आगरा। लोहामंडी के जटपुरा स्थित प्राचीन श्रीरामचंद्र जी महाराज मंदिर से निकली दशहरा शोभायात्रा में करीब 36 आकर्षक झांकियां शामिल रहीं। श्रीराम और रावण की सेनाओं के बीच सजीव युद्ध का दृश्य आकर्षण का मुख्य केंद्र रहा। इस्कॉन मंदिर के हरे राम, हरे कृष्ण संकीर्तन पर श्रद्धालु झूमते नजर आए। रास्ते में जगह-जगह पुष्प वर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया गया। जय श्रीराम और वीर बजरंगबली के जयकारों से पूरा मार्ग गूंजता रहा।
हाथों में सोटा लिए वानर सेना के सैनिक उछल-कूद करते हुए राक्षसों को चकमा दे रहे थे। उनके पीछे रथ पर भगवान श्रीराम और भाई लक्ष्मण विराजमान थे। सामने रथ में रावण अपनी राक्षसी सेना के साथ दिखाई दे रहा था। दोनों सेनाओं के बीच युद्ध के सजीव दृश्य ने दर्शकों का ध्यान खींचा। लोहामंडी के जटपुरा स्थित प्राचीन श्रीरामचंद्र जी महाराज मंदिर से निकली दशहरा शोभायात्रा में राम और रावण की सेना के युद्ध की झांकी प्रमुख आकर्षण रही।https://todaynewstrack.com/2026/10/agra-up-dussehra-shobhayatra-attractive-tableaux-ram-ravan-war/

करीब 36 आकर्षक झांकियों से सजी शोभायात्रा में धार्मिक प्रसंगों और देवी-देवताओं के स्वरूपों के दर्शन करने के लिए लोग रास्ते में जुटे रहे। शोभायात्रा जिस मार्ग से गुजरी, वहां लोगों ने पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। जगह-जगह भगवान श्रीराम के जयकारे गूंजते रहे। वीर बजरंगबली के जयघोष के बीच श्रद्धालु भक्ति में सराबोर नजर आए।
शोभायात्रा का शुभारंभ मुख्य अतिथि समाजसेवी सुरेशचंद्र गर्ग ने भगवान श्रीराम और लक्ष्मण के स्वरूपों की आरती उतारकर किया। इस अवसर पर दशहरा कमेटी के मुख्य संरक्षक विनय अग्रवाल, अध्यक्ष दिनेश पाठक, मुकेश जैन, मनीष गर्ग, वीरेंद्र अग्रवाल, प्रमोद सिंघल, अशोक अग्रवाल, विजय अग्रवाल, रितेश अग्रवाल, संजय सिंघल और भरत शर्मा मौजूद रहे।
शोभायात्रा में सबसे पहले विघ्नविनाशक गणपति की झांकी शामिल रही। इसके बाद चामुंडा देवी, श्रीबांके बिहारी, शिव-पार्वती, राम दरबार और मां लक्ष्मी सहित अन्य आकर्षक झांकियों ने लोगों का ध्यान खींचा। अलग-अलग धार्मिक स्वरूपों के दर्शन के लिए लोग मार्ग के दोनों ओर खड़े रहे। झांकियों के साथ चल रहे श्रद्धालु जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ते रहे।http://agra-up-ram-ravan-army-battle-dussehra-shobhayatra-36-tableaux
राम-रावण की सेना के युद्ध ने खींचा ध्यान
शोभायात्रा में राम और रावण की सेनाओं के बीच युद्ध को सजीव रूप में प्रस्तुत किया गया। वानर सेना के सदस्य हाथों में सोटा लेकर उछल-कूद करते हुए राक्षसों को चकमा देते नजर आए। उनके पीछे रथ पर श्रीराम और लक्ष्मण के स्वरूप विराजमान थे। दूसरी ओर रावण अपनी राक्षसी सेना के साथ रथ पर दिखाई दिया। युद्ध के इस दृश्य को देखने के लिए लोग रुकते रहे। धार्मिक प्रसंग पर आधारित इस झांकी ने शोभायात्रा में खास आकर्षण पैदा किया।
