आगरा। सदर बाजार की चाट गली में सरकारी जमीन और नाली पर कब्जों को लेकर छावनी परिषद की कार्रवाई सवालों में है। तीन नोटिस जारी होने और परिषद बैठक में अतिक्रमण हटाने का प्रस्ताव पारित होने के बावजूद मौके पर अब भी अतिक्रमण बना हुआ है।
शनिवार को अतिक्रमण प्रभारी विवेक शर्मा के नेतृत्व में परिषद की टीम जेसीबी लेकर पहुंची। नाली में जमा कीचड़ हटाया गया और सफाई कराई गई, लेकिन अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नहीं हुई। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुरानी नाली को खोलने के बजाय नई नाली को टेढ़ा मोड़कर निकाला जा रहा है, जिससे भविष्य में अतिक्रमण और बढ़ सकता है।

छावनी परिषद के मुख्य अधिशासी अधिकारी दीपक मोहन ने 27 नवंबर 2025 को तीन अलग-अलग नोटिस जारी किए थे। पहला मोमोज दुकान के कब्जाधारकों, दूसरा अग्रवाल चाट और तीसरा आगरा चाट वाले के कब्जाधारकों को दिया गया था। नोटिस में सरकारी जमीन और नाली पर अवैध निर्माण का उल्लेख करते हुए एक दिसंबर 2025 तक निर्माण स्वयं हटाने के निर्देश दिए गए थे। ऐसा न करने पर प्रशासनिक कार्रवाई की चेतावनी दी गई थी।
इसके बाद 9 दिसंबर 2025 की छावनी परिषद बैठक में चाट गली से अतिक्रमण हटाने का प्रस्ताव दर्ज किया गया था और अन्य गलियों में भी कार्रवाई की बात कही गई थी, लेकिन अब तक स्थिति नहीं बदली है।
क्षेत्रीय नागरिक अजय गुप्ता ने सीईओ को लिखित शिकायत देकर पुरानी नाली खुलवाने, अतिक्रमण हटाने और नई नाली का निर्माण रोकने की मांग की है। उनका कहना है कि नाली को टेढ़ा करके निकाला जा रहा है, जिससे ड्रेनेज व्यवस्था प्रभावित होगी।
आगरा व्यापारी एसोसिएशन सदर बाजार की अध्यक्ष आशा कपूर ने कहा कि पांच ठेला लगाने वालों को हटाकर उनके परिवारों की रोजी-रोटी प्रभावित कर दी गई, जबकि नोटिस पाने वाले अन्य अतिक्रमण अभी भी यथावत हैं। उन्होंने इसे भेदभावपूर्ण बताते हुए कहा कि कार्रवाई अधूरी नहीं, पूरी गली में समान रूप से होनी चाहिए।

छावनी परिषद के कार्यालय अधीक्षक कुलविंदर सिंह ने बताया कि फिलहाल चाट गली की व्यवस्थाओं को व्यवस्थित किया जा रहा है। ड्रेनेज सिस्टम को ठीक करने के साथ साफ-सफाई कराई जा रही है और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई भी आगे की जाएगी।

