आगरा। अखिल भारतीय माथुर वैश्य महासभा द्वारा आगरा के पंचकुइयां स्थित महासभा भवन में आयोजित 20वें दो दिवसीय वृहद युवक-युवती वैवाहिक परिचय सम्मेलन के द्वितीय दिवस पर समाज के विवाह योग्य युवक-युवतियों और उनके परिवारों में भारी उत्साह देखने को मिला। देश के विभिन्न शहरों से माथुर वैश्य समाज के हजारों लोग इस आयोजन में शामिल हुए। दो दिवसीय सम्मेलन के दौरान सामाजिक मेलजोल, युवक-युवतियों के परिचय, परिवारों के बीच संवाद, काउंसलिंग, सम्मान समारोह और पुरस्कार वितरण सहित विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। सम्मेलन का समापन भव्य सम्मान समारोह और पुरस्कार वितरण के साथ हुआ।

द्वितीय दिवस पर प्रातः 10 बजे कार्यक्रम का शुभारंभ महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुकेश कुमार गुप्ता (मामा), मुख्य अतिथि अवनीश कांत गुप्ता ‘बल्लो’, प्रमोद गुप्ता नोएडा, लक्ष्मी नारायण गुप्ता ग्वालियर, विनोद कुमार गुप्ता सर्राफ, विमल गुप्ता सर्राफ, रोशन लाल बाबूजी, समाज के वरिष्ठ पदाधिकारियों और अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इसके बाद महासभा के संस्थापक अध्यक्ष बौहरे गनेशीलाल के चित्र पर माल्यार्पण किया गया। कार्यक्रम के शुभारंभ के उपरांत युवक-युवती परिचय सम्मेलन का क्रम शुरू हुआ। सम्मेलन स्थल पर सुबह से ही समाज के लोगों की मौजूदगी और विवाह योग्य युवक-युवतियों के परिवारों की सक्रिय भागीदारी से उत्साह का माहौल बना रहा।
परिचय सम्मेलन के दूसरे दिन समापन तक कुल 400 पंजीकरण किए गए। इनमें से 331 विवाह योग्य युवक-युवतियों ने मंच पर आकर आत्मविश्वास के साथ अपना परिचय दिया। मंच पर परिचय देने वाले युवक-युवतियों ने अपनी शिक्षा, व्यवसाय, रुचियों और जीवनसाथी से जुड़ी अपनी अपेक्षाओं के बारे में समाज के सामने जानकारी साझा की। 331 प्रतिभागियों में 99 युवतियों और 232 युवकों ने सफलतापूर्वक मंच पर अपना परिचय दिया। परिचय देने वाले सभी युवक-युवतियों को महासभा और परिचय सम्मेलन समिति की ओर से दानदाताओं के सहयोग से दो चांदी के सिक्के, सूट और अन्य उपहार देकर सम्मानित किया गया।
सम्मेलन स्थल पर विभिन्न शहरों से आए माता-पिता और अभिभावकों ने एक-दूसरे से सीधे बातचीत की और विवाह योग्य युवक-युवतियों के परिचय के आधार पर वैवाहिक रिश्तों की संभावनाओं पर चर्चा की। परिवारों के बीच हुई बातचीत ने सम्मेलन को केवल मंचीय परिचय तक सीमित नहीं रहने दिया, बल्कि इसे समाज के परिवारों के आपसी संवाद का भी अवसर बनाया। युवक-युवतियों के परिचय के बाद उनके परिवारों ने एक-दूसरे के बारे में जानकारी प्राप्त की और संभावित वैवाहिक संबंधों को लेकर बातचीत की।
सम्मेलन के दौरान युवक-युवतियों की काउंसलिंग की भी व्यवस्था की गई। युवतियों की काउंसलिंग उपमा गुप्ता और नीरा गुप्ता ने की, जबकि युवकों की काउंसलिंग पवन दौनेरिया, लॉरेंस गुप्ता, विनय गुप्ता और विष्णु भगवान गुप्ता ने की। काउंसलिंग के माध्यम से प्रतिभागियों को सम्मेलन की प्रक्रिया में सहयोग दिया गया और उन्हें अपनी बात रखने का अवसर मिला। विवाह योग्य युवक-युवतियों के साथ उनके माता-पिता और अभिभावकों की मौजूदगी के कारण काउंसलिंग व्यवस्था भी सम्मेलन की महत्वपूर्ण गतिविधियों में शामिल रही।
