आगरा। शहर में दूध, घी और मिठाई की गुणवत्ता को लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग ने विशेष अभियान चलाया है। गुरुवार को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने विभिन्न डेयरी प्रतिष्ठानों पर प्रवर्तन कार्रवाई करते हुए छेना मिठाई, मिश्रित दूध और घी के नमूने संग्रहित किए। इन नमूनों को जांच के लिए राजकीय खाद्य प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। अब प्रयोगशाला से मिलने वाली रिपोर्ट के आधार पर तय होगा कि संबंधित खाद्य पदार्थ निर्धारित मानकों के अनुरूप हैं या नहीं।

यह अभियान आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उत्तर प्रदेश, लखनऊ तथा जिलाधिकारी डॉ. मनीष बंसल के निर्देशों के क्रम में संचालित किया गया। विभाग के अनुसार जनपद आगरा में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और शुद्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया गया, ताकि उपभोक्ताओं तक सुरक्षित और मानक के अनुरूप खाद्य सामग्री पहुंच सके।
अभियान के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने हरी ॐ मिल्क डेयरी का निरीक्षण किया और वहां से छेना मिठाई का एक नमूना लिया। इसके बाद टीम ने पंडित जी डेयरी, टीडीआई सिटी में जांच की, जहां से मिश्रित दूध का एक नमूना और घी के तीन नमूने संग्रहित किए गए। इस प्रकार कुल पांच नमूने परीक्षण के लिए एकत्र किए गए।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार संग्रहित सभी नमूनों को सील कर विधिक प्रक्रिया के तहत राजकीय खाद्य प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। प्रयोगशाला में इनकी गुणवत्ता, शुद्धता और निर्धारित खाद्य मानकों के अनुरूपता की जांच की जाएगी। रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद यदि कोई नमूना खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 तथा उसके अधीन बनाए गए नियमों और विनियमों के विपरीत पाया जाता है, तो संबंधित खाद्य कारोबारकर्ता के खिलाफ नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी।

खाद्य सुरक्षा विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे और डेयरी उत्पादों सहित अन्य खाद्य पदार्थों की नियमित निगरानी की जाएगी। विभाग का कहना है कि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से जुड़ी किसी भी लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा।
विभाग ने आम लोगों से अपील की है कि वे केवल स्वच्छ, पंजीकृत और विश्वसनीय प्रतिष्ठानों से ही दूध, घी, मिठाई और अन्य खाद्य पदार्थ खरीदें। यदि किसी खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता, शुद्धता, मिलावट या अन्य किसी अनियमितता को लेकर संदेह हो तो उसकी सूचना तत्काल खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग को दें, ताकि समयबद्ध जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