हरे राम, हरे कृष्ण संकीर्तन पर झूमे श्रद्धालु
इस्कॉन मंदिर की ओर से शामिल संकीर्तन झांकी में हरे राम, हरे कृष्ण की धुन गूंजती रही। संकीर्तन के दौरान श्रद्धालु भक्ति में झूमते दिखाई दिए। भजन और जयकारों के बीच शोभायात्रा आगे बढ़ती रही। वहीं, मुंडों की माला पहने और हाथ में तलवार लिए मां काली की झांकी के सामने श्रद्धालु नतमस्तक होते नजर आए। देवी-देवताओं के विभिन्न स्वरूपों से सजी झांकियों ने शोभायात्रा को धार्मिक रंग दिया।
शोभायात्रा में शामिल झांकियों के स्वागत के लिए रास्ते में लोग जुटे रहे। जगह-जगह पुष्प वर्षा की गई। पूरे मार्ग पर भगवान श्रीराम और वीर बजरंगबली के जयकारे सुनाई देते रहे। श्रद्धालु झांकियों के दर्शन करते हुए आगे बढ़ते रहे। आयोजन में धार्मिक आस्था के साथ दशहरा पर्व की परंपरा भी दिखाई दी।http://agra-up-ram-ravan-war-maa-kali-hare-krishna-dussehra-shobhayatra
इन मार्गों से होकर गुजरी शोभायात्रा
प्राचीन श्रीरामचंद्र जी महाराज मंदिर से शुरू हुई शोभायात्रा न्यूराजामंडी, तोता का ताल, लोहामंडी बाजार और सेंट जोंस चौराहे से होते हुए खातीपाड़ा स्थित कान्हा पटेली पहुंची। रास्ते में जगह-जगह लोगों ने झांकियों का स्वागत किया। शोभायात्रा में शामिल श्रद्धालु धार्मिक जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ते रहे।
कमेटी पदाधिकारियों और सदस्यों की रही मौजूदगी
दशहरा शोभायात्रा में दशहरा कमेटी के पदाधिकारियों और सदस्यों की विशेष उपस्थिति रही। कार्यकारी अध्यक्ष हर्षित पाठक, महामंत्री मोनी पारिक, वरिष्ठ उपाध्यक्ष त्रिभुवन कठेरिया, सर्वव्यवस्था प्रमुख रामदास कटारा, कोषाध्यक्ष संजय अग्रवाल, भक्त वत्सल बंसल, पुष्पेंद्र चौधरी, दीपक चौधरी, शुभम चौधरी, देवू शर्मा, दिनेश यादव, विनोद लोधी, जितेंद्र लोधी, अनूप राणा, गौरव लोधी मौजूद रहे।
संरक्षक मंडल से अरविंद स्वरूप दास, विपिन चौधरी, श्यामानंद लोधी, बीपी श्रीवास्तव, लखपत लाल, राकेश लोधी, कमल राजपूत, मटरू सिंह, नेमी चंद यादव, शैलेंद्र चौधरी, लक्ष्मी नारायण कठेरिया, महेश लोधी, भरत बर्नबाल, मुकेश कुमार एडवोकेट, बृजेश लोधी और अर्पित पाठक मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
करीब 36 झांकियों से सजी शोभायात्रा में धार्मिक प्रसंगों, संकीर्तन और जयकारों के बीच दशहरा पर्व की छटा दिखाई दी। राम-रावण युद्ध की झांकी, इस्कॉन मंदिर का संकीर्तन और मां काली का स्वरूप लोगों के आकर्षण का केंद्र रहे। जगह-जगह हुए स्वागत के बीच शोभायात्रा निर्धारित मार्ग से होते हुए खातीपाड़ा स्थित कान्हा पटेली पहुंची।