देश के विभिन्न शहरों से आगरा पहुंचे समाज के लोगों और परिवारों के लिए आवास, भोजन एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं परिचय सम्मेलन समिति ग्वालियर द्वारा की गईं। दो दिवसीय कार्यक्रम में बाहर से आए प्रतिभागियों और उनके परिवारों की संख्या को देखते हुए इन व्यवस्थाओं को सम्मेलन का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया। आयोजकों और समिति की ओर से प्रतिभागियों तथा उनके परिवारों को कार्यक्रम के दौरान आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई।
कार्यक्रम के मंच का सफल संचालन महासभा के महामंत्री शंकर गुप्ता एवं प्रशासनिक मंत्री वीरेंद्र गुप्ता द्वारा किया गया। दोनों ने सम्मेलन की विभिन्न गतिविधियों को क्रमबद्ध रूप से आगे बढ़ाया। बड़ी संख्या में युवक-युवतियों द्वारा मंच पर परिचय दिए जाने के दौरान कार्यक्रम को व्यवस्थित रूप से संचालित किया गया। परिचय सत्र के साथ-साथ सम्मान समारोह और पुरस्कार वितरण की गतिविधियों को भी मंच से क्रमबद्ध रूप से संपन्न कराया गया।
इस दो दिवसीय वृहद युवक-युवती वैवाहिक परिचय सम्मेलन का समापन भव्य सम्मान समारोह और पुरस्कार वितरण के साथ किया गया। समापन अवसर पर महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुकेश कुमार गुप्ता (मामा) द्वारा सम्मेलन में सहयोग करने वाले सभी दानदाताओं, महासभा के पदाधिकारियों, परिचय सम्मेलन समिति ग्वालियर एवं सभी अतिथियों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर सम्मेलन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
आयोजन के दौरान मंच पर अपना परिचय देने वाले युवक-युवतियों का सम्मान भी सम्मेलन का प्रमुख आकर्षण रहा। महासभा और परिचय सम्मेलन समिति की ओर से दानदाताओं के सहयोग से प्रत्येक परिचय देने वाले युवक-युवती को दो चांदी के सिक्के, सूट और अन्य उपहार प्रदान किए गए। मंच पर परिचय देने वाले प्रतिभागियों के सम्मान से उनके उत्साह में वृद्धि हुई और सम्मेलन में उनकी भागीदारी को विशेष महत्व मिला।
माथुर वैश्य समाज के इस दो दिवसीय आयोजन में विवाह योग्य युवक-युवतियों को अपनी बात समाज के सामने रखने का अवसर मिला। प्रतिभागियों ने अपनी शैक्षिक योग्यता, व्यवसाय, रुचियों और जीवनसाथी को लेकर अपनी अपेक्षाओं के बारे में जानकारी दी। मंच पर आकर परिचय देने की प्रक्रिया के माध्यम से युवक-युवतियों ने स्वयं को परिवारों और समाज के सामने प्रस्तुत किया। उनके माता-पिता और अभिभावकों ने भी इस परिचय को ध्यानपूर्वक सुना और सम्मेलन स्थल पर अन्य परिवारों से बातचीत की।
कार्यक्रम में समाज के वरिष्ठ पदाधिकारियों और अतिथियों की उपस्थिति रही। महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुकेश कुमार गुप्ता (मामा), मुख्य अतिथि अवनीश कांत गुप्ता ‘बल्लो’, प्रमोद गुप्ता नोएडा, लक्ष्मी नारायण गुप्ता ग्वालियर, विनोद कुमार गुप्ता सर्राफ, विमल गुप्ता सर्राफ, रोशन लाल बाबूजी सहित समाज के वरिष्ठ पदाधिकारी और अतिथि सम्मेलन में मौजूद रहे। कार्यक्रम के शुभारंभ में सभी ने दीप प्रज्वलन किया और महासभा के संस्थापक अध्यक्ष बौहरे गनेशीलाल के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
