आगरा। प्रबुद्ध भारत महासंसद-2026 में सामाजिक एकता, राजनीतिक भागीदारी और युवाओं के भविष्य पर राष्ट्रीय विमर्श; मेयर हेमलता दिवाकर, विधायक भगवान सिंह कुशवाह और वरिष्ठ आईएएस डॉ. हीरा लाल ने रखे विचार, चार पुस्तकों का विमोचन और समाजसेवियों का सम्मान
कुशवाहा, शाक्य और सैनी समाज को एक मंच पर लाकर सामाजिक, शैक्षिक और राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने की पहल की गई। वक्ताओं ने कहा कि बिखराव छोड़कर एकजुट होने, बेटियों को शिक्षित और आत्मनिर्भर बनाने तथा युवाओं को नेतृत्व के अवसर देने से ही समाज आगे बढ़ेगा। https://todaynewstrack.com/2026/11/social-unity-education-samrasata-kushwaha-shakya-saini-agra-up-news/
रविवार को सूरसदन प्रेक्षागृह में आयोजित नमस्ते आगरा स्वर्णिम भविष्य सम्मेलन के अंतर्गत प्रबुद्ध भारत महासंसद-2026 में समाज की एकता, शिक्षा, संगठन और भविष्य की दिशा पर विचार रखे गए। कार्यक्रम में चार पुस्तकों का विमोचन हुआ और सामाजिक योगदान देने वाली विभूतियों को सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ कार्यक्रम अध्यक्ष स्वामी चंदन सिंह प्रेमी, मुख्य अतिथि मेयर हेमलता दिवाकर कुशवाहा, विशिष्ट अतिथि विधायक भगवान सिंह कुशवाह, पूर्व अध्यक्ष सहकारी बैंक लिमिटेड गंगाधर कुशवाहा, अवर अभियंता भगवान दास मौर्य, जीएसटी कमिश्नर पंकज मौर्य, अभियोजन अधिकारी बृजमोहन कुशवाह, भाजपा जिला उपाध्यक्ष राजकुमार कुशवाह, अशोक कुशवाह, प्रताप सिंह कुशवाह और राजकुमार कुशवाह ने दीप प्रज्वलित कर किया।
राष्ट्रीय संयोजक राम सजीवन मौर्य ने समाज वंदना प्रस्तुत की। रूबी शाक्य ने अतिथियों का स्वागत किया और उनका परिचय कराया।
महासंसद का संचालन करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राजीव रत्न मौर्य ने विषय प्रवर्तन किया। उन्होंने कहा कि कुशवाहा, शाक्य और सैनी एक ही सामाजिक विरासत के अंग हैं। इस विरासत को पहचानकर सभी को एक मंच पर आने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि समाज को जातीय और क्षेत्रीय सीमाओं से ऊपर उठकर एकजुट होना होगा। संगठन और आपसी समरसता के बल पर ही शिक्षा, व्यापार, राजनीति, प्रशासन और अन्य क्षेत्रों में समाज की प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित की जा सकती है।
कार्यक्रम अध्यक्ष स्वामी चंदन सिंह प्रेमी ने कहा कि समाज का उत्थान केवल नारों से नहीं, बल्कि शिक्षा, संस्कार, चरित्र निर्माण और सेवा के संकल्प से होगा। महापुरुषों के विचारों को जीवन में उतारकर नई पीढ़ी को सही दिशा देना सभी की जिम्मेदारी है।
मुख्य अतिथि मेयर हेमलता दिवाकर कुशवाहा ने कहा कि समाज की प्रगति में महिलाओं और युवाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। बेटियों को शिक्षा और आत्मनिर्भरता के अवसर देकर उन्हें नेतृत्व के लिए तैयार करना होगा।
उन्होंने कहा कि संगठित समाज अपनी प्रतिभा और सामर्थ्य के बल पर नई पहचान बना सकता है। महिलाओं को आगे बढ़ने के अवसर मिलने से समाज की प्रगति को नई दिशा मिलेगी।
