कैंट जीआरपी ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर 25 लाख के जेवर बरामद किए
तेलंगाना और यूपी संपर्क क्रांति एक्सप्रेस की वारदातों का भी खुलासा
आगरा। अच्छे परिवार से ताल्लुक रखने वाला, वर्ष 2017 में नीट परीक्षा क्वालिफाई कर चुका पुनीत गंगवार ट्रेनों में चोरी की वारदातों का आरोपी बन गया। आगरा कैंट जीआरपी ने उसे उसके साथी आकाश पाल के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, दोनों चलती ट्रेनों में यात्रियों, खासकर एसी कोच में सफर करने वाली महिलाओं को निशाना बनाते थे। आरोपियों के पास से करीब 25 लाख रुपये कीमत के जेवरात बरामद किए गए हैं। पुलिस पूछताछ में पुनीत ने दावा किया कि वह अपनी प्रेमिका के कैंसर के इलाज पर अब तक करीब 80 लाख रुपये खर्च कर चुका है। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

आगरा की दो वारदातों का खुलासा
सीओ जीआरपी राजेश दीक्षित ने बताया कि कैंट जीआरपी और आरपीएफ की टीम मंगलवार शाम स्टेशन पर चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर पुनीत गंगवार (30) निवासी पुरैना, जहानाबाद, पीलीभीत और आकाश पाल (29) निवासी गोमती नगर, लखनऊ को पकड़ा गया। पूछताछ में दोनों ने ट्रेनों में चोरी की कई वारदातों की जानकारी दी। पुलिस ने आगरा में दर्ज दो मामलों का भी खुलासा किया है।
पहली घटना फरवरी में तेलंगाना एक्सप्रेस में हुई थी। ग्वालियर से आगरा आ रहा एक दंपती शादी समारोह से लौट रहा था। इसी दौरान आरोपी ने महिला का जेवरात से भरा बैग चोरी कर लिया था। इस मामले में आगरा कैंट जीआरपी में मुकदमा दर्ज कराया गया था।
दूसरी वारदात भोपाल से निजामुद्दीन जा रही यूपी संपर्क क्रांति एक्सप्रेस में हुई। ट्रेन में सफर कर रही एक महिला यात्री के सामान पर आरोपियों की नजर पड़ी। पुलिस के मुताबिक, मौका पाकर उसका बैग भी पार कर दिया गया। इस मामले में भी आगरा कैंट जीआरपी में मुकदमा दर्ज था। दोनों घटनाओं की जांच के दौरान सामने आए तथ्यों और बरामदगी के आधार पर पुलिस ने इनके खुलासे का दावा किया है।
सोती महिलाओं के बैग पर रहती थी नजर
पूछताछ में पुलिस को पता चला कि आरोपी चलती ट्रेनों में यात्रियों के सामान पर नजर रखते थे। वे विशेष रूप से एसी कोच में सफर करने वाली महिलाओं को निशाना बनाते थे। पुलिस के अनुसार, सो रही या उम्रदराज महिला यात्रियों के बैग चोरी करना उनकी कार्यप्रणाली का हिस्सा था। वारदात के बाद दोनों अपना ठिकाना बदल लेते थे, जिससे पुलिस को उनकी पहचान और गतिविधियों तक पहुंचने में कठिनाई हो।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी ट्रेन में यात्री बनकर सफर करते थे और मौका मिलते ही बैग लेकर फरार हो जाते थे। उनकी गतिविधियां अलग-अलग शहरों और रेल मार्गों तक फैली हुई थीं। आगरा की दोनों घटनाओं के अलावा अन्य मामलों में भी उनकी भूमिका की जांच की जा रही है।
नीट पास करने के बाद अपराध की राह
पुलिस पूछताछ में पुनीत की पृष्ठभूमि भी सामने आई है। वह वर्ष 2017 में नीट परीक्षा क्वालिफाई कर चुका है। उसकी बहन बरेली में डॉक्टर है। उसके पिता सेना में सूबेदार के पद पर रह चुके हैं, जबकि उसका बड़ा भाई एयरफोर्स में है। ऐसे परिवार से आने के बावजूद पुनीत का नाम ट्रेनों में चोरी के मामलों में सामने आना पुलिस के लिए भी जांच का महत्वपूर्ण पहलू है।
पुलिस के अनुसार, पुनीत के खिलाफ अब तक 29 मुकदमे दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। इनमें आगरा की कमला नगर और मथुरा की हालिया घटनाएं भी शामिल बताई गई हैं। इन मुकदमों का विवरण और प्रत्येक मामले में उसकी भूमिका की पुष्टि संबंधित जांच और न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से होगी।
चोरी के पैसों से आलीशान जिंदगी
जीआरपी के मुताबिक, पुनीत चोरी से हासिल रकम का इस्तेमाल महंगे होटलों में ठहरने, ब्रांडेड कपड़े और जूते खरीदने तथा क्लबों में खर्च करने के लिए करता था। पुलिस का कहना है कि वह एक होटल में एक बार में ढाई लाख रुपये तक खर्च कर देता था। ब्रांडेड कपड़ों और जूतों पर 40 से 50 हजार रुपये खर्च करना भी उसके लिए सामान्य बात थी।
पुलिस के अनुसार, उसका रहन-सहन ऐसा था कि सामान्य तौर पर कोई उसे चोरी की वारदातों से जोड़कर नहीं देखता। इसी वजह से वह अलग-अलग स्थानों पर अपनी पहचान छिपाकर और जीवनशैली बदलकर रह रहा था। हालांकि, उसके खर्च और आय के स्रोतों से जुड़े पहलुओं की जांच भी पुलिस कर रही है।
प्रेमिका के इलाज पर खर्च का दावा
पूछताछ के दौरान पुनीत ने पुलिस को बताया कि उसने अपनी प्रेमिका के कैंसर के इलाज पर करीब 80 लाख रुपये खर्च किए हैं। पुलिस इस दावे को भी जांच का हिस्सा मान रही है। यह स्पष्ट नहीं है कि इलाज पर खर्च की बताई गई रकम का कितना हिस्सा चोरी से प्राप्त धन से जुड़ा था और कितना अन्य स्रोतों से आया था।
जीआरपी ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद उनके कब्जे से बरामद जेवरात को जांच में शामिल किया है। बरामद आभूषणों का संबंध किन-किन घटनाओं से है, इसकी पहचान और सत्यापन की प्रक्रिया की जा रही है। पुलिस अन्य रेल चोरी के मामलों में भी आरोपियों की संलिप्तता की जांच कर रही है।
पूछताछ और बरामदगी के बाद दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि जांच आगे बढ़ने पर चोरी की अन्य वारदातों और बरामद सामान के संबंध में और जानकारी सामने आ सकती है।

