी करने और श्रद्धालुओं की सुविधा का ध्यान रखने को कहा।
बैठक में पवन अग्रवाल, भोला वर्मा, श्रीमान राठौर, ग्रामीण चौहान, खेतवारा कुशवाहा, सचिन, शिवम चौहान, अनिल सिकरवार, सोमवीर प्रजापति, अजय पाल सिंह, हरदीप एडवोकेट, श्यामवीर, मनीष शर्मा, अमन शर्मा, राजीव खुदा, विनय गुप्ता, संदीप गुप्ता, उमेश गुप्ता मंडल अध्यक्ष, विकास शाक्य, प्रमोद ठाकुर, अरुण चक्र, मठ के सहयोगी सूर्यप्रताप (सूरज, लालपुर एटा), लक्ष्मीकांत, सुधीर यादव, अमर गुप्ता, रीतेश गुप्ता (गांधी आश्रम), विजय गुप्ता और जीतेन्द्र रावत सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