विशिष्ट अतिथि विधायक भगवान सिंह कुशवाह ने कहा कि समाज की एकता, शिक्षा और राजनीतिक जागरूकता विकास के महत्वपूर्ण आधार हैं। युवाओं को अपनी ऊर्जा सकारात्मक कार्यों में लगानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि सामाजिक कुरीतियों को दूर करने के लिए युवाओं को आगे आना होगा। समाज की तरक्की के लिए शिक्षा के साथ राजनीतिक और सामाजिक जागरूकता भी जरूरी है।http://kushwaha-shakya-saini-samaj-ekta-education-agra-up-news
प्रसिद्ध यूट्यूबर एवं मोटिवेटर बाबा अंशु मौर्य ने युवाओं को डिजिटल माध्यमों के सकारात्मक उपयोग की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि डिजिटल माध्यम केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि ज्ञान, विचार और सकारात्मक बदलाव का प्रभावी मंच भी हैं।
उन्होंने युवाओं से सोशल मीडिया का उपयोग अपनी प्रतिभा निखारने, समाज को जागरूक करने और अपने लक्ष्य हासिल करने के लिए करने का आह्वान किया।
वरिष्ठ आईएएस अधिकारी डॉ. हीरा लाल ने शिक्षा, नवाचार, नेतृत्व क्षमता और सकारात्मक सोच को विकास का आधार बताया। उन्होंने कहा कि समाज की उन्नति के लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी।
उन्होंने युवाओं से बड़े लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर प्रयास करने और उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करने की बात कही। उनके अनुसार, नेतृत्व क्षमता और सकारात्मक सोच से समाज में बदलाव की राह तैयार हो सकती है।
चार पुस्तकों का विमोचन
महासंसद के दौरान गया प्रसाद मौर्य रजत, सदस्य उच्च सदन एवं मौर्य बंधुत्व क्लब की चार पुस्तकों का अतिथियों ने विमोचन किया। इनमें ‘सजल काव्यधारा’, ‘निठल्ला चिंतन’, ‘लोकदंड लहरी’ और ‘कवि बोलेगा खरी-खरी’ शामिल हैं।
इस अवसर पर साहित्य और समाज के संबंधों पर भी विचार रखे गए। कवि धनंजय कुशवाह, दीपशिखा, रवि कुशवाह और विक्रांत कुशवाह ने काव्य पाठ कर अपनी रचनाओं से श्रोताओं को प्रभावित किया।
तीन विभूतियों को मरणोपरांत सम्मान
समाज के उत्थान में योगदान देने वाले बाबूजी दौलत राम कुशवाह, मुन्नालाल कुशवाह और मेघ सिंह कुशवाह को मरणोपरांत सम्मानित किया गया। उनकी ओर से यह सम्मान परिजनों ने ग्रहण किया।
इसके साथ ही उत्कृष्ट कार्यों और सामाजिक योगदान के लिए खुशहाल सिंह कुशवाह, स्वामी पंडित चंदन सिंह प्रेमी, रामकृष्ण शाक्य, संतोष कुशवाह, जतिन कुशवाह, रीना सिंह कुशवाह, कुशवाह युवा मंच और मोहन कुशवाह को सम्मानित किया गया।
सेठ ताराचंद कुशवाह, डॉ. एलआर मौर्य ‘पल्लव’, सुरेंद्र पाल सिंह, रूबी कुशवाहा, साइकिल गर्ल अर्पण सिंह (बिहार), छोटेलाल सिंह कुशवाह (बिहार), प्रदीप सिंह (बिहार), डॉ. दिनेश पटेल और सनी को भी सम्मान प्रदान किया गया।
महासंसद में समाज के विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देने वाली विभूतियों को सम्मानित कर उनके कार्यों को सराहा गया। आयोजन में शिक्षा, सामाजिक एकता, नेतृत्व, साहित्य और युवाओं की भूमिका जैसे विषय प्रमुखता से उठे। वक्ताओं ने समाज की साझा विरासत को आगे बढ़ाने और सभी वर्गों को साथ लेकर चलने की आवश्यकता बताई।