20वें दो दिवसीय वृहद युवक-युवती वैवाहिक परिचय सम्मेलन में 400 पंजीकरण होना और 331 युवक-युवतियों का मंच पर अपना परिचय देना आयोजन की व्यापक भागीदारी को दर्शाता है। इनमें 99 युवतियों और 232 युवकों की सहभागिता रही। सम्मेलन में देश के विभिन्न शहरों से आए परिवारों की मौजूदगी के कारण कार्यक्रम को व्यापक सामाजिक स्वरूप मिला। विवाह योग्य युवक-युवतियों के परिचय के साथ परिवारों को भी आपसी संवाद का अवसर मिला, जिससे संभावित वैवाहिक रिश्तों पर सीधे बातचीत की जा सकी।
सम्मेलन के दौरान समाज के विभिन्न परिवारों के बीच मेलजोल भी देखने को मिला। अलग-अलग शहरों से आए माता-पिता और अभिभावकों ने युवक-युवतियों के परिचय के बाद आपस में बातचीत की। परिवारों ने शिक्षा, व्यवसाय, रुचियों और वैवाहिक अपेक्षाओं से जुड़ी जानकारी साझा की। इस तरह सम्मेलन ने विवाह योग्य युवक-युवतियों के लिए परिचय का मंच उपलब्ध कराने के साथ-साथ परिवारों के बीच संपर्क और संवाद का अवसर भी प्रदान किया।
आयोजन में युवतियों की काउंसलिंग की जिम्मेदारी उपमा गुप्ता एवं नीरा गुप्ता ने संभाली। युवकों की काउंसलिंग पवन दौनेरिया, लॉरेंस गुप्ता, विनय गुप्ता एवं विष्णु भगवान गुप्ता द्वारा की गई। काउंसलिंग के माध्यम से प्रतिभागियों और उनके परिवारों को सम्मेलन की प्रक्रिया में सहयोग मिला। बड़ी संख्या में युवक-युवतियों के शामिल होने के कारण काउंसलिंग व्यवस्था को कार्यक्रम के महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में संचालित किया गया।
आवास, भोजन एवं अन्य व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी परिचय सम्मेलन समिति ग्वालियर द्वारा संभाली गई। विभिन्न शहरों से आने वाले समाज के लोगों को ध्यान में रखते हुए दो दिवसीय कार्यक्रम के दौरान आवश्यक व्यवस्थाएं की गईं। सम्मेलन में भाग लेने वाले परिवारों के लिए आवास और भोजन की व्यवस्था के साथ अन्य आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गईं।
मंच संचालन महासभा के महामंत्री शंकर गुप्ता और प्रशासनिक मंत्री वीरेंद्र गुप्ता ने किया। दोनों ने कार्यक्रम की विभिन्न गतिविधियों को क्रमबद्ध रूप से आगे बढ़ाया। युवक-युवती परिचय सम्मेलन के साथ सम्मान समारोह और पुरस्कार वितरण भी मंच से संपन्न कराया गया। दो दिवसीय आयोजन का समापन इसी सम्मान समारोह के साथ हुआ।
सम्मेलन में महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुकेश कुमार गुप्ता (मामा) ने दानदाताओं, महासभा के पदाधिकारियों, परिचय सम्मेलन समिति ग्वालियर और सभी अतिथियों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। दानदाताओं के सहयोग से युवक-युवतियों को भी दो चांदी के सिक्के, सूट और अन्य उपहार दिए गए। इस प्रकार सम्मेलन में प्रतिभागियों के साथ-साथ आयोजन में सहयोग करने वाले लोगों को भी सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुकेश कुमार गुप्ता (मामा), राष्ट्रीय महामंत्री शंकर गुप्ता, विनोद कुमार गुप्ता सर्राफ, सुधीर गुप्ता सर्राफ, वीरेन्द्र