आगरा। नारायणी देवी की भक्ति और समाज की एकजुटता का रंग 22 सितंबर को शहर की सड़कों पर दिखाई देगा। श्री नारायणी देवी स्मृति कल्याण समिति की ओर से शुक्ल पक्ष की एकादशी के अवसर पर 28वीं भव्य नारायणी देवी शोभायात्रा निकाली जाएगी। शोभायात्रा में 40 आकर्षक झांकियां, बैंड-बाजे और नारायणी देवी की भक्ति में झूमते-गाते श्रद्धालु शामिल होंगे। पिछले 27 वर्षों से सविता सेन नंद समाज की ओर से बच्चों को संस्कारों से जोड़ने और उन्हें अपनी संस्कृति एवं परंपराओं से परिचित कराने के उद्देश्य से यह आयोजन किया जा रहा है। इस बार वृंदावन के कलाकार सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर शोभायात्रा के माहौल को भक्तिमय बनाएंगे। सोमवार को वाटरवर्क्स स्थित होटल अतिथिवन में समिति पदाधिकारियों ने शोभायात्रा के पोस्टर का विमोचन किया। शोभायात्रा का शुभारंभ जिला पंचायत अध्यक्ष मंजू भदौरिया, विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल एवं डॉ. जीएस धर्मेश करेंगे।
समिति के अध्यक्ष संजीव कुमार मथुरिया ने बताया कि शोभायात्रा को लेकर तैयारियां पूरी की जा रही हैं। समाज के लोगों के साथ श्रद्धालुओं में भी आयोजन को लेकर उत्साह है। शोभायात्रा में शामिल होने वाली झांकियों को आकर्षक ढंग से सजाया जाएगा। इनके माध्यम से धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपराओं की झलक दिखाई देगी। बैंड-बाजों के साथ श्रद्धालु नारायणी देवी की भक्ति में झूमते-गाते चलेंगे। उन्होंने बताया कि आयोजन का उद्देश्य केवल धार्मिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं है, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ना भी इसका महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसी उद्देश्य से पिछले 27 वर्षों से लगातार शोभायात्रा का आयोजन किया जा रहा है।
इस बार शोभायात्रा में वृंदावन के कलाकारों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां विशेष आकर्षण रहेंगी। कलाकारों की प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को धार्मिक और सांस्कृतिक वातावरण का अनुभव होगा। 40 झांकियों के साथ निकलने वाली शोभायात्रा में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना है। समिति की ओर से आयोजन को व्यवस्थित और भव्य स्वरूप देने के लिए तैयारियां की जा रही हैं।
महामंत्री कुलदीप सविता और संयोजक राम चरण सिंह ने बताया कि शोभायात्रा हजारों श्रद्धालुओं की सहभागिता के साथ हाथी घाट स्थित कामाख्या देवी मंदिर से शुरू होगी। यहां से शोभायात्रा दरेसी पहुंचेगी और इसके बाद सुभाष बाजार, रावतपाड़ा, छत्ता बाजार, कचहरी घाट, बेलनगंज, घटिया आजम खां और फुलट्टी बाजार होते हुए मोती कटरा स्थित सत्यनारायण नारायणी देवी मंदिर पहुंचेगी। इस पूरे मार्ग पर श्रद्धालुओं की सहभागिता रहेगी और जगह-जगह शोभायात्रा का स्वागत किया जाएगा।
शोभायात्रा के मार्ग में 28 प्रमुख चौराहों पर पुष्पवर्षा कर स्वागत किया जाएगा। इससे यात्रा के दौरान धार्मिक उत्सव का माहौल बनेगा। समिति की ओर से अलग-अलग स्थानों पर स्वागत की तैयारियां भी की जा रही हैं। शोभायात्रा में शामिल श्रद्धालु भक्ति गीतों के साथ आगे बढ़ेंगे। धार्मिक झांकियों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ यात्रा शहर के प्रमुख बाजारों और मार्गों से होकर अपने निर्धारित गंतव्य तक पहुंचेगी।
आयोजन समिति के पदाधिकारियों के अनुसार नारायणी देवी शोभायात्रा समाज की एकजुटता का भी प्रतीक है। लंबे समय से आयोजित हो रही इस शोभायात्रा के माध्यम से समाज की धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक और सांस्कृतिक जुड़ाव को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है। बच्चों को संस्कारों से जोड़ना और उन्हें समाज की परंपराओं से परिचित कराना भी आयोजन की प्रमुख सोच में शामिल है। इसी कारण हर वर्ष शोभायात्रा में समाज के विभिन्न वर्गों की सहभागिता रहती है।
शोभायात्रा के समापन अवसर पर वृद्धजनों और सामाजिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले सामाजिक कार्यकर्ताओं का सम्मान किया जाएगा। समिति की ओर से ऐसे लोगों को सम्मानित किया जाएगा, जिन्होंने समाज के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। आयोजन के माध्यम से नई पीढ़ी को सामाजिक सेवा और अपनी परंपराओं से जोड़ने का प्रयास भी किया जाएगा।
पोस्टर विमोचन के दौरान समिति के पदाधिकारियों ने समाज के लोगों और श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में शोभायात्रा में शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में सहभागिता से आयोजन को और भव्य स्वरूप मिलेगा। समिति की ओर से शोभायात्रा को सफल बनाने के लिए समाज के लोगों से सहयोग की अपेक्षा की गई है।
इस अवसर पर सह संस्थापक सतीश सविता, कोषाध्यक्ष सौरभ सविता, जगदीश नारायण सविता, विजेंद्र सिंह सविता, राजू सविता, अंगेश वर्मा, बॉबी सैन, आदित्य मथुरिया, देवेंद्र सैन, गजेंद्र सिंह, रंजित सविता और विजय श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे। समिति पदाधिकारियों ने बताया कि 22 सितंबर को निकलने वाली 28वीं नारायणी देवी शोभायात्रा में धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक सहभागिता एक साथ दिखाई देगी। हाथी घाट से मोती कटरा तक निकलने वाली शोभायात्रा में 40 झांकियां, वृंदावन के कलाकारों की प्रस्तुतियां और विभिन्न स्थानों पर पुष्पवर्षा आयोजन के प्रमुख आकर्षण होंगे।