गुप्ता ‘मई’, लक्ष्मी नारायण गुप्ता, विमल गुप्ता, संजय गुप्ता, मनोज गुप्ता, मनीष गुप्ता अलंकार, ध्रुव कुमार गुप्ता अचार्य, देवेन्द्र गुप्ता बादलस, राजीव गोलस, पीडी गुप्ता, विनय गुप्ता, विशाल गुप्ता, शशिकांत गुप्ता, शिवशंकर गुप्ता, विजय गुप्ता, महेश चन्द गुप्ता, डी. के. गुप्ता, अनिल गुप्ता, मुकेश गुप्ता (एलआईसी), वेदप्रकाश गुप्ता, अनूप गुप्ता, राकेश गुप्ता, शिवनारायण गुप्ता, आशीष गुप्ता, सत्यप्रकाश गुप्ता, मनोज गुप्ता ‘सीमेंट लिंकर’, संजय गुप्ता, विष्णु भगवान गुप्ता, श्रीभगवान गुप्ता, सीए प्रदीप गुप्ता, सीए पंकज गुप्ता, राकेश मेरोठिया और दिनेश चंद गोलस आदि उपस्थित रहे।
माथुर वैश्य समाज के लिए आयोजित इस 20वें वृहद युवक-युवती वैवाहिक परिचय सम्मेलन में दो दिनों तक समाज के विभिन्न शहरों से आए लोगों की सहभागिता बनी रही। कार्यक्रम के माध्यम से विवाह योग्य युवक-युवतियों को मंच पर स्वयं का परिचय देने का अवसर मिला। 400 पंजीकरण और 331 मंचीय परिचय के साथ सम्मेलन में बड़ी संख्या में परिवारों ने भाग लिया। 99 युवतियों और 232 युवकों ने मंच पर आकर अपने बारे में जानकारी दी और जीवनसाथी को लेकर अपनी अपेक्षाएं समाज के सामने रखीं।
मंच पर परिचय देने वाले सभी युवक-युवतियों को महासभा और परिचय सम्मेलन समिति की ओर से दानदाताओं द्वारा दो चांदी के सिक्के, सूट और अन्य उपहार देकर सम्मानित किया गया। वहीं सम्मेलन में सहयोग देने वाले दानदाताओं, महासभा के पदाधिकारियों, परिचय सम्मेलन समिति ग्वालियर और अतिथियों को महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुकेश कुमार गुप्ता (मामा) ने स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया।
आगरा के पंचकुइयां स्थित महासभा भवन में आयोजित यह सम्मेलन सामाजिक सहभागिता, पारिवारिक संवाद और युवक-युवतियों के परिचय का व्यापक मंच बना। देश के अलग-अलग शहरों से आए माता-पिता और अभिभावकों ने संभावित वैवाहिक रिश्तों पर चर्चा की। युवाओं की काउंसलिंग की व्यवस्था की गई और बाहर से आए परिवारों के लिए आवास एवं भोजन सहित अन्य व्यवस्थाएं की गईं।
दो दिवसीय आयोजन के दूसरे दिन प्रातः 10 बजे दीप प्रज्वलन और महासभा के संस्थापक अध्यक्ष बौहरे गनेशीलाल के चित्र पर माल्यार्पण के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। इसके बाद परिचय सम्मेलन की गतिविधियां आगे बढ़ीं। दिनभर युवक-युवतियों ने मंच पर अपना परिचय दिया और परिवारों ने आपस में बातचीत की। अंत में सम्मान समारोह और पुरस्कार वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
इस आयोजन ने विवाह योग्य युवक-युवतियों को अपनी शिक्षा, व्यवसाय, रुचियों और जीवनसाथी से जुड़ी अपेक्षाओं को सीधे समाज के सामने रखने का अवसर दिया। वहीं अभिभावकों को संभावित रिश्तों पर बातचीत करने के लिए एक साझा मंच मिला। अखिल भारतीय माथुर वैश्य महासभा के 20वें दो दिवसीय वृहद युवक-युवती वैवाहिक परिचय सम्मेलन में 400 पंजीकरण और 331 मंचीय परिचय के साथ समाज की व्यापक भागीदारी देखने को मिली और कार्यक्रम भव्य सम्मान समारोह तथा पुरस्कार वितरण के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
